ग्वालियर के छात्र ने बताए यूक्रेन के खौफनाक हालात
ग्वालियर. ग्वालियर के छात्र भी यूक्रेन के कीव, खार्किव और अन्य शहरों में फंसे है, सबसे बुरे हालात में कीव शहर के छात्र है। जो 3 दिन से बंकरों में अंधेरे में छिपे है। भूखे प्यासे माइनस डिग्री टेम्प्रेचर में रहने को मजबूर है। ग्वालियर के गोला का मंदिर अमलताश कॉलोनी में रहने वाले पवन नाम के एक छात्र ने कीव शहर से सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड कर हालात बताए है।
यूक्रेन में एमबीबीएस कर रहे ग्वालियर के पवन ने बाया कि गाडियों के सायरन और धमाकों की आवाज से रूह कांप जाती है। 3 दिन बाद बंकर से बाहर निकलकर जरूरी सामान लेने आए है लेकिन मार्केट बंद है। सड़कों पर पुलिस और सेना की गाडि़यां दौड़ रही है। इसी तरह करीब एक दर्जन से ज्यादा छात्र पोलैंड बॉर्डर पर फंसे है, क्योंकि पोलैंड ने अपने बॉर्डर सील कर दिए है।
ग्वालियर के करीब 8 से 10 छात्र यूक्रेन में फंसे हैं। पवन के पिता इतवारी सिंह सोलंकी ने कलेक्टर ग्वालियर से मुलाकात कर अपने बेटे को यूक्रेन के कीव शहर से बाहर निकालने की मांग की है। इतवारी सिंह सेना रिटायर्ड नायक सूबेदार हैं। उन्होंने अपने 22 वर्षीय बेटे पवन सोलंकी को MBBS की पढ़ाई के लिए यूक्रेन भेजा था। पवन अभी MBBS के फाइनल ईयर में है।

