दतिया भाजपा में संगठन पुनर्गठन की तैयारी तेज, नरोत्तम समर्थकों को बचाने के लिए दिल्ली रवाना
ग्वालियर. दतिया विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव में पराजय के बाद भाजपा के सामने दतिया में नरोत्तम मुक्त जिला दतिया में नये सिरे से संगठन की संरचना और जिलाध्यक्ष का चयन बड़ी चुनौती माना जा रहा है। दतिया जिलाध्यक्ष की कमान सौपने के लिए भाजपा प्रभावशाली चेहरे की तलाश कर रही है, जो कि संगठन को मजबूत करने के साथ पूर्व गृहमंत्री के प्रभाव के सामने मजबूती के साथ खड़ा रह सके। प्रदेश नेतृत्व आशुतोष तिवारी की दतिया जिले में सक्रियता बनाये रखने के लिए प्रभावी भूमिका में लाने पर विचार हो रहा है। तिवारी अंचल में संभागीय संगठन दायित्व संभाल चुके हैं। उन्हें संगठन को नये सिरे से खड़ा करना और संगठन के प्रति निष्ठावान कार्यकर्ताओं को गढ़ने का अनुभव भी है।
नरोत्तम समर्थकों को बचाने के लिए दिल्ली रवाना
जिलाध्यक्ष के लिए आशुतोष तिवारी के बाद दूसरा नाम घनश्याम पिरौनिया का है, जो कि अनुसूचित वर्ग के लिए आरक्षित भांडेर से विधायक रह चुके हैं और क्षेत्र अनुसूचित वर्ग चुनाव की दृष्टि से निर्णायक भूमिका है। अकेले दतिया विधानसभा क्षेत्र में 23.8 प्रतिशत हैं। दूसरी तरफ मिश्रा समर्थकों पर शुरू हुई कार्रवाई को रोकने के लिए भोपाल व दिल्ली में नेताओं के दरवाजे में दस्तक दे रहे हैं, जिससे आगे होने वाली कार्रवाईयों से समर्थकों को बचा सके।

