MP की सबसे बड़ी 21 करोड़ ठगी मैकेनिकल इंजीनियर रतलाम से गिरफ्तार
ग्वालियर. मध्यप्रदेश की सबसे बड़ी साइबर ठगी 21.5 करोड़ रूपये के मामले में ग्वालियर राज्य साइबर जोन पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। इस मामले में पुलिस ने रतलाम से मैकेनिकल इंजीनियर अंकित वर्मा को गिरफ्तार किया है। 2 दिन पूर्व पुलिस ने उज्जैन के शाजापुर का जिला पंचायत सदस्य जगदीश मालवीय उर्फ फौजी को पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। पकड़े गये आरोपियों में बैंक खाता धारक और एपीके फाइल के माध्यम से ओटीपी फारवर्ड करने वाला गैंग का मुख्य हैंडलर शामिल है।
ठगी को ऐसे दिया अंजाम
फरियादी सीनियर चार्टड अकाउंटेंट अशोक विजयवर्गीय ने साइबर पुलिस में शिकायत एफआईआर दर्ज कराई थी। कि व्हाट्सऐप के माध्यम से उनसे ‘‘Tradecboeus’’ नाम से प्लेटफॉर्म पर ट्रेडिंग में भारी रकम निवेश कराई गयी। जांच में सामने आया है कि गैंग ने निवेशकों को फंसाने के लिये उनसे ‘‘Tradecboeus’’ नाम से एक पूरी तरह फर्जी वेबपोर्टल तैयार किया था। इस फेक वेब पेज पर ट्रेडिंग का ग्राम जानबूझकर घटना-बढ़ता दिखाया जाता था। जिससे निवेशकों को असली फायदा होने का झांसा मिलता रहे। वह अधिक से अधिक पेसा निवेश करते जाये। यह पूरा वेब पेज विदेशी आईपी एड्रेस से कंट्रोल किया जा रहा था।
APK फाइल से चुराते थे OTP
आरोपियों से पूछताछ में ठगी के बेहद चौंकाने वाले तरीके का खुलासा हुआ है। पकड़े गए आरोपियों ने कुबूल किया है कि वह किस तरह ठगी करने वाले गैंग के साथियों की मदद करते थे।
APK फाइल से ऑटो-फॉरवर्ड होता था OTP: आरोपी बिहार और मध्यप्रदेश में जाकर मोबाइल में APK फाइल एक्टिवेट करते थे। इसके बाद बैंकों से आने वाले सभी OTP अपने आप ऑटो-फॉरवर्ड होकर मुख्य हैंडलर के पास पहुंच जाते थे।
गिरोह ने फरियादी के पैसे को अलग-अलग राज्यों के दर्जनों बैंक खातों में ट्रांसफर किया। आरोपी जगदीश का खाता देश के 6 अलग-अलग राज्यों के लोगों से ठगी करने में इस्तेमाल पाया गया है, जिसके बदले उसे हर ट्रांजेक्शन पर 2% कमीशन मिलता था।
सागर से पकड़ाया मुख्य हैंडलर
साइबर पुलिस महानिरीक्षक शियाज ए. एवं पुलिस अधीक्षक प्रणय नागवंशी के मार्गदर्शन में निरीक्षक मुकेश नारोलिया की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर घेराबंदी कर दोनों आरोपियों जगदीश मालवीय (41 वर्ष): निवासी ग्राम सिमरोल, शाजापुर, अंकित वर्मा (31 वर्ष): निवासी इंद्रानगर, रतलाम को पकड़ा।
जगदीश के बंधन बैंक के खाते में 50 लाख रुपए का ट्रांजेक्शन हुआ था। यह पूरी रकम सीए से ठगी गई रकम थी। जबकि अंकिम मैकेनिकल इंजीनियर है और यह फर्जी बैंक खाते, सिम कलेक्शन और APK फाइल हैंडलिंग का काम संभालता था। गिरोह से जुड़े अन्य अंतरराज्यीय सदस्यों के बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।

