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MP में स्मार्ट मीटर से 20 प्रतिशत तक की छूट

भोपाल. राजधानी भोपाल में स्मार्ट मीटरों की संख्या लगातार बढ़ रही है। मई 2026 तक भोपाल के पांच बिजली वितरण संभागों में कुल 6.17 लाख बिजली उपभोक्ताओं में से 4.50 लाख से अधिक उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को टाइम आफ डे (टीओडी) योजना का लाभ भी मिल रहा है। मई माह में ही उपभोक्ताओं को 368.23 लाख रुपये यानी करीब 3.68 करोड़ रुपये की रिबेट दी गई।
सटीक बिलिंग और रीडिंग में सुधार
मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अनुसार स्मार्ट मीटर में हर 15 मिनट में बिजली खपत का डेटा अपडेट होता है। इससे उपभोक्ता अपनी खपत को समझकर अनावश्यक बिजली उपयोग कम कर सकते हैं।
रियल टाइम डेटा उपलब्ध होने से मीटर रीडिंग के लिए कर्मचारियों के घर जाने की जरूरत नहीं रहती। निर्धारित तिथि पर बिल तैयार होकर उपभोक्ता के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर पहुंच जाता है। कंपनी का दावा है कि स्मार्ट मीटर से बिलिंग अधिक सटीक हुई है और रीडिंग में त्रुटियों की संभावना लगभग खत्म हो गई है।
टीओडी योजना से बिजली बिल में राहत
नए टैरिफ के तहत स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को निर्धारित समय में बिजली का उपयोग करने पर टीओडी योजना के अंतर्गत बिजली दरों में 20 प्रतिशत तक की छूट मिल रही है। इससे उपभोक्ताओं को बिजली बिल कम करने में मदद मिल रही है और ऊर्जा संरक्षण को भी बढ़ावा मिल रहा है।

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ग्वालियर में कोचिंग संस्थानों पर प्रशासन ने की कार्रवाई, दो कोचिंग सेंटर सील

ग्वालियर. लखनऊ के कोचिंग सेंटर में आग लगने से छात्रों की मौत की र्हदयविदारक घटना के बाद ग्वालियर में भी अलर्ट है। शहर में ज्यादा से ज्यादा कोचिंग सेंटर्स के पास फायर सेफ्टी नहीं है। मंगलवार को नगर निगम के फायर ब्रिगेड दस्ते ने शहर के कोचिंग संस्थानों पर छापामार कार्रवाई शुरू कर दी है। कार्रवाई करते हुए दो कोचिंग सेंटरों को सील कर दिया गया है। शहर में 90 प्रतिशत कोचिंग सेंटर में इमरजेंसी एग्जिट तक नहीं है।

टीम द्वारा सील किया गया कोचिंग सेंटर। - Dainik Bhaskar
लक्ष्मीबाई कॉलोनी में संचालित विज्ञान पथ कोचिंग को सील किया
नगर निगम की टीम ने सबसे पहले भी कृषि संस्थान कोचिंग में छापा मारा। यहां लगे फायर सिलेंडर की डेट एक्सपायर मिली। कुछ सिलेंडर पूरी तरह खाली थे। इसके अलावा फायर सेफ्टी से संबंधित किसी प्रकार दस्तावेज और इंतजाम कोचिंग में नहीं थे। इसके बाद निगम ने कोचिंग को सील कर दिया। दूसरी कार्रवाई लक्ष्मीबाई कॉलोनी में संचालित विज्ञान पथ कोचिंग पर की गई। यहां भी कुछ सिलेंडर सही थे तो कुछ सिलेंडर खाली और एक्सपायरी डेट के मिले। जिन्हें जप्त किया गया। इसके अलावा इसके अलावा फायर सेफ्टी से संबंधित किसी प्रकार दस्तावेज और इंतजाम कोचिंग में नहीं थे। कोचिंग संस्थान के डायरेक्टर ऑफिस को सील किया गया।
ग्वालियर में केवल 3 या 4 बड़े कोचिंग संस्थानों के पास ही वैध सेवाएं
1050 कोचिंग सेंटर: शहर में छोटे-बड़े मिलाकर लगभग 1050 से अधिक कोचिंग संस्थान संचालित हो रहे हैं।
इनमें से करीब 40 से 50 ऐसे बड़े संस्थान हैं, जहां रोजाना हजारों की संख्या में छात्र-छात्राएं पढ़ने आते हैं।
1050 से ज्यादा संस्थानों में से केवल 3 या 4 बड़े कोचिंग संस्थानों के पास ही वैध सेवाएं और पुख्ता इंतजाम उपलब्ध हैं।
कहां कहां संचालित हो रहे संस्थान
ग्वालियर में प्रतिदिन हजारों छात्र विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं और शैक्षणिक पाठ्यक्रमों की तैयारी के लिए कोचिंग संस्थानों में पहुंचते हैं। शहर के महाराज बाड़ा, सिटी सेंटर, गोला का मंदिर, मुरार और अन्य क्षेत्रों में बड़ी संख्या में कोचिंग सेंटर संचालित हो रहे हैं। इनमें से कई संस्थानों में सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आ चुकी है। कई जगहों पर न तो फायर एनओसी उपलब्ध है और न ही आग लगने जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं।
चलाया जाएगा अभियान
नगर निगम के फायर विभाग ने स्पष्ट किया है कि अब जांच अभियान पूरी गंभीरता के साथ चलाया जाएगा। जिन संस्थानों में सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया जाएगा, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर संस्थानों को नोटिस जारी किए जाएंगे और गंभीर मामलों में सीलिंग की कार्रवाई भी की जा सकती है।

 

 

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एथेनॉल से पेट्रोल टैंक में जम रही काली फंगस, माइलेज घटा, सर्विसिंग का खर्च दोगुना

नई दिल्ली. विक्रम दिल्ली के पालिका भवन में काम करते हैं। तीन साल पहले पुरानी कार खरीदी। एक साल बाद ही कार के फ्यूल सिस्टम में दिक्कत आ गई। पता चला कि कार में सिर्फ 10 प्रतिशत एथेनॉल (ई 10) वाला पेट्रोल ही डाल सकते थे, लेकिन 20 प्रतिशत एथेनॉल वाला, यानी ई20 फ्यूल डाल दिया गया। इसका असर कार के माइलेज पर भी दिख रहा है। पहले साल में कार की सर्विसिंग में 15-20 हजार रुपए खर्च हुए। अगले साल खर्च दोगुना हो गया।
100 प्रतिशत एथेनॉल फ्यूल लाने की तैयारी
पालिका भवन में ही 22 साल के कुणाल कार रिपेयर कराने पहुंचे। वे कहते हैं, ‘जब से पेट्रोल में चींटी लगने का वीडियो देखा, तब से गाड़ी खराब होने का डर सताने लगा। इसलिए पावर पेट्रोल ही भरवा रहा हूं। गाड़ियों को लेकर ये फिक्र अकेले विक्रम या कुणाल की नहीं है। सोशल मीडिया पर भी एथेनॉल फ्यूल से गाड़ियों में गड़बड़ी का दावा करने वाले ढेरों वीडियो शेयर हो रहे हैं। देश में 5 जून को फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों के लिए डिजाइन 85 प्रतिशत एथेनॉल वाला ई85 भी लॉन्च कर दिया गया। आगे 100 प्रतिशत एथेनॉल फ्यूल लाने की तैयारी है। अभी ई20 फ्यूल का गाड़ियों पर क्या असर हो रहा है, ये जानने के लिए हम दिल्ली के सबसे बड़े कार रिपेयरिंग मार्केट पालिका पहुंचे।
फ्यूल टैंक में काली फंगस जमने से जंग लग रही
दीपक राज यहां 20 साल से कार रिपेयरिंग का काम कर रहे हैं। वो कहते हैं, 2 साल से गाड़ियों में फ्यूल से जुड़ी दिक्कतें बढ़ गई हैं। फ्यूल टैंक में काई जमा होने की शिकायतें मिल रही हैं। दरअसल एथेनॉल में पानी सोखने की क्षमता होती है, जिसकी वजह से फ्यूल के सेंसर खराब हो रहे हैं। टैंक में काली परत सी जमी दिखती है, जिसकी वजह से फ्यूल पंप में जंग लग रही है। दीपक आगे कहते हैं, जब से पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा बढ़ी है, तब से फ्यूल से जुड़े पार्ट्स फ्यूल सेंसर, पंप और फिल्टर तीनों में दिक्कत आ रही है। पिछले 1 महीने में मर्सिडीज की 6-7 गाड़ियों में एक जैसी ही दिक्कत देखी गई।

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सड़क किनारे खड़े 3 लोगों को कार ने कुचला, उपचार के बीच तीनों की हुई मौत

मुरैना. अम्बाह के किशनपुरा रोड स्थित नेशनल हाइवे-552 पर सोमवार की देर रात को एक तेज रफ्तार कार ने सड़क किनारे खड़े 3 लोगों को कुचल दिया। घटना में तीनों गंभीर रूप से घायल है। घायलों को पहले अम्बाह अस्पताल ले जाया गया। जहां से उनक नाजुक हालत को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर किया गया है। उपचार के दौरान मंगलवार की सुबह जिला अस्पताल में तीनों की मौत हो गयी। पुलिस न तीनों के शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों का सौंप दिया है।
सड़क किनारे लोगों को मारी टक्कर
अम्बाह इलाके के पोरसा रोड स्थित ग्राम किशनपुरा के पास नेशनल हाइवे -552 पर सड़क किनारे खड़े 3 लोगों को कार ने टक्कर मार कर कुचल दिया। दुर्घटना में कुम्हेर सिंह 60, रामहेत 55, पुष्पेन्द्र 58, निवासी पलना गंभीर रूप से घायल हो गये थे। घायलों को इलाज के लिये जिला अस्पताल भेजा गया। जहां पर उनकी मौत हो गयी। बताया गया है कि कार नंबर MP 07 AJ 5335 के ड्राइवर ने लापरवाही से वाहन चलाते हुए तीनों को टक्कर मारी थी। इसके बाद ड्राइवर कार मौके पर छोड़कर फरार हो गया।
डीएसपी रवी भदौरिया ने बताया कि सोमवार देर रात एक कार ने बाइक खड़ी कर सड़क किनारे खड़े तीन लोगों को टक्कर मार दी थी। हादसे में घायल तीनों लोगों की इलाज के दौरान मंगलवार सुबह मौत हो गई। पुलिस ने कार को जब्त कर लिया है और फरार चालक की तलाश शुरू कर दी है। मामले में मर्ग कायम कर जांच की जा रही है।

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46वीं पुण्यतिथि -संजय गांधी ने संघर्ष करते हुए कांग्रेस संगठन को मजबूत बनाया: कांग्रेस

ग्वालियर – युवा सोच के प्रतीक कांग्रेस पार्टी के तेजस्वी नेता स्व. संजय गांधी की 46वीं पुण्यतिथि के अवसर पर जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र यादव के निर्देश पर कांग्रेस द्वारा आज कांग्रेसजनों ने स्व. संजय गांधी जी की जयेन्द्रगंज स्थित संजय कॉम्पलेक्स में स्थापित प्रतिमा स्थल पर पहुंचकर माल्यपर्ण कर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि स्व. संजय गांधी ने संघर्ष करते हुए कंाग्रेस संगठन को मजबूत बनाया, कांग्रेस को केंद्र की सरकार में पहुंचाया।
उपस्थित कांग्रेसजनों ने स्व. संजय गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि संजय गांधी एक ऐसे नेता थे जिन्होंने बहुत कम उम्र में देश की राजनीति में अपनी पहचान बनाई। वे केवल प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के पुत्र नहीं थे, बल्कि अपने दम पर उन्होंने युवाओं को जोश, सोच और नई दिशा दी। उनका विश्वास था कि देश का भविष्य युवा पीढ़ी के हाथों में है, और उन्होंने युवाओं को संगठित कर, उन्हें राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा में लाने का ऐतिहासिक कार्य किया। वे साहसी थे, स्पष्टवादी थे और परिवर्तन के प्रतीक थे। उन्होंने हरित क्रांति, औद्योगिकीकरण, जनसंख्या नियंत्रण, पर्यावरण संरक्षण, और स्वावलंबन जैसे विषयों पर खुले विचार रखे और काम किया। वे भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके विचार, उनका जोश और उनका समर्पण आज भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं को प्रेरणा देता है। हमें चाहिए कि हम उनके दिखाए राष्ट्र सेवा, सामाजिक न्याय और युवाओं को सशक्त करने के मार्ग पर चलें। इस पुण्यतिथि पर हम सब मिलकर संकल्प लें कि हम संजय जी के अधूरे सपनों को पूरा करने के लिए पूरी निष्ठा और ईमानदारी से कार्य करेंगे।
पुण्यतिथि कार्यक्रम में विधायक डॉ. सतीश सिंह सिकरवार, प्रदेश महासचिव सुनील शर्मा, प्रेम सिंह यादव, जे.एच. जाफरी, हमीद खां उस्मानी, हेवरन सिंह कंसाना, अवधेश कौरव, हरेन्द्र वर्मा आदि उपस्थित थे।

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ईडी की छापेमारी LNCT ग्रुप के ठिकानों पर, 200 करोड़ की वित्तीय हेराफेरी, EOW ने भी की थी जांच

भोपाल. मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित एनएनसीटी ग्रुप पर प्रवर्तन निदेशायल (ईडी) की टीम छापेमारी कर रही है। ईडी द्वारा यह कार्यवाही इस ग्रुप में 200 करोड़ रूपये की वित्तीय हेराफेरी के मामले में की जा रही है। यह जांच ग्रुप के भोपाल सहित अन्य शैक्षणिक संस्थानों पर की जा रही है।
एलएनसीटी ग्रुप के प्रमोटर चौकसे परिवार पर मध्यप्रदेश की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) द्वारा 200 करोड़ रूपये से ज्यादा के घोटाले और वित्तीय अनियमितताओं का मामला एफआईआर दर्ज की गयी थी। इसके बाद ईडी ने इसे जांच केक दायरे मेंलिया है। अब इस मामले में एलएनसीटी ग्रुप के शैक्षणिक संस्थानों और अन्य ठिकानों पर तलाश की जा रहीं है।
छात्रों की फीस और स्कॉलरशिप से जुडा है मामला
ऐसा बताया जा रहा है कि ईओडब्ल्यू ने अपनी जांच में इस ग्रुप पर छात्रों की फीस, स्कॉलरशिप गवन और शैक्षणिक लोन के दुरूपयोग पर 200 करोड़ रूपये की गड़बड़ी पकड़ी थी। यह गड़बड़ भोपाल के अलावा ग्रुप के देशभर में मौजूद अन्य ठिकानों पर भी हुई है। इसलिये सूत्रों का कहना है कि यह कार्यवाही कई अन्य स्थानों पर की जा रही है।
फीस व स्कॉलरशिप का गबन
इस ग्रुप के कर्ता धर्ता पर आरोप है कि छात्रों से वसूली गई बस, हॉस्टल फीस और स्कॉलरशिप की राशि, जिसे शैक्षणिक संस्था या छात्रों के खाते में जाना था, उसे चौकसे परिवार की निजी कंपनियों (जैसे- कल्चुरी कॉन्ट्रैक्टर्स लिमिटेड) के खातों में डायवर्ट कर दिया गया। इसी तरह बैंकों से शिक्षा के नाम पर लिए गए भारी लोन का उपयोग निजी संपत्तियां बनाने और परिवार के सदस्यों के लिए किया गया। साथ ही आस्था फाउंडेशन नामक संस्था और अन्य सोसायटियों के जरिए इस वित्तीय हेराफेरी को अंजाम देने के गंभीर आरोप हैं।

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आउटसोर्स कर्मचारियों के हवाले नगर निगम, 55% ज्यादा अस्थाई कर्मचारी, नियमित कर्मचारियों को कई-कई जिम्मेदारी

नगर निगम में 7,020 कर्मचारी कार्यरत हैं।

ग्वालियर. शहर की समस्याओं का समाधान करने वाला नगरनिगम स्वयं कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा है। स्थाई अधिकारी और कर्मचारियों की कमी की वजह से न सिर्फ विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं, बल्कि आम लोगों के काम भी समय पर पूरे नहीं हो पा रहे है। वर्तमान में नगरनिगम की कई अहम सेवायें आउटसोर्स कर्मचारियों के भरोसे संचालित की जा रही है।
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच ने नगरनिगम में कर्मचारियों की कमी को दूर करने के निर्देश दे चुकी है। लेकिन इसके बावजूद स्थाई भर्ती की प्रक्रिया अभी तक शुरू नहीं हो पाई है। स्थिति यह है कि बिजली, पानी, सफाई व्यवस्था और कर वसूली जैसे अहम विभागों में बड़ी संख्या में अस्थाई कर्मचारी काम कर रहे हैं।
55%  व्यवस्था आउटसोर्स कर्मियों के सहारे
वर्तमान में नगर निगम के आंकड़ों के मुताबिक निगम में कुल 7,20 कर्मचारी कार्यरत है। इनमें से 1600 कर्मचारी नियमित है, जबकि 2450 विनियमित और 2970 कर्मचारी आउटसोर्स व्यवस्था के तहत कार्यरत है। यानी निगम के लगभग 55 प्रतिशत से ज्यादा व्यवस्था अस्थाई कर्मचारियों के सहारे चल रही है। स्थाई भर्ती नहीं होने का असर अब निगम के कामकाज और जनसेवाओं पर साफ दिखाई देने लगा है।
सरकार प्रस्तावों पर ध्यान नहीं देती-एमआईसी सदस्य
नगर निगम एमआईसी सदस्य अवधेश कौरव ने कर्मचारियों और अधिकारियों की कमी को गंभीर समस्या बताया। उन्होंने कहा कि पर्याप्त स्थायी स्टाफ होने से काम की गुणवत्ता और जवाबदेही दोनों में सुधार होगा। उन्होंने भर्ती प्रस्ताव को लेकर कहा कि निगम की ओर से प्रस्ताव भेजे जाते हैं, लेकिन शासन स्तर पर उन पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जाता।
शासन को भेजी गई जानकारी-आयुक्त
नगर निगम आयुक्त संघप्रिय ने बताया कि भर्ती के लिए जरूरी जानकारी शासन को भेजी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि पदोन्नति से जुड़े मामलों का हाईकोर्ट में लंबित विवाद समाप्त होना जरूरी है। इसके बाद रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी और शासन स्तर पर चयन एजेंसी के माध्यम से नियुक्तियां कराई जाएंगी। फिलहाल ग्वालियर नगर निगम सीमित संसाधनों और अस्थायी कर्मचारियों के सहारे शहर की व्यवस्थाएं संभाल रहा है। वहीं आउटसोर्स कर्मचारियों से जुड़े विवाद और नियुक्तियों पर उठते सवालों के बीच शहरवासियों की नजर अब स्थायी भर्ती प्रक्रिया शुरू होने पर टिकी है।

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डीएलएड में भतीजे की जगह चाचा दे रहा था परीक्षा, फोटो मिसमैच से खुली पोल, भतीजे की अंग्रेजी कमजोर है इसलिये दे रहा था परीक्षा

ग्वालियर. डीएलएड प्रथम वर्ष की परीक्षा के बीच एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। अंग्रेजी विषय की परीखा में असली परीक्षार्थी की जगह बैठकर उत्तर पुस्तिका लिख रहे एक सॉल्वर को एग्जामनर ने रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोपी रिश्ते में परीक्षार्थी का चाचा बताया जा रहा है। जो भतीजे के स्थान पर बैठकर परीक्षा दे रहा था। परीक्षा केन्द्र की शिकायत पर पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और परीक्षा अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। मामला 22 जून का है। फर्जी परीक्षार्थी का रोल नम्बर 36141704 है। गोला का मंदिर थाना इलाके की काल्पीब्रिज कॉलोनी स्थिति शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विधालय में डीएलएड प्रथम वर्ष की परीक्षा आयोजित की जा रही थी।
फोटो मिसमैच से खुला फर्जीवाड़ा
एग्जामनर ने जब प्रवेश पत्र और आधार कार्ड की जांच की तो सामने आया है कि परीक्षा हॉल में बैठा हुआ युवक असली परीक्षार्थी मोनू धाकड़ नहीं है। वह सोनू का रिश्ते का चाचा संतोष धाकड पुत्र रामविलास धाकड़ निवासी ग्राम चौकी कैलारस था। संतोष धाकड़, मोनू का प्रवेश पत्र और आधार कार्ड लेकर परीक्षा केन्द्र पर पहुंचा था। उसकी जगह बैठकर उत्तर पुस्तिका लिख रहा था। एग्जामनर ने तत्काल इसकी जानकारी केन्द्राध्यक्ष और अधिकारियों का दी। जिसके बाद आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया गया।
चाचा बोला- भतीजे की अंग्रेजी कमजोर
पुलिस पूछताछ में आरोपी संतोष धाकड़ ने बताया कि मोनू उसका भतीजा है। उसकी अंग्रेजी कमजोर है, इसलिए वह उसकी जगह अंग्रेजी का पेपर देने पहुंच गया था। आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसे अंदाजा नहीं था कि यह इतना बड़ा अपराध बन जाएगा।
गोला का मंदिर थाना प्रभारी धर्मेंद्र यादव ने बताया कि डीएलएड परीक्षा में दूसरे व्यक्ति के स्थान पर परीक्षा देते हुए संतोष धाकड़ को पकड़ा गया है। उसने असली परीक्षार्थी के प्रवेश पत्र और आधार कार्ड का उपयोग कर परीक्षा केंद्र में प्रवेश किया था। उन्होंने बताया कि वीक्षक की सतर्कता से फर्जीवाड़ा पकड़ा गया। दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि परीक्षा देने के लिए दोनों के बीच किसी तरह का लेनदेन हुआ था या नहीं।

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IAF के 36 के 36 राफेल सुरक्षित, पाकिस्तान के दावे निकले झूठे

नई दिल्ली. ऑपरेशन सिन्दूर के दौरान भारतीय वायुसेना के राफेल लड़ाकू विमानों को मार गिराने के पाकिस्तान के दावों की पोल खुली है। भारतीय वायुसेना के मुख्यालय से जारी एक आधिकारिक दस्तावेज ने साफ कर दिया है। भारत के पास फ्रांस से खरीदे गये सभी 36 राफेल विमान पूरी तरह से ऑपरेशनल हैं। इस तरह भारत के लड़ाकू विमानों राफेल पर गलतबयानी करने वाले पाकिस्तान को करारा तमाचा लगा है। पाकिस्तान ने ऑपरेशनल सिंदूर के दौरान कई राफेल विमानों को गिराने का झूठ फैलाया था।
15 जून 2026 को एयर मुख्यालय के डायरेक्टरेट ऑफ इंजीनियरिंग राफेल ने फ्रांस की कम्पनी सैफ्रान एयरक्राफ्ट इंजिन्स को एक ब्रिज सपोर्ट प्रस्ताव (आरएफपी) भेजा है। यह एक तरह का सपोर्ट टेंडर है। इस दस्तावेज में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है। भारतीय वायुसेना 2016 के भारत फ्रांस सरकारी समझौते के तहत खरीदे गये सभी 36 राफेल विमानों का संचालन कर रही है। सितम्बर 2026 के बाद भी इनके रखरखाव और तकनीक सहायता की आवश्यकता होगी। इसी काम के लिये भारतीय वायुसेना ने टेंडर जारी किया गया है।
PAK की ‘मनोहर कहानियां’ फिर ध्वस्त
रक्षा सूत्रों का कहना है कि मेंटेनेंस और सपोर्ट कॉन्ट्रैक्ट आम तौर पर ऑपरेटर के पास मौजूद असल इन्वेंट्री पर आधारित होते है। 36 विमानों के पूरे बेड़े का बार-बार ज़िक्र होने से राफेल के नुकसान के बारे में पाकिस्तान के दावों पर और सवाल उठते है। पाकिस्तान ने यह झूठा दावा भी किया था कि उसने भारत की एक महिला पायलट को पकड़ लिया है।  IAF चीफ एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने पहले ही पाकिस्तान के इन दावों को “मनोहर कहानियां” करार दिया था.भारतीय वायु सेना के राफेल बेड़े के लिए ये सपोर्ट टेंडर का प्रस्ताव सैफ्रन एयरक्राफ्ट इंजन को भेजा गया है, जो राफेल के M88 इंजन बनाने वाली मूल कंपनी है।  यह तरीका आमतौर पर तब अपनाया जाता है जब केवल मूल उपकरण निर्माता ही खास तकनीकी सहायता, स्पेयर पार्ट्स या सेवाएं दे सकता है।  भारत ने फ्रांस के साथ 2016 के समझौते के तहत अपने 36 राफेल लड़ाकू विमान शामिल किए थे; ये विमान अभी IAF के नंबर 17 स्क्वाड्रन “गोल्डन एरोज़” और नंबर 101 स्क्वाड्रन में तैनात है।

 

 

 

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MP में BJP की प्रदेश कार्यसमिति का ऐलान- 106 सदस्य बनाये, एक मुस्लिम महिला को मिली जगह

भोपाल. भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने प्रदेश कार्यसमिति का ऐलान कर दिया है। इस बार प्रदेश कार्यसमिति में 106 सदस्यों को शामिल किया गया है, इसके अलावा 41 नेताओं को स्थाई आमंत्रित सदस्य बनाया है। वहीं भाजपा ने फिलहाल विशेष आमंत्रित सदस्यों की नियुक्ति नहीं की है। इधर, 108 सदस्यों में सिर्फ एक मुस्लिम महिला बिलकिस जहां को प्रदेश कार्यसमिति में जगह मिली है। प्रदेश कार्यसमिति में सीएम मोहन यादव, केन्द्रीय कृषिमंत्री शिवराज सिंह चौहान, वीरेन्द्र कुमार, ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ दोनों उपमुख्यमंत्री और जगदीश देवड़ा को भी शामिल किया है।
ठसके अलावा केन्द्रीय राज्यमंत्री दुर्गादास उइके और सावित्री ठाकुर को भी कार्यसमिति में जगह मिली है, मध्यप्रदेश सरकार के मंत्रियों में कैलाश विजयवर्गीय, प्रहलाद पटेल, राकेश सिंह, संपतिया उइके, विजय शाह, इंदरसिंह परमार, उदयप्रताप सिंह, तुलसीराम सिलावट, एंदल सिंह कंसाना, निर्मला भूरिया, गोविंद सिंह राजपूत, विश्वास सारंग, नारायण सिंह कुशवाह, चेतन कश्यप और कृष्णा गौर को कार्यसमिति में सदस्य बनाया है।

 

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