मप्र छत्तीसगढ़

Newsमप्र छत्तीसगढ़

आगे भी पेट्रोल-डीजल के बढ़़ सकते हैं दाम अभी महज 3 रूपये , नयी चेतावनी

नई दिल्ली. शुक्रवार को पेट्रोल-डीजल के कीमतों में 3 रूपये प्रतिलीटर की वृद्धि कर दी गयी है। लेकिन यह सिलसिला अब आगे भी जारी रहने की संभावना है। पेट्रोल-डीजल के दामों को लेकर एक्सपर्ट्स ने बड़ी चेतावनी दे दी है। अगर कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं तो आगामी 3-4 महीने में ईधन की कीमतें बढ़ने का अनुमान है।
यह चेतावनी ऐसे वक्त में आई है। जब वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव और ग्लोबल तेज आपूर्ति में रूकावट का लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड ऑयल प्राइस 110 डॉलर प्रति बैरल के नजदीक पहुंच गयी है। भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम में लगभग 4 साल में पहली बार 15 मई को वृद्धि की गयी है। क्योंकि कच्चे तेल की बढ़ती लागत की वजह से सरकार तेल डिस्ट्रीब्यूटर कम्पनियों (ओएमसी) पर दबाव बढता जा रहा है। एक्सपर्ट्स के अनुसार अगर कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती है ता हालियां वृद्धि से तेल और अन्य व्यापारी कम्पनियां को हो रहे नुकसान की आंशिक तौर से भरपाई हो पायेगी।
नुकसान की भरपाई के लिए रुपये की बढ़ोतरी संभव
उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में, अगर ग्‍लोबल नजरिए में कोई बदलाव नहीं होता है और कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती रहती है।  तो नुकसान की भरपाई के लिए कुल मिलाकर लगभग 10 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की जरूरत होगी.। भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरतों का लगभग 85% आयात करता है, जिससे घरेलू ईंधन की कीमतें वैश्विक कच्चे तेल की गतिविधियों और भू-राजनीतिक उथल-पुथल के प्रति अत्यधिक संवेदनशील हो जाती है।
तेल कंपनियों के मुनाफे पर दबाव
पश्चिम एशिया में जारी तनाव, खासतौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर चिंताओं ने आपूर्ति में रुकावट की आशंकाओं को तेजी से बढ़ा दिया है, जिससे वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गई है।  एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि कच्‍चे तेल की कीमतों में लगातार मजबूती से तेल कंपनियों के मुनाफे पर दबाव बना रह सकता है, जबतक की रिटेल फ्यूल की कीमतों में और बदलाव नहीं किया जाता है।
इकोनॉमिस्‍ट ने भी चेतावनी दी है कि ईंधन की कीमतों में बार-बार होने वाली बढ़ोतरी धीरे-धीरे महंगाई और घरेलू बजट पर असर डाल सकती है, क्योंकि इससे सभी क्षेत्रों में परिवहन और रसद की लागत बढ़ जाएगी।  हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि भविष्य में ईंधन की कीमतों में होने वाली बढ़ोतरी को सीमित करने में सरकारी हस्तक्षेप महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता  है।

Newsमप्र छत्तीसगढ़

उपचुनाव दतिया-निर्वाचन पदाधिकारी ने कलेक्टर को भेजा पत्र, तत्काल राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की बुलाई बैठक

दतिया. उपचुनाव को लेकर चुनाव आयोग ने तैयारी तेजी से शुरू कर दी है। शुक्रवार को एमपी के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने दतिया कलेक्टर को पत्र लिखा है चुनाव आयोग का पत्र मिलने के तत्काल बाद दतिया कलेक्टर ने भी जिले के राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को पत्र लिखकर ईवीएम और वीवीपेट मशीनों की फर्स्ट लेवल चेकिंग (एफएलसी) में शामिल होने का आमंत्रण भेज दिया है।
जिला प्रशासन ने तुरंत की कार्रवाई
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, दतिया ने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के जिला अध्यक्षों को पत्र लिखकर FLC में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का अनुरोध किया। पत्र में कहा गया है कि लोकतंत्र की पारदर्शिता और विश्वसनीयता के लिए राजनीतिक दलों की सतर्क उपस्थिति अत्यंत महत्वपूर्ण है।
अधिकृत प्रतिनिधि का नाम, पदनाम और मोबाइल नंबर तत्काल उपलब्ध कराना।
प्रतिनिधि का पासपोर्ट साइज फोटो और वैध पहचान पत्र की प्रति 18 मई 2026 तक जमा करना।
दल के राज्य स्तरीय कार्यालय की ई-मेल आईडी उपलब्ध कराना।

 

Newsमप्र छत्तीसगढ़

किले की तलहटी में पेड से लटका मिला महिला का शव, पुलिस जांच में जुटी

ग्वालियर. किले की तलहटी में एक महिला का शव पेड़ पर फांसी के फंदे से लटका हुआ पाया गया। घटना बहोड़ापुर थाना इलाके स्थित सास-बहू मंदिर के पास किला तलहटी की है। शुक्रवार की शाम लगभग 5.30 से 6 बजे के बीच स्थानीय लोगों ने शव लटका हुआ देखा तो उन्होंने पुलिस को खबर दी। खबर मिलते ही बहोड़ापुर थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और जांच शुरू की। महिला के पास कसे कोई पहचान पत्र या अन्य दस्तावेज नहीं मिले हैं। घटनास्थल से सुसाइड नोट भी बरामद नहीं हुआ है।
बहोड़ापुर थाना प्रभारी आलोक परिहार ने बताया कि महिला की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। शव के पास से कोई दस्तावेज नहीं मिला है। पहचान के लिए महिला की फोटो सोशल मीडिया पर भी साझा की गई है। पहचान होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्रारंभिक जांच में मृतका की उम्र 25 से 30 वर्ष के बीच बताई जा रही है। महिला शादीशुदा प्रतीत हो रही थी, क्योंकि उसकी मांग में सिंदूर भरा था। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि महिला अकेले वहां पहुंची थी या उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति भी था। पुलिस ने शव को फंदे से उतरवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम हाउस में रखवाया गया है। महिला की पहचान के लिए शहर के विभिन्न थानों में दर्ज गुमशुदगी की जानकारी खंगाली जा रही है।

LatestNewsमप्र छत्तीसगढ़राज्य

सिंधिया बनाम केपी यादव: सोशल मीडिया वॉर के बाद संगठन ने संभाली कमान

भोपाल. गुना-श्विपुरी संसदीय क्षेत्र में भाजपा की अंदरूनी खींचतान अब खुलकर सोशल मीडिया और राजनीतिक मंचों तक पहुंच गई है। पूर्व सांसद केपी यादव को मध्य प्रदेश राज्य खाद्य नागरिक आपूर्ति निगम का अध्यक्ष बनाए जाने के बाद से शुरू हुई बयानबाजी ने अब संगठन को हस्तक्षेप के लिए मजबूर कर दिया है। हालात यह है कि केंद्रीय मंत्री सिंधिया और केपी यादव समर्थकों के बीच चल रही सियासी जंग पर भाजपा ने अनुशासन का डंडा चला दिया है। दोनों खेमों से जुडे नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
दरअसल केपी यादव के निगम अध्यक्ष बनने के बाद भाजपा के भीतर गुटबाजी और तेज हो गई है। सोशल मीडिया पर समर्थकों के जरिए शक्ति प्रदर्शन शुरू हो गया। इसी क्रम में केपी यादव समर्थक और भाजपा मंडल उपाध्यक्ष कृष्णपाल यादव ने सोशल मीडिया पर विवादित टिप्पणी करते हुए लिखा कि कोई माने या न माने 2 साल तो केपी यादव मंत्री है। पहले भी दबदबा था और आगे भी रहेगा। ये इतिहास ही लिखते है जैसा 2019 में लिखा था। भाजपा संगठन ने इस पोस्ट को पार्टी विरोधी गतिविधि मानते हुए सख्त रूख अपनाया।
तीन दिन में मांगा जवाब
भाजपा जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र सिकरवार के निर्देश पर जिला महामंत्री संतोष धाकड़ ने कृष्णपाल यादव को नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब मांगा है। नोटिस में साफ कहा है कि इस तरह की टिप्पणियों से पार्टी की छवि धूमिल हो रही है और संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर सिंधिया समर्थक नेता कृष्णा घाडगे ने भी सोशल मीडिया पर पलटवार किया था।

LatestNewsमप्र छत्तीसगढ़राज्य

ग्वालियर में 95 हजार उपभोक्ताओं की बंद होगी गैस बुकिंग

ग्वालियर. शहरा के हजारों रसोई गैस उपभोक्ताओं के लिए बडी चेतावनी सामने आई है। केंद्र सरकार के निर्देश के बाद जिन उपभोक्ताओं ने अब तक ई केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं कराई है वे 31 मई 2026 के बाद एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग नहीं कर पाएंगे। ग्वालियर में ऐसे उपभोक्ताओं की संख्या 95 हजार 143 तक पहुंच गई है। आपूर्ति विभाग के अनुसार ई केवाईसी का उद्देश्य फर्जी और डुप्लीकेट गैस कनेक्शनों पर रोक लगाना है इसके जरिए यह सत्यापित किया जा रहा है कि उपभोक्ता जीवि है या नहीं और कहीं एक ही परिवार में नियमों के विरूद्ध एक से अधिक कनेक्शन तो संचालित नहीं हो रहे।
रिफिलिंग की सुविधा जारी रहेगी
सत्यापन पूरा होने के बाद ही उपभोक्ताओं को सब्सिडी और रिफिलिंग की सुविधा जारी रहेगी। अधिकारियों का कहना है कि उपभोक्ताओं को कई बार मौका देने के बावजूद बडी संख्या में लोगों ने प्रक्रिया पूरी नहीं कराई। अब ऐसे कनेक्शनों पर तकनीकी दिक्कतें शुरू हो गई है और समयसीमा निकलने के बाद पोर्टल से कनेक्शन ब्लॉक कर दिए जाएंगे। उपभोक्ता अपनी संबंधित गैस एजेंसी पर आधार कार्ड और फिंगरप्रिंट के जरिए ई-केवाईसी करा सकते है। मोबाइल ऐस के माध्यम से भी यह सुविधा उपलब्ध है।
3 लाख 73 हजार 162 हैं गैस कनेक्शन
शहर में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसी) के कुल 3 लाख 73 हजार 162 गैस कनेक्शन हैं, जिनमें से 95 हजार से अधिक उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी लंबित है। इधर, शहर में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) नेटवर्क का विस्तार होने के बावजूद लोग एलपीजी पर ही अधिक निर्भर बने हुए हैं। व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में भी कमर्शियल पीएनजी कनेक्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं बढ़ पाए हैं।

Newsमप्र छत्तीसगढ़

जब ऊर्जा मंत्री कार्यक्रम में ई-स्कूटर से पहुंचे, पीछे कोई का काफिला नहीं था


ग्वालियर. पीएम नरेन्द्र मोदी की पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील पर अमल करते हुए ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्नसिंह तोमर एक बार फिर से अपने अलग अन्दाज को लेकर चर्चाओं में है। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्नसिंह तोमर ने इस पर अमल करना भी शुरू कर दिया हे। शुक्रवार को ग्वालियर में वह अपने विधानसभा इलाके के दौरे और विकास कार्यो के कार्यक्रमों में ई-स्कूटर से पहुंचे।
इस बीच उसके साथ न तो लम्बा सरकारी काफिला दिखाई दिया और न ही समर्थकों की गाडि़यों की भीड़ दिखाई दी। मंत्री एक समर्थक के साथ साधारण ई-स्कूटर पर बैठकर कार्यक्रम स्थल पहुंचे। जबकि कुछ कार्यकर्ता दुपहिया वाहनों से उनके साथ चलते हुए दिखाई दिये।
इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग करना चाहिए
मीडिया से चर्चा के दौरान मंत्री ने कहा कि वे पहले भी स्कूटर से क्षेत्र में घूमते रहे हैं, लेकिन मौजूदा अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और युद्ध जैसे हालातों के चलते यह अब देश की जरूरत बन गई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर सभी लोगों को इलेक्ट्रिक वाहनों का अधिक से अधिक उपयोग करना चाहिए और ईंधन की खपत कम करने की दिशा में प्रयास करना चाहिए।साढ़े तीन करोड़ के विकास कार्यों की सौगात
शुक्रवार सुबह मंत्री बहोड़ापुर स्थित 24 बीघा कॉलोनी में करीब साढ़े तीन करोड़ रुपए के विकास कार्यों की सौगात देने पहुंचे थे। कार्यक्रम में उनका स्वागत किया गया, जिसके बाद उन्होंने स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनीं और मौके से ही अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

 

Newsमप्र छत्तीसगढ़

राजीव गांधी विश्वविद्यालय के प्रो. आलोक शर्मा होंगे कुलपति

भोपाल. गर्वनर मंगुभाई पटेल ने प्रोफेसर आलोक शर्मा, निदेशक भारतीय पर्यटन एवं यात्रा प्रबंधन संस्थान, ग्वालियर को आरजीपीवी का कुलगुंरू बनाया गया है। यह नियुक्ति 4 वर्ष की अवधि के लिये की गयी है। इसके अलावा राज्य शासन ने बाल अधिकार संरक्षण आयोग में 2 सदस्यों की नियुक्ति की गयी है।
राज्य शासन ने मध्यप्रदेश बाल अधिकारी संरक्षण आयोग ने सोनम निनामा और अधिवक्ता अर्चना गुप्ता को सदस्य नियुक्ति किया है। इससे पहले डॉ. निवेदिता शर्मा को आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया जा चुका है। आयोग में अब एक अध्यक्ष और 2 सदस्यों की पूर्ण समिति कार्यरत होगी। इससे बाल अधिकार संक्षण, बाल सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े कार्यो का संचालन और अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा।
सुनील कुमार के कारण चर्चा में रहा है आरजीपीवी
आरजीपीवी प्रो. और विश्वविद्यालय के कुलपति रहे सुनील कुमार के कारण पिछले सालों में काफी चर्चा में रहा है। इनके कार्यकाल में 19 करोड़ रुपए से अधिक का घोटाला सामने आया था। इसके बाद राज्य शासन ने सुनील कुमार से इस्तीफा ले लिया था और उनके विरुद्ध केस दर्ज होने के बाद भ्रष्टाचार के मामले में कार्रवाई भी की गई है। सुनील कुमार के अलावा रजिस्ट्रार और अन्य अधिकारी भी इस मामले में दोषी पाए गए थे जिनके विरुद्ध भी जांच चल रही है।

Newsमप्र छत्तीसगढ़

सहायक कुल सचिव परीक्षा 17 मई को राज्य लोक सेवा आयोग की

ग्वालियर के 3 केन्द्रों पर 1277 अभ्यर्थी होंगे शामिल
ग्वालियर, -मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग, इंदौर द्वारा सहायक कुल सचिव परीक्षा-2025 का आयोजन रविवार 17 मई को किया जाएगा। ग्वालियर शहर में तीन परीक्षा केन्द्रों पर कुल 1277 अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल होंगे। परीक्षा एक सत्र में दोपहर 12 बजे से अपराह्न 3 बजे तक आयोजित होगी।
जूते-मोजे पहनकर प्रवेश नहीं, केवल चप्पल-सैंडल की अनुमति
नोडल अधिकारी एवं परीक्षा प्रभारी संयुक्त कलेक्टर विनोद सिंह ने बताया परीक्षार्थियों को परीक्षा केन्द्र पर प्रातः 10:30 बजे तक अनिवार्य रूप से पहुंचना होगा। उन्होंने बताया कि परीक्षा केन्द्र पर जूते एवं मोजे पहनकर प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। अभ्यर्थी केवल चप्पल या सैंडल पहनकर ही प्रवेश कर सकेंगे। मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, किसी भी प्रकार की घड़ी, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, बेल्ट, बालों में लगाने वाले क्लचर, बक्कल और हाथ के बैंड सहित अन्य प्रतिबंधित सामग्री ले जाना वर्जित रहेगा। अभ्यर्थी केवल पारदर्शी पानी की बोतल साथ ले जा सकेंगे।
त्रि-स्तरीय जांच से गुजरेंगे अभ्यर्थी
परीक्षा केन्द्रों पर अभ्यर्थियों की त्रिस्तरीय जांच प्रक्रिया अपनाई जाएगी। पहले चरण में बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण होगा। दूसरे चरण में प्रवेश परीक्षा की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी परीक्षा केन्द्रों पर सीसीटीव्ही कैमरों से निगरानी की जाएगी। कलेक्टर कार्यालय में डिजिटल कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है, जहां से परीक्षा गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाएगी।
कंट्रोल रूम स्थापित
परीक्षा की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी परीक्षा केन्द्रों पर सीसीटीव्ही कैमरों से निगरानी की जाएगी। कलेक्टर कार्यालय में डिजिटल कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है, जहां से परीक्षा गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाएगी। परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए कलेक्ट्रेट ग्वालियर के कक्ष क्रमांक-113 में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। यह कंट्रोल रूम 17 मई को प्रातः 8 बजे से परीक्षा समाप्ति तक लगातार कार्यशील रहेगा। कंट्रोल रूम का संचालन अधीक्षक जिला कार्यालय  आरआई. भगत के निर्देशन में होगा।

Newsमप्र छत्तीसगढ़

क्रेडिट कार्ड के अपडेट करने के नाम ठगी करते हुए 1.95 लाख उड़ाये, पीडि़त एफआईआर के लिये भटक रहा है

ग्वालियर. साइबर ठगी का एक और बड़ा मामला सामने आया है। एसबीआई क्रेडिट कार्ड अपडेट करने के नाम पर ठगों ने एक युवक से 1 लाख 95 हजार 300 रूपये ऑनलाइन ठग लिये हैं। पीडि़त ने साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई है। लेकिन अब एफआईआर दर्ज कराने के लिये उसे अलग-अलग थानों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। पीडित का आरोप है कि पुलिस उसकी सुनवाई नहीं कर रही है। एक-दूसरे थाने का हवाला देकर टाल रही है।
जयप्रकाश झा निवासी रॉयल इन्क्लेव कॉलोनी, ओहदपुर के मोबाइल पर 11 मई 202़6 की सुबह लगभग 10.40 बजे एक कॉल आया। कॉल करने वाले नम्बर 9245214077 था और मोबाइल स्क्रीन पर एसबीआई क्रेडिट कार्ड डिस्प्ले हो रहा था। आरोपी ने स्वयं को बैंक अधिकारी बताते हुए कहा है कि उनका एसबीआई क्रेडिट कार्ड अपडेट किया जाना है।
बैंक ऑफिसर समझकर दी जानकारी
जयप्रकाश झा ने बताया है कि आरोपी ने बड़ी चालाकी से कार्ड और मोबाइल से जुड़ी गोपनीय जानकारी मांगी थी। बैंक ऑफिसर समझकर उन्होंने सारी डिटेल शेयर कर दी। इसके बाद मोबाइल पर लगातार ओटीपी आने लगेग। आरोपी ने इन्हें कार्ड अपडेट प्रक्रिया का हिस्सा बताते हुए ओटीपी भी पूछ लिया। विश्वास करते हुए पीडि़त ने सभी कोड बता दिये। कुछ ही देर बा खाते से अलग-अलग ट्रांजेक्शन के माध्यम कुल 1 लाख 95 हजार 300 रूपये कट गये। जब लगातार पैसे निकलने के मैसेज आये तो उन्हें ठगी का एहसास हुआ तो उन्होंने आरोपी से पूछ तो उसने कहा कि यह पुराने मैसेज हैं और अपडेट पूरा होने के बाद सब ठीक हो जायेगा। इसके कुछ देर के बाद आरोपी का फोन बंद हो गया।

 

Newsमप्र छत्तीसगढ़राष्ट्रीय

MP हाईकोर्ट ने धार भोजशाला को माना वाग्देवी का मंदिर, अयोध्या केस को फैसले का माना आधार, मुस्लिमों नहीं होगी नमाज का इजाजत

फैसले के मद्देनजर इंदौर और धार जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर हैं। शुक्रवार होने से संवेदनशीलता और बढ़ गई है, क्योंकि इसी दिन मुस्लिम समाज भोजशाला परिसर में जुमे की नमाज अदा करता है। प्रशासन ने दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
इंदौर. मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने धार स्थित भोजशाला को वाग्देवी मंदिर माना है। शुक्रवार को दिये गये फैसले में हाईकोर्ट ने कहा है कि हमने पुरातात्विक और ऐतिहासिक तथ्यों, एएसआई की सर्वे रिपोर्ट पर विचार किया है। एएसआई एक्ट के प्रावधानों के साथ अयोध्या मामले को भी आधार माना है। न्यूज वेबसाइट बार एंड बेंच के अनुसार हाईकोर्ट ने कहा है कि एंतिहासिक और संरक्षित जगह देवी सरस्वती का मंदिर है। केन्द्र सरकार औरा एएसआई यह फैसला लें कि भोजशाला का मैनेजमेंट कैसा रहेगा। 1958 एक्ट के तहत इस प्रॉपर्टी पूरा मैनेजमेंट एएसआई के हाथ में ही रहेगा।
हाईकोर्ट ने ASI  का 2003 का वह आदेश भी रद्द कर दिया है। जिसमें एएसआई ने भोजशाला में हिन्दुओं को पूजा का अधिकारी नहीं दिया था। उस आदेश को भी खारिज कर दिया है जिसमें मुस्लिमों को नमाज पढ़ने का अधिकार दिया गया था।

कोर्ट ने क्या कहा?
फैसला सुनाते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि भोजशाला का मूल स्वरूप संस्कृत शिक्षा केंद्र का था।  अदालत ने ASI सर्वे और वैज्ञानिक अध्ययन पर भरोसा जताते हुए कहा कि पुरातत्व एक विज्ञान है और कोर्ट वैज्ञानिक निष्कर्षों पर भरोसा कर सकती है।  कोर्ट ने कहा कि सरकार की संवैधानिक जिम्मेदारी है कि ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व वाली संरचनाओं का संरक्षण करे।

हाईकोर्ट की सुनवाई किसने किया तर्क दिये

हिन्दू पक्ष
भोजशाला पर प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट लागू नहीं होता है। यह एएसआई द्वारा संरक्षित स्मारक है। प्राचीन स्मारक एवं पुरातात्विक स्थल एवं अवशेष अधिनियम 1951 की सूची में भोजशाला का नाम दर्ज है। वर्ष 2024 में अश्विनी उपाध्याय केस में दिये गये तर्क को भोजशाला मामले में लागू नहीं किया जा सकता है। 17 अप्रैल 2003 को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग द्वारा जारी आदेश को निरस्त करने की मांग, हाईकोर्ट से आग्र्रह किया कि भोजशाला का धार्मिक स्वरूप तय कर इसे पूर्णरूप से हिन्दू समाज को सौंपा जाये। इससे मां सरस्वती की पूजा और हवन सालभर निर्बाध रूप से किया जा सके।
मुस्लिम पक्ष
वरिष्ठ अधिवक्ता शोभा मेनन ने हाईकोर्ट में कहा है कि अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि भोजशाला मंदिर है। मस्जिद है या जैनशाला। विवादित स्थल का धार्मिक स्वरूप तय करने का अधिकार सिविल कोर्ट को है। हाईकोई अनुच्छेद 226 के तहत रिट अधिकार क्षेत्र में सुनवाई कर रहा है। वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद ने एएसआई सर्वे पर सवाल उठाते हुए कहा था कि उपलब्ध कराई गयी वीडियोग्राफी स्पष्ट नहीं है। रंगीन तस्वीरें भी नहीं दी गयी है। उन्होंने अयोध्या फैसले का उल्लेख करते हुए कहा है कि वहां रामलला विराजमान की मूर्ति मौजूद थी। भोजशाला में कोई मूर्ति स्थापित नहीं है।
जैन समाज
जो प्रतिमा मां वाग्देवी की बताई जा रही है, वह जैन समुदाय की आराध्य मां अंबिका की है। सीहोर में मां अंबिका के मंदिर में ठी वैसी ही प्रतिमा है। जो भोजशाला में मिली थी। इसे जैन तीर्थ घोषित किया जाना चाहिये।