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Sri Lanka Crisis- श्रीलंका में राष्ट्रपति का इस्तीफा तय, गोटबाया राजपक्षे के घर पर प्रदर्शनकारियों का कब्जा

कोलंबो.  Sri Lanka Crisis श्रीलंका में सैकड़ों प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे के इस्तीफे की मांग करते हुए शनिवार को मध्य कोलंबों के सुरक्षा वाले फोर्ट इलाके में अवरोधकों को हटाकर उनके (राष्ट्रपति के) आधिकारिक आवास में घुस गये। प्रदर्शनकारी देश में गंभीर आर्थक संकट को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। राजपक्षे पर मार्च से ही इस्तीफा देने का दबाव बढ़ रहा है। वह अप्रैल में प्रदर्शनकारियों द्वारा उनके कार्यालय के प्रवेश द्वार पर कब्जा करने केबाद से ही राष्ट्रपति आवास को अपने आवास तथा कार्यालय के तौर पर उपयोग कर रहे हैं।
राष्ट्रपति आवास में काम करने वाले लोगों ने बताया कि शनिवार के प्रदर्शन के मद्देनजर राष्ट्रपति राजपक्षे ने शुक्रवार को ही आवास खाली कर दिया था। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिये उन पर आंसू गैस के गोले छोड़ और पानी की बौछारें की तथा गोलियां चलाई, लेकिन फिर भी प्रदर्शेनकारी अवरोधकों को हटाकर राष्ट्रपति आवास में घुस गये। इस दौरान, पीएम रानिल विक्रमसिंघे ने जनता के प्रर्दॅान से देश में पैदा हुए संकट पर चर्चा करने के लिये शनिवार का राजनीतिक दल के नेताओं की तत्काल बैठक बुलाई। विक्रमसिंघे के कार्यालय से जारी एक बयान में कहा गया है कि उन्होंने पार्टी की तत्काल बैठक बुलाई है और स्पीकर से त्तकाल संसद का सत्र बुलाने का अनुरोध किया है।

कर्फ्यू लगाया गया

पुलिस के मुताबिक पश्चिमी प्रांत में सात पुलिस संभागों में कर्फ्यू लगाया गया था जिसमें नेगोंबो, केलानिया, नुगेगोडा, माउंट लाविनिया, उत्तरी कोलंबो, दक्षिण कोलंबो और कोलंबो सेंट्रल शामिल है।  यह कर्फ्यू शुक्रवार रात 9 बजे से अगली सूचना तक लागू किया गया था । श्रीलंका के बार एसोसिएशन ने कर्फ्यू का विरोध करते हुए इसे अवैध और मौलिक अधिकारों का हनन करार दिया था । बार एसोसिएशन ने एक बयान में कहा, ‘इस तरह का कर्फ्यू स्पष्ट रूप से अवैध है और हमारे देश के लोगों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है जो अपने मूल अधिकारों की रक्षा करने में राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे और उनकी सरकार की विफलता को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे है। ’ श्रीलंका के मानवाधिकार आयोग ने कर्फ्यू को मानवाधिकारों का घोर हनन बताया है।  गौरतलब है कि 2.2 करोड़ की आबादी वाला देश श्रीलंका मौजूदा समय में गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहा है।

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