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भोपाल पुलिस ऑफिसर्स मेस में आध्यात्मिक गुरु कमलेश पटेल ने कराया योग एवं ध्यान

भोपाल -पुलिस कर्मियों में मानसिक संतुलन, आंतरिक शांति एवं सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भोपाल स्थित पुलिस ऑफिसर्स मेस में विशेष योग एवं ध्यान (मेडिटेशन) सत्र का आयोजन किया गया। इस सत्र का संचालन विश्वविख्यात आध्यात्मिक गुरु एवं हार्टफुलनेस संस्थान के मार्गदर्शक श्री कमलेश पटेल (दाजी) द्वारा किया गया।
इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने कहा कि यह दिवस मानसिक शांति, सकारात्मकता एवं संतुलित जीवन की दिशा में प्रेरित करने वाला है। उन्होंने कहा कि फरवरी 2025 में हार्टफुलनेस संस्थान के साथ हुए एमओयू के बाद प्रदेश की पुलिस इकाइयों में ध्यान एवं योग गतिविधियों को व्यापक रूप से क्रियान्वित किया गया है। पुलिस की 24 घंटे की तनावपूर्ण ड्यूटी को देखते हुए यह पहल कर्मियों को मानसिक राहत देने में अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रही है।
उन्होंने बताया कि वर्ल्ड मेडिटेशन डे के अवसर पर प्रदेश के लगभग 2800 स्थानों पर 50 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की सक्रिय सहभागिता एक महत्वपूर्ण उपलब्धि रही।डीजीपी ने कहा कि सभी पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों से नियमित ध्यान एवं योग अपनाने का आह्वान किया तथा इस पहल के प्रभाव का निष्पक्ष मूल्यांकन कराने का सुझाव भी दिया। उन्होंने दाजी एवं संस्थान की टीम के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे पुलिस बल के लिए अत्यंत उपयोगी पहल बताया।
इस अवसर पर हार्टफुलनेस संस्थान के मार्गदर्शक श्री कमलेश पटेल (दाजी) ने कहा कि हार्टफुलनेस ध्यान पद्धति अन्य ध्यान प्रणालियों से भिन्न है, जिसमें प्राण ऊर्जा के माध्यम से साधक की चेतना को उच्च स्तर तक विकसित करने का प्रयास किया जाता है।

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हाईकोर्ट और जिला न्यायालय मे ंबम की तलाशी की, पुलिस बोली मॉक ड्रिल थी

बीडीएस की टीम छानबीन करते हुए।

ग्वालियर. मप्र हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच परिसर और जिला न्यायालय परिसर मे ंबम डिस्पोजल स्कवॉड ने सर्चिंग कर बम की तलाश की। जब बम डिस्पोजल टीम तलाश कर रही थी तो यह खबर भी फैल गयी थी कि हाईकोर्ट मे ंबम से उड़ाने की धमकी दी गयी है। लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं मिला। वहीं इस तलाशी पर ग्वालियर पुलिस का कहना है कि यही रूटीन चेंिग के तहत मॉक ड्रिल थी। कहीं से भी कोई धमकी नहीं दी गयी है। हर महीने एक से 2 इस तरह की मॉक ड्रिल की जाती है। इस मॉक ड्रिल के चलते बम डिस्पोजल स्क्वॉड ने कड़ी चेकिंग कर न्यायालय परिसर का कोना-कोना छान लिया।
पुलिस बोली यह तो मॉक ड्रिल थी
ग्वालियर हाईकोर्ट में शुक्रवार दोपहर अचानक पुलिस की बढ़ती उपस्थिति और बम डिस्पोजल स्क्वॉड (बीडीएस) की टीम को देखकर अफवाह उड़ गई कि हाईकोर्ट में बम होने की सूचना है। लेकिन वहां मौजूद बीडीएस टीम ने लोगों को बताया कि यह एक मॉक ड्रिल का हिस्सा है। उन्हें इस तरह से कार्रवाई करनी है, जैसे किसी आपातकालीन स्थिति में की जाती है। बीडीएस दल ने हाईकोर्ट परिसर के बाद जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर में भी पहुंचकर छानबीन की। इस दौरान वहां कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही। कोर्ट परिसर में मॉक ड्रिल के तहत बम डिटेक्ट कर रही टीम पूरी तरह एंटी बम डिस्पोजल स्क्वॉड से लैस थी। आसपास पुलिस भी मौजूद रही। इस दौरान किसी भी बाहरी व्यक्ति को अंदर नहीं जाने दिया गया।
ग्वालियर एसएसपी धर्मवीर सिंह से जब पूछा गया तो उनका कहना था कि धमकी मिली है, ऐसा कुछ भी इनपुट नहीं है। यह नियमित मॉकड्रिल का एक पार्ट है। हर माह इस तरह की मॉकड्रिल कोर्ट परिसर में की जाती है।

 

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MP के 42 जिलों में वर्षा, 19 जिलों में गिरे ओले, धार में लगी केले की फसल बर्बाद

एमपी के कई जिलों में बारिश और ओले गिरने से फसलों को नुकसान हुआ है। - Dainik Bhaskar

भोपाल. साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन की सक्रियता के चलते मध्यप्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ले ली हे। 24 घंटे के बीच राज्य के अधिकांश भागों में तेज आंधी, वर्षा और ओलावृष्टि दर्ज की गयी है। शुक्रवार की सुबह से भी कई जिलों में वर्षा का दौर जारी है। जिससे मौसम ठंडा हो गया जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य के 42 जिलों केि 112 शहरों और गांवों में वर्षा हुई है। इनमें ग्वालियर, भोपाल, इन्दौर, उज्जैन, जबलपुर, सागर सहित कई बड़े शहर शामिल हे। सबसे अधिक वर्षा धार के बदनावर और बैतूल के घोड़ा डोंगरी में लगभग पौन इंच दर्ज की गयी है। वहीं, बड़वानी, सेंधवा, भैंसदेही, मुलताई, दमोह और भोपाल सहित कई ठिकानों पर आधा इंच या उससे अधिक पानी गिरा है।


इधर, 19 जिलों में ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। मंदसौर, शिवपुरी, आलीपुर, बड़वानी, बैतूल, झाबुआ, खण्डवा, आगर मालवा, विदिशा, छिंदवाड़ा, जबलपुर, दमोह, छतरपुर और सिवानी में ओले गिरने से खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा है। वहीं रायसेन नेशनल हाइवे पर बर्फ की चार बिछ गयी।
आगर में 74km की रफ्तार से चली हवा
तेज आंधी ने भी कई इलाकों में असर दिखाया। आगर-मालवा में सबसे तेज 74 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चली, जबकि सीहोर में 54 किमी, बड़वानी और नरसिंहपुर में 46 किमी, आलीराजपुर में 43 किमी की रफ्तार दर्ज की गई। भोपाल, सागर, इंदौर और जबलपुर समेत कई शहरों में 35 से 40 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं। मौसम में आए इस बदलाव से जहां एक ओर गर्मी से राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर आंधी और ओलावृष्टि ने किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाया है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना जताई है।

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नवरात्र में ट्रेनों की सुरक्षा बढ़ी, झांसी रोड पर आरपीएफ का विशेष बंदोबस्त

ग्वालियर. नवरात्र के दौरान शहर के प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड उमडने को देखते हुए रेलवे सुरक्षा बल आरपीएफ ने झांसी रोड क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कडी कर दी है। खासकर शीतला माता मंदिर में 9 दिनों तक चलने वाली पूजा के कारण रातभर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रहती है। पिछले वर्षों में रात के समय झांसी रोड से गुजरते हुए कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा ट्रेनों पर पत्थरबाजी की घटनाए सामने आई थी जिससे कई ट्रेनों को नुकसान पहुंचा। इसी को ध्यान में रखते हुए इस बार आरपीएफ ने एहतियात के तौर पर अतिरिक्त जवान तैनात किए है।
संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी
रेलवे जानकारों के अनुसार रात में ग्वालियर-शिवपुरी रेलखंड पर कई ट्रेनों का संचालन होता है इसलिए सुरक्षा इंतजाम और भी महत्वपूर्ण हो जाते है। यात्रियों और रेल संपत्ति की सुरक्षा सुनिशित करने के लिए संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
रात में विशेष गष्त
नवरात्र के दौरान बढती भीड को देखते हुए झांसी रोड के आसपास आरपीएफ की टीम लगातार गशत करेगी। रात में आरपीएफ टीआई के नेतृत्व में अतिरिक्त स्टाफ ड्यूटी पर रहेगा ताकि किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके। अधिकारियों ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा के साथ-साथ रेल यातायात को बाधित होने से बचाना प्राथमिकता है। असामाजिक गतिविधि करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। रेलवे ने नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है, ताकि त्योहार शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से आयोजित हो सके।

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MP के 42 जिलों में बारिश, 13 में ओले गिरे, कई जगह फसलें बर्बाद

भोपाल. साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन की सक्रियता के चलते मध्य प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। 24 घंटे के दौरान प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई। शुक्रवार सुबह से भी कई जिलों में बारिश का दौर जारी है, जिससे मौसम ठंडा हो गया है और जनजीवन प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश के 42 जिलों के 112 शहरों और कस्बों में बारिश हुई। इनमें इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, उज्जैन, सागर, जबलपुर समेत कई बड़े शहर शामिल हैं। सबसे ज्यादा बारिश धार के बदनावर और बैतूल के घोड़ा डोंगरी में करीब पौन इंच दर्ज की गई। वहीं बड़वानी, सेंधवा, भैंसदेही, मुलताई, भोपाल और दमोह समेत कई जगहों पर आधा इंच या उससे ज्यादा पानी गिरा।

ग्वालियर और आसपास के इलाकों में भी पानी गिरा।
खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा
इधर, 13 जिलों में ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। शिवपुरी,आलीराजपुर, बड़वानी, बैतूल, झाबुआ, खंडवा, आगर-मालवा, विदिशा, छिंदवाड़ा, जबलपुर, दमोह, सिवनी और छतरपुर में ओले गिरने से खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा है।

शिवपुरी में लोग छाता लेकर घरों से निकले।
आगर में 74km की रफ्तार से चली हवा
तेज आंधी ने भी कई इलाकों में असर दिखाया। आगर-मालवा में सबसे तेज 74 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चली, जबकि सीहोर में 54 किमी, बड़वानी और नरसिंहपुर में 46 किमी, आलीराजपुर में 43 किमी की रफ्तार दर्ज की गई। भोपाल, सागर, इंदौर और जबलपुर समेत कई शहरों में 35 से 40 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं। मौसम में आए इस बदलाव से जहां एक ओर गर्मी से राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर आंधी और ओलावृष्टि ने किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाया है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना जताई है।

 

 

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प्रीमियम पेट्रोल ₹2.35 प्रति लीटर तक महंगा हुआ

नई दिल्ली. सरकारी तेल कंपनियों ने स्पीड और पावर जैसे प्रीमियम पेट्रोल की कीमतें शुक्रवार को 2.09- 2.35 प्रति लीटर तक बढा दी है। यह बढोतरी अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग के चलते कच्चे तेल की कीमतें बढने की वजह से की गई है। यह बढोतरी अलग-अलग राज्यों और शहरों के हिसाब से अलग-अलग हो सकती है। प्रीमियम पेट्रोल की बढी हुई कीमतें तत्काल प्रभाव से लागू मानी जा रही है। प्रीमियम पेट्रोल बीपीसीएल का स्पीड, एचपीसीएल का पावर और आईओसीएल का एक्सपी95 के नाम से बिकता है। वहीं सामान्य पेट्रोल पुराने दाम पर ही मिलता रहेगा। फिलहाल इनके दामों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
प्रीमियम पेट्रोल की कीमते क्यों बढी
प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में इजाफे के पीछे मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढाव और प्रीमियम फ्यूल में मिलाए जाने वाले एडिटिव्स की लागत बढना माना जा रहा है। सामान्य पेट्रोल के मुकाबले यह पहले से ही 5 से 10 रुपए महंगा होता है। अब इस बढोतरी के बाद यह अंतर और बढ जाएगा।
लग्जरी कार या हाई परफॉरमेंस स्पोर्ट्स बाइक्स पर ज्यादा पडेगा
आम जनता के लिए राहत की बात यह है कि बेस फ्यूल यानी सामान्य पेट्रोल और डीजल की कीमतों को नहीं छेडा गया है। तेल कंपनियों ने आखिरी बार मार्च 2024 में आम पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 2 रुपए कटौती की थी। प्रीमियम फ्यूल की बिक्री कुल पेट्रोल बिक्री का एक छोटा हिस्सा होती है इसलिए इस बढोतरी का असर उन लोगों पर ज्यादा पडेगा जिनके पास लग्जरी कारें या हाई-परफॉरमेंस स्पोर्ट्स बाइक्स है।

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लारिजानी की मौत के बाद ईरान को 2 बड़े नुकसान मारे गये IRGC के प्रमुख जनरल इस्माइल अहमदी -प्रवक्ता मोहम्मद नैनी

नई दिल्ली. इजरायल के ताजा हमले में ईरान को 2 बड़े झटके लगे है। ईरान ने बताया है कि इजरायली हवाई हमले में इस्लामिक रिव्यूलेशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के प्रवक्ता अली मोहम्मद नैनी और दूसरे हमले में ईरान के बासिज फोर्स के खुफिया प्रमुख जनरल इस्माइल अहमदी की मौत हो गयी है। इजरायल के ताजा हमले में ईरान को एक और बड़ा नुकसान हुआ है। ईरान ने कहा है कि इजराइली हवाई हमले में इस्लास्मिक रिव्यूलेश्नरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के प्रवक्ता अली मोहम्मद नैनी की मौत हो गयी है। ब्रिगेडियर जनरल अली मोहम्मद नैनी ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के प्रवक्ता और जनसंपर्क के उप-प्रमुख थे।
उन्हें जुलाई 2024 में IRGC  के कमाण्डर इन चीन हुसैन सलामी ने इस पद पर नियुक्त किया गया था। 1957 में जन्मे नैनी ईरान-इराक युद्ध के अनुभवी सैनिक थे। इस युद्ध के दौरान यह जख्मी भी हुए थे। नैनी के पास उनके सेकेंण्ड ब्रिगेडियर जनरल का पद था। नैनी अक्सर आईआरजीसी की तरफ से बयान जारी करते थे। जिनमें ईरान की सैन्य तत्परता, मिसाइल और ड्रोन क्षमताओं के संबंध में चेतावनियां होती थी।
17 मार्च को अली लारिजानी मारे गए
इससे पहले इजरायल के हमले में ईरान के डी फैक्टो लीडर अली लारिजानी की 17 मार्च 2026 को मौत हो गई थी।  यह हमला रात में हुआ था जब वे अपनी बेटी के घर पर थे. इस हमले में उनके बेटे, कुछ अंगरक्षक और अन्य साथी भी मारे गए।  लारिजानी को खामेनेई की मौत के बाद ईरान का अस्थायी प्रमुख माना जा रहा था।  उनकी मौत ने ईरान के नेतृत्व में बड़ा संकट पैदा किया है।

 

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स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का टेंशन जल्द होगा समाप्त, आया नया प्लान इस रास्ते से जायेगा तेल-गैस

नई दिल्ली. इजराइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने नया प्लान प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा हैकि ईरान के बाद तेल और गैस का फ्लो इजरायल से होकर जाना चाहिये, साथ ही उन्होंने अरब प्रायद्वीप के पार इजराइली पोर्ट तक पाइपलाइन बिछाने का प्रस्ताव रखा है। जो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और अन्य खाड़ी जलमार्ग में चोक प्वॉइंट के खतरों को समाप्त कर देगा। नया ग्लोबलस प्लाई चेन बना सकता है।
इजरायली नेतन्याहू ने दुनिया के सामने प्रस्ताव रखते हुए कहा है कि इसके लिये अरब प्रायद्वीप से पश्चिम की ओर इजराइल तक और फिर भू मध्यसागरीय बंदरगाहों तक, तेल और गैस की पाइपलाईन बिछानी होगी। इसकेबाद सदैव के लिये स्ट्रेट ऑफ होमु्रज और अन्य खाड़ी जलमार्ग के चोक प्वॉइंट की टेंशन समाप्त हो जायेगी। उन्होंने कहा है कि यह अहम बदलाव वॉर ख्सत्म होने के बाद शुरू किया जा सकता है। नेतन्याहू का यह बयान, इजराइल द्वारा ईरान के मुख्य गैस इलाके पर हमले के एक दिन बाद आया है। जिसने मिडिल ईस्ट में टेंशन और पैदा कर दी है। ईरान और इजराइल के बीच इस बात को लेकर भी संघर्ष तेज हो सकता है।

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हीलियम संकट से दुनिया में आया संकट, कतर पर ईरानी हमले से पूरी टेक इंडस्ट्री लाइफ सपोर्ट पर

नई दिल्ली. ईरान और अमेरिका-इजरायल युद्ध में अब एक नया मोड़ आ गया है। ईरान ने कतर के सबसे बड़े गैस प्लां टरास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी पर मिसाइल और ड्रोन हमला कर दिया है। यह प्लांट दुनिया का सबसे बड़ा एलएनजी (तरलीकृत प्राकृतिक गैस) प्लांट है। हमले से प्लांट में आग लग गयी और भारी नुकसान हुआ है। कतर एनर्जी के सीईओ ने बताया है कि प्लांट की 17 प्रतिशत क्षमता पर काम कर रही है। फिलहाल 3-5 वर्ष तक के लिये बन्दर रहेगी। इसे ठीक करने में इतना वक्त लगेगा। सबसे बड़ी समस्या यह है कि हीलियम गैस का उत्पादन भी रूक गया है। कतर दुनिया का 33प्रतिशत हीलियम सप्लाई करता था। अब पूरी दुनिया का एक तिहाई हीलियम एक रात में गायब हो गया।
क्या है हीलियम और क्यों है जरूरी
ळीलियम एक बहुत हल्की और ठंडी गैस है यह चिप फैक्ट्री (सेमीकंडक्टर) में मशीनों को ठंडा रखने के लिये, एमआरआई मशीन में, रॉकेट फ्यूल औरकई इंडस्ट्री में उपयोग लाई जाती है। इसके कोई सस्ता विकल्प नहीं है। अब सप्लाई बन्द होने से कीमतें दुगुनी हो गयी है। कई देशों में संकट शुरू हो गया है।

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रिमझिम फुहार से बदला मौसम का मिजाज

ग्वालियर. शुक्रवार की सुबह से ही मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है। सुबह से ही ठंण्डी हवा महसूस की गयी है तो 10.30 बजे बूंदाबांदी शुरू हुई थी। कुछ ही देर के बाद हल्की वर्षा शुरू हो गयी, जिससे तापमान में और गिरावट आयेगी। वर्षा की वजह से शाम जैससा अंधेराहो गया। जिस वजह से गाडि़यों को लाइट जलाकर चलाना पड़ा। गुरूवार की शाम को हुई वर्षा का प्रभाव शुक्रवार की सुबह साफ दिखाई दिया। न्यूनतम तापमान 19.2 डिग्री सेल्यिस दर्ज किया गया। जिससे लोगों को ठंण्डा का एहसास हुआ। मौसम विभाग के मुताबिक देश के विभिन्न हिस्सों में सक्रिय मौसमी सिस्टम का प्रभाव चम्बल अंचल में भी देखने को मिल रहा है।
बारिश का अलर्ट
गुरुवार को अधिकतम तापमान 34.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, लेकिन शाम होते-होते मौसम ने करवट ले ली। बारिश और रातभर चली ठंडी हवाओं ने गर्मी को पूरी तरह कम कर दिया। विभाग ने अगले 48 घंटों में तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना जताई है।
मौसम में इस बदलाव को देखते हुए चिकित्सकों ने सतर्क रहने की सलाह दी है। विशेषज्ञों के अनुसार अचानक बदलते तापमान का असर बच्चों और बुजुर्गों पर ज्यादा पड़ सकता है। डॉ. अजय पाल ने सलाह दी है कि बच्चों को एसी से दूर रखें, हल्की ठंडी हवा में रखें और पूरे कपड़े पहनाएं। साथ ही बुजुर्गों का भी विशेष ध्यान रखने की जरूरत है।