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MP के 42 जिलों में बारिश, 13 में ओले गिरे, कई जगह फसलें बर्बाद

भोपाल. साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन की सक्रियता के चलते मध्य प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। 24 घंटे के दौरान प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई। शुक्रवार सुबह से भी कई जिलों में बारिश का दौर जारी है, जिससे मौसम ठंडा हो गया है और जनजीवन प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश के 42 जिलों के 112 शहरों और कस्बों में बारिश हुई। इनमें इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, उज्जैन, सागर, जबलपुर समेत कई बड़े शहर शामिल हैं। सबसे ज्यादा बारिश धार के बदनावर और बैतूल के घोड़ा डोंगरी में करीब पौन इंच दर्ज की गई। वहीं बड़वानी, सेंधवा, भैंसदेही, मुलताई, भोपाल और दमोह समेत कई जगहों पर आधा इंच या उससे ज्यादा पानी गिरा।

ग्वालियर और आसपास के इलाकों में भी पानी गिरा।
खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा
इधर, 13 जिलों में ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। शिवपुरी,आलीराजपुर, बड़वानी, बैतूल, झाबुआ, खंडवा, आगर-मालवा, विदिशा, छिंदवाड़ा, जबलपुर, दमोह, सिवनी और छतरपुर में ओले गिरने से खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा है।

शिवपुरी में लोग छाता लेकर घरों से निकले।
आगर में 74km की रफ्तार से चली हवा
तेज आंधी ने भी कई इलाकों में असर दिखाया। आगर-मालवा में सबसे तेज 74 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चली, जबकि सीहोर में 54 किमी, बड़वानी और नरसिंहपुर में 46 किमी, आलीराजपुर में 43 किमी की रफ्तार दर्ज की गई। भोपाल, सागर, इंदौर और जबलपुर समेत कई शहरों में 35 से 40 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं। मौसम में आए इस बदलाव से जहां एक ओर गर्मी से राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर आंधी और ओलावृष्टि ने किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाया है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना जताई है।

 

 

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