एएसआई 5 लाख रूपये की रिश्वत लेते हुए दबोचा गया, बिचौलिया बना भाजपा पार्षद
भोपाल. एएसआई पवन रघुवंशी को 5 लाख रूपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथो दबोचा गया है। इस मामले में भाजपा पार्षद अंशुल राइस मिल भी संचालित करता है। बुधवार को एएसआई पवन रघुवंशी से हिरासत में लेकर पूछताछ की गयी है। पुलिस के अनुसार पवन को नोटिस पर छोड़ा जाता है लेकिन वह पहले ही अण्डरग्राउण्ड हो गया। एएसआई मनोज और हैड कान्स्टेबल धर्मेन्द्र भी फरार है। ऐशबाग थाने के निलंबित प्रभारी जितेन्द्र गढ़वाल स्वयं को निर्दोष बताते हुए अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। उनका दावा है कि पवन ने बदले की नीयचत से उन्हें फंसाया है।
डील और ट्रैप की कहानी
पवन रघुवंशी पहले ही लाइन अटैच हो चुका था। इसलिये टीआई ने उसके माध्यम से डील करने की प्लानिंग की थी। एएसआई मनोज को पवन से संपर्क कर रिश्वत की रकम लेने और सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी सौंपी गयी है। मनोज ने हैड कान्स्टेबल धर्मेन्द्र के साथ मिलकर पवन का पूरा प्लान बताया और उसे भी रकम में हिस्सा देने का विश्वास दिलाया। पहले डील मंगलवार की रात तय थी। लेकिन मोना उसी रात बाय रोड भोपाल पहुंचा। बुधवार को पवन के बताये अनुसार वह उसके घर पर रिश्वत देने पहुंचा। इस बीच क्राइम ब्रांच समेत 5 थानिों की पुलिस सादा कपड़ों में निगरानी कर रही थी। जैसे ही पवन पैसे लेकर घर के भीतर प्रवेश किया, पुलिस ने दविश देकर उसे रंगे हाथों पकड़ लिया।
निलंबित थाना प्रभारी बोला -फंसाया गया
निलंबित थाना प्रभारी जितेन्द्र गढ़वाल ने सफाई दी कि उनकी शिकायत के बाद पवन को 3 दिन पहले ही लाइन अटैच किया गया था। जिससे वह नाराज था। ट्रैप होने के बाद पवन ने उन्हें फंसाने का प्रयास किया। गढ़वाल का दावा है कि जब रिश्वत कांड हुआ, त बवह भोपाल में नहीं थे, बल्कि मुईन की गिरफ्तारी के लिये टीकमगढ़ गये हुए थे।
अफजल को आज कोर्ट में पेश किया जाएगा
ऐशबाग पुलिस ने ठगी के कॉल सेंटर के संचालक अफजल खान को तीन दिन की रिमांड पर लिया था, जिसकी अवधि आज खत्म हो रही है। पुलिस उसे कोर्ट में पेश करेगी। सूत्रों के मुताबिक, अफजल की और रिमांड की मांग नहीं की जाएगी और उसे कोर्ट के आदेश पर जेल भेजा जा सकता है।

