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पुलिस ने 600 लीटर अवैध गुड़ लाहन किया नष्ट, भट्टी पकड़ी, 5 ड्रम भी मिले

ग्वालियर. करहिया थाना पुलिस ने लाल डाडा इलाके में अवैध कच्ची शराब के खिलाफ कार्यवाही की है। पुलिस ने लगभग 600 लीटर गुड लाहन नष्ट कियिा है। थाना प्रभारी संजू यादव के निर्देश पर पुलिस टीम इलाके में गश्मत कर रही थी। गश्त के बीच टीम लाल डांडा पहुंची। वहां सरकारी जमीन पर नाले के किनारे एक लोहे की भट्टी लगी हुई मिली है। इसमें गुड़ लाहन को गर्म किया जा रहा था। घटनास्थल पर 5 नीले रंग के प्लास्टिम ड्रम भी रखे मिले है।
जांच करने पर सभी ड्रमों में गुड़ लाहन भरा हुआ मिला है। पुलिस ने मौके पर ही लगभग 600 लीटर गुड़ लाहन का जमीन पर फैलाकर नष्ट कर दिया है। भट्टी में रखा लाहन भी खत्म कर दिया गया है। करहिया थाना प्रभारी संजूसिंह यादव ने बताया है कि क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। इस बीच लाल डांडा इलाके में नहर किनारे अवैध शराब की लोकेशन मिली थी। जिसे मौके पर नष्ट किया गया।

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एक साल में चौथे ट्रांसफर से हतोत्साहित हूं-नेहा मारव्या

भोपाल. नेहा मारव्या सिंह 2011 बैच की आईएएस अधिकारी के लगातार हो रहे ट्रांसफरों में खुलकर नाराजगी जताई है। 5 सितम्बर को जारी ट्रांसफर लिस्ट में नाम आने के बाद उन्होंने आईएएस अधिकारियों के ग्रुप में अपना दर्ज बयां किया है। उन्होंने लिखा है कि पिछले एक साल में यह उनका चौथा तबादला है। सिर्फ 50 दिन में फिर ट्रांसफर होने से वह स्वयं का ‘‘बहुत हतोत्साहित’’ महसूस कर रही है।


नेहा ने अपने संदेश में आरोप लगाया है कि वह विभााग के कुछ कर्मचारियों ने उनके खिलाफ विद्रोह जैसा माहौल बनाया है मेज थपथपाकर ट्रांसफर कराने की चेतावनी दी। उन्होंने अनुशासनहीनता, फाइलें रोकने और दुर्व्यवहार की शिकायत भी की है। लेकिन कार्यवाही की जगह उनका ही तबादल कर दिया गयाहै। उन्होंने लिखा है कि एक आईएएस अधिकारी होने के नाते वह सरकार के हर आदेश का सम्मान करती है। जहां भी जिम्मेदारी दी गयी। वहां पूरी निष्ठा से काम किया। लेकिन इस बार की कार्यवाही से वह बेहद निराश है। उन्होंने आईएएस एसोसियेशन से भी मामले में हस्तक्षेप और समाधान की उम्मीद जताई है।
एक साल में चौथा ट्रांसफर
ज्नवरी 2025 में नेहा मारव्या का पहली बार कलेक्टर की फील्ड पोस्टिंग मिली थी और उन्हें डिंडौरी का कलेक्टर बनाया गया था। लगभग 8 माह बाद ही उन्हें वहां से भी हटा दिया गयाथा। इसके बाद आदिम जाति विभाग में पोस्टिंग के बीच भी उनके कार्यकाल का लेकर विवाद सामने आये। अब पिछले एक साल में चौथी बार उनका ट्रांसफर हुआ है।
शनिवार को आई ट्रांसफर लिस्ट में भी नाम
सामान्य प्रशासन विभाग की 5 सितम्बर की ट्रांसफर लिस्ट में नेहा मारव्या को प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम बनाया गया है और साथ ही अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन के समक्ष पद घोषित किया गया है। इससे पहले उनके पास आदिम जाति क्षेत्रीय विकास योजनाओं के संचालक एमएपीसीईटी के प्रबंध संचालक, अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम के प्रबंध संचालक और आदिम जाति अनुसंधान एवं विकास संस्थान के संचालक का अतिरिक्त प्रभार था।

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MP में पिछले 48 घंटों में शराब पीनेवालों को बढ़ा खतरा, तुरंत करानी होगी स्क्रीनिंग

भोपाल. मध्य प्रदेश के सागर जिले में मिलावटी शराब से अब तक 14 लोगों की मौत हो चुकी है। यह आंकडा और बढने की आशंका है। बंडा अस्पताल में शवों के पोस्टमॉर्टम की तैयारी की जा रही है। कई प्रभावित अस्पताल में भर्ती है जिनमें से कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है। बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल सागर में प्रभावितों का इलाज किया जा रहा है। कलेक्टर प्रतिभा पाल ने अस्पताल पहुंचकर उनके स्पास्थ्य की जानकारी ली। इस बीच जिन लोगों ने 1 से 2 दिन पूर्व भी शराब का सेवन किया है उनके लिए भी खतरा हो सकता है। ऐसे में जरा भी दिक्कत होने पर उन्हें तुरंत स्क्रीनिंग कराने को कहा गया है।
कार्रवाई करने की कवायद शुरू
इस बीच अवैध शराब कारोबारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की कवायद शुरू हो गई है। इलाके की 6 दुकानों को सील कर दिया गया है। सीएम मोहन यादव ने भी घटना पर दुख व्यक्त किया है। मिलावटी शराब के सेवन से मौतों की सूचना के बाद सागर कमिश्नर, आईजी, कलेक्टर और एसपी नौराज और गूगरा खुर्द गांवों में पीडित परिवारों से मुलाकात करने पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों से बातचीत कर उन्हें दिलासा दिया और प्रभावितों के उचित इलाज की वयवस्था करने की भी बात कही।
आसपास के जिलों में भी मिलावटी शराब बिक रही
सागर के साथ ही आसपास के जिलों में भी अवैध और मिलावटी शराब खुलेआम बिक रही। प्रभावितों की संख्या बढ सकती है। ऐसे में प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है और बताया जा रहा है कि घूघर, नौराज, बराज और आस-पास के गांवों के लोगों ने शराव का सेवन किया था। शनिवार रात से ही उनकी तबीयत बिगडने लगी है। इन चारों गांवों में परिजन तुरंत प्रभावितों को अस्पताल लेकर भागे। जानकारी मिलते ही कलेक्टर प्रतिभा पाल भी अस्पताल पहुंचीं। उन्होंने जरूरी मेडिकल सुविधाएं और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। पता चला है कि पिछले 2 दिनों में शराब से मौतें हो रही है।
ये है लक्षण
शराब के सेवन के बाद उल्टी, सिरदर्द या बुखार जैसे लक्षण महसूस हो रहे है तो तुरंत एहतियात के तौर पर नजदीकी अस्पताल पहुंचकर जांच कराएं।

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एक साल से मनचला परेशान कर रहा था छात्रा को, चॉकलेट नही देने पर दी जान से मारने की धमकी, छात्रा ने कराई FIR

ग्वालियर. हजीरा थाना इलाके में एक नाबालिग स्कूली छात्रा को मनचले युवक परेशान करने और जान से मारने की धमकी देने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। छात्रा के पास रहने वाला एक मनचला प्दिले एक साल से छात्रा का पीछा कर छेड़छाड़ कर रहा था। आरोपी ने छात्रा को जबरन रास्ते में रोक कर पकड़ा और ‘‘चॉकलेट नहीं लेने पर जान से मारने’’ की धमकी दे डाली।
छात्रा का एक साल से कर रहा था पीडा
घटना 20 अगस्त 2026 की शाम की है। जबकि मनचला पिछले एक साल से छात्रा का पीछा कर छेड़छाड़ कर रहा है। घटना के बाद से ही डरी-सहमी छात्रा ने परिजनों को आपबीती सुनाई, जिसके बाद हजीरा थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। हजीरा थाना इलाके के निवासी 14 वर्षीय पीडि़ता एक निजी स्कूल में कक्षा 9वीं की छात्रा है। छात्रा ने अपने माता-पिता के साथ हजीरा थाने पहुंचकर एफआईआर दर्ज कराई है। उसके ही मोहल्ले का निवासी एक लड़का पिछले एक साल से स्कूल आते-जाते वक्त उसका पीछा कर परेशान कर रहा था। आरोपी युवक रास्ते में कई बार उसका हाथ पकड़ चुका है। जबरन बात करने का दबाव बनाता था। उसके साथ हमेशा एक-दो लड़के रहते थे। लेकिन छेड़छाड़ वहीं करता था। वह लगातार छात्रा को दोस्ती करने का दबाव बनाता था।
जबरन चॉकलेट दी, नहीं लेने पर हत्या की दी धमकी
हाल ही में 20 अगस्त की शाम करीब 4 बजे छात्रा पाताली हनुमान मंदिर के पास से अपनी कोचिंग जा रही थी। तभी रास्ते में आरोपी ने उसे रोक लिया। मनचले आरोपी ने जबरन छात्रा को चॉकलेट थमाते हुए कहा कि “चॉकलेट ले लो, नहीं तो जान से मार दूंगा।” खौफ के कारण छात्रा ने चुपचाप चॉकलेट ले ली और आगे जाकर रास्ते में फेंक दी। कोचिंग से वापस लौटने के बाद छात्रा ने हिम्मत जुटाकर घर पर अपने माता-पिता को पूरी आपबीती बताई। आरोपी की लगातार धमकियों से घबराए परिजन 16 दिन बाद हिम्मत जुटाकर छात्रा को लेकर हजीरा थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने पीड़िता के बयानों के आधार पर पोक्सो एक्ट और छेड़छाड़ की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।
गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है पुलिस टीम
हजीरा थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह का कहना है कि नाबालिग छात्रा की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ छेड़छाड़, धमकी देने और पोक्सो एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।

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ग्वालियर में सुबह से बारिश, तिघरा बांध का जलस्तर बढ़ा

ग्वालियर. शहर में रविवार सुबह से बारिश का दौर जारी रहा, कभी तेज तो कभी रूक रूककर हुई बारिश से मौसम पूरी तरह बदल गया। लगातार बारिश से तापमान में गिरावट आई और उसम व गर्मी से परेशान लोगों को राहत मिली है। दोपहर तक शहर में करीब 35 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। बारिश के कारण कई इलाकों में सडकों पर पानी भी जमा हो गया। मौसम विभाग के अनुसार रविवार को शहर का न्यूनतम तापमान 25.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से 0.5 डिग्री कम रहा। सुबह 8.30 बजे तक 6.4 मिमी बारिश हुई थी जो सुबह 11.30 बजे तक बढकर 35 मिमी हो गई। वातावरण में नमी भी काफी अधिक रही। सुबह 8.30 बजे सापेक्षिक आर्द्रता 100 प्रतिशत रिकॉर्ड की गई।

बांध का जलस्तर 5 फीट बढकर 737 फीट के आसपास पहुंचा
लगातार बारिश का असर शहर के मुख्य जलस्त्रोत तिघरा बांध पर भी दिखाई दे रहा है। दो दिन में बांध का जलस्तर करीब 5 फीट बढकर 737 फीट के आसपास पहुंच गया है। 3 सितंबर की रात तिघरा का जलस्तर 728.40 फीट था जो 5 सितंबर की रात बढकर करीब 737 फीट हो गया। यानी दो दिनों में जलस्तर में लगभग 5 फीट की बढोतरी हुई है।
शहर में जलसंकट की चिंता कम हुई
तिघरा में लगातार पानी की आवक बढने से ग्वालियर शहर में जलसंकट की चिंता काफी कम हुई है। बांध में पर्याप्त पानी आने से सिंचाई के लिए भी पानी उपलब्ध होने की उम्मीद है। पिछले दिनों जलस्तर कम होने के कारण शहर की जलापूर्ति को लेकर चिंता बढ गई थी और सालभर की सप्लाई पर भी सवाल उठ रहे थे। अब बारिश के बाद हालात में सुधार हुआ है। इससे आने वाले महीनों में ग्वालियर शहर को पानी के संकट से राहत मिलने की उम्मीद है।

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कभी भी खुल सकते हैं तिघरा जलाश्य के गेट, जलस्तर पहुंचा 737.9

ग्वालियर। प्रशासन-सिंचाई और नगर निगम के अफसरों तक के चेहरों पर जिस सूखे तिघरा को देखकर उदासी थी, वह उदासी अब गायब हो गई है। चेहरों पर चमक आ गई है क्योंकि ग्वालियर की लाइफ लाइन तिघरा में इतना पानी पहुंच रहा है कि क्या आम नागरिक फूले नहीं समा रहे हैं। तिघरा में पहुंचने वाले पानी पर दिन-रात नजर रखने वाले WRD  के अफसर कह रहे हैं कि तिघरा में आज रविवार की सुबह से हर घंटे डेढ़ फुट पानी बढ़ रहा है और पानी इसी रफ्तार से बढ़ता रहा तो आज दोपहर या रात तक तिघरा के गेट खोलने की नौबत आ सकती है।
740 तक भरेंगे
तिघरा को इस बार 740 फीट तक भरा जाएगा। पहले इसे 739.5 फुट तक भरा जाता था और इस लेवल से जैसे ही पानी ऊपर जाता था तिघरा के गेट खोल दिए जाते थे। अब ये WRD  के अफसरों ने कहा कि गर्मी के मौसम में तिघरा में काफी काम करवा दिया गया है, इसलिए इस सीजन तिघरा में उसके अधिकतम स्तर यानी 740 फुट तक हम पानी को ले जाएंगे।
तिघरा इतनी तेजी से क्यों भरा
अगस्त तक चिंता थी कि तिघरा इस बार भरेगा कि नहीं, पर सितंबर का पहला सप्ताह बीतने से पहले ही तिघरा ओवर फ्लो होने की स्थिति में आ गया है। इसकी मुख्य वजह घाटीगांव मोहना में पिछले 24 घंटे में हुई ताबड़तोड़ बारिश है। घाटीगांव क्षेत्र में ही पिछले 24 घंटे में 81.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
जलस्तर पहुंचा  737 के पार
घरा का वाटर लेवल आज रविवार की सुबह 737 फुट के पार निकल गया। इतना पानी देखकर सिंचाई विभाग के अफसरों ने कहा कि अगर इसी लेवल पर पानी का आना रुक भी जाए तो हम अगली जून तक पानी देने में सक्षम हैं। अफसरों ने कहा, जिस रफ्तार से तिघरा में पानी आ रहा है, उसे देखकर तो यह लगता है कि तिघरा की पूरी प्यास आज ही बुझ जाएगी।
अब तो दिन-रात हम नजर रखे हैं
तिघरा का पानी सदैव चिंता की बात रहा है। जब कम होता है तो धड़कनें बढ़ जाती हैं और जब तेजी से बढ़ता है तो धड़कनें और भी तेज हो जाती हैं। आज रविवार को तिघरा का वाटर लेवल 737 फुट पर पहुंच गया है। सबसे अच्छी बात यह है कि तिघरा में काफी तेजी से पानी आ रहा है, इसलिए हमारी टीमें रात से ही तिघरा में डेरा डाले हुए हैं। पानी की आवक की रफ्तार को देखते हुए यही लग रहा है कि तिघरा तो आज ही अपने अधिकतम स्तर पर पहुंच जाएगा और आज कभी भी तिघरा से गेट खोलने की नौबत आ सकती है।
कार्यपालन यंत्री, सिंचाई विभाग

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यूपी-सहारनपुर कलेक्ट्रेट में ढहाई मस्जिद के नीचे कुआं मिला, जांचने के लिए ASI को बुलाया

नई दिल्ली. सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में मस्जिद ढहाए जाने के बाद नीचे कुआं मिला। यह 20 फीट गहरा और डेढ मीटर चौडा है। कुआं स्लैब से ढंका था। प्रशासन ने कटर से पत्थर कटवाया तो कुआं दिखाई दिया। पुलिस ने इसे लोहे की चादर से ढंक दिया है ताकि मलबा अंदर न जाए। कुआं कितना पुराना है इसका पता लगाने के लिए प्रशासन ने एएसआई को बुलाया है। मौके पर भारी फोर्स तैनात है। बैरिकेडिंग करके किसी को वहां जाने नहीं दिया जा रहा। मस्जिद की शिकायत करने वाले विकास त्यागी ने दावा किया कि यहां पहले मंदिर रहा होगा उसे तोडकर मस्जिद बनाई गई, जांच होनी चाहिए।

स्लैब टूटने के बाद उसके नीचे कुआं मिला। कुआं कितना पुराना है, इसकी जांच के लिए एएसआई को बुलाया गया है।
कोर्ट के आदेश के बाद मस्जिद गिराई गई
मस्जिद को लेकर सियासत भी शुरू हो गई है। सांसद चंद्रशखर ने कहा कि हम यह लडाई सदन, कोर्ट और सडक पर लडेंगे। मस्जिद गिराने में इतनी जल्दबाजी क्यों की गई। वहीं मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने सोशल मीडिया पर लिखा कि अखिलेशजी, सहारनपुर जाकर अवैध इमारत के मलबे के सामने फातिहा पढेंगे। शनिवार को 16 घंटे बुलडोजर चलाकर मस्जिद ढहाई गई थी। रविवार सुबह तक मलबा हटाया गया। प्रशासन का कहना है कि कोर्ट के आदेश के बाद मस्जिद गिराई गई। मस्जिद पक्ष का आरोप है कि उसे हाईकोर्ट में अपील का मौका नहीं दिया गया। वकील बाबर वसीमा ने कहा कि कार्रवाई के खिलाफ हाईकोर्ट जाएंगें मुस्लिम धर्मगुरूओं और मस्जिद पक्ष का दावा है कि मस्जिद करीब 100 साल पुरानी थी। 70 साल पुराने वक्फ के दस्तावेजों में इसका जिक्र है।

कुएं वाली जगह को लोहे की चादर से ढक दिया गया है, ताकि उसके अंदर मलबा न जाए।

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दिल्ली में 50 साल पुरानी इमारत गिरने से 2 की मौत, घटना के समय 50 से अधिक लोग अंदर मौजूद थे, घटना के समय पहले बेसमेंट में खुदाई जारी थी

नई दिल्ली. सत्य निकेतन इलाके में रविवार को एक 5 मंजिला इमारत गिरने से मलबे में 2 छात्रों की मौत हो गयी है। वहीं, 3 छात्रों की हालत नाजुक बनी है। इमारत में हास्टल का संचालन किया जा रहा था। चश्मदीदों के अनुसार घटना के समय छात्र कमरों में थे। बेसमेंट में खुदाई चल रही थी। 7 का रेस्क्यू कर लिया गया है। हालांकि अभी यह पता नहीं चल पाया है कि मलबे में कितने छात्र फंसे हैं।
ऐसा बताया जा रहा है कि इमारत में 20-25 कमरे थे और हर कमरे में 2 छात्र रहते थे। घटना के समय अन्दर 50 से ज्यादा लोग मौजूद थे। मलबे में दबे एक युवक ने अपना वीडियो बनाकर शयेर किया है। उसने लोगों से रेस्क्यू की अपील की है। घटनास्थल पर मौजूद एक युवक ने बताया है कि यह युवक उसका दोस्त है। वह बार-बार फोन करके कह रहा है कि मुझे बचा लो। घटना दोपहर 1.30 बजे की बताई है। स्थानीय लोग हथौड़े से मलबा हटाने का प्रयास कर रहे है। मलबे में कुछ गाडि़यां भी दबी हुई है। मलबे के बगल में एक और इमारत गिरने की हालत में लेकिन लोगों को वहां से निकाल लिया गया है।
बच्चों को सुरक्षित निकालना है पहला काम…
प्रोफेसर अब्बी ने बातचीत के दौरान आगे कहा कि प्रशासन और बचाव दल का मुख्य उद्देश्य अंदर मौजूद बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालना है।  उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस समय सबसे महत्वपूर्ण यह सुनिश्चित करना है कि मलबे में फंसे सभी बच्चे सुरक्षित बाहर आ सकें. विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कॉलेजों के स्तर पर छात्रों की जानकारी जुटाने का काम किया जा रहा है।  इससे बचाव अभियान में लगे अधिकारियों को भी यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि कितने छात्र लापता हैं और कितने सुरक्षित स्थानों पर पहुंच चुके है।

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हाईकोर्ट की निगरानी में 6 सड़कों की हुई सैम्पलिंग, पीडब्ल्यूडी और निगम जांच में जुटी, हाईकोर्ट में 8 सितम्बर को पेश होगी जांच रिपोर्ट

मौके पर सड़क की मिट्टी की गुणवत्ता की जांच करते हुए टीम।

ग्वालियर. हाईकोर्ट के निर्देश के बाद शहर की सड़कों की गुणवत्ता जांच के लिये 6 जगहों के लिये गये है। रविवार को पीडब्ल्यू और नगरनिगम की संयुक्त टीम ने महल रोड, कुलदीप नर्सरी, प्रभा होटल, एजी ऑफिस, बसंत विहार और फूलबाग इलाके की सड़कों से सैम्पल लिये गये। 1 जुलाई 2025 को चेतकपुरी रोड पर कुलदीप नर्सरी के सामने सड़क धंसने की खबर मीडिया में प्रकाशित हुई थी। इसी खबर को आधार बनाकर एडवोकेट अवधेशसिंह तोमर ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी। 30 अगस्त को कैमरा स्कैनिंग के आधार पर अभी सड़क की अलग-अलग और निर्माण सामग्री की जांच की जा रही है।

सड़क धंसने से बड़ा गड्ढा हो गया, जिसमें एक स्कॉर्पियो कार फंस गई।
बहोड़ापुर में फिर धंसी सड़क में फंसी स्कॉर्पियो
ग्वालियर में रविवार सुबह हुई बारिश के चलते बहोड़ापुर स्थित सागर ताल रोड पर होमगार्ड ऑफिस के सामने सड़क फिर धंस गई। सड़क धंसने से बड़ा गड्ढा हो गया, जिसमें एक स्कॉर्पियो कार फंस गई। हालांकि, कार को क्रेन की मदद से बाहर निकाल लिया गया।

सड़क की चौड़ाई और मोटाई मापते PWD अधिकारी। - Dainik Bhaskar
चेतकपुरी रोड पर गड्ढा
1 जुलाई 2025 को चेतकपुरी रोड पर कुलदीप नस्ररी के सामने सड़क अचानक धंस गयी थी। इससे सड़क पर काफी गहरा गड्ढा हो गया था जिसके बाद सड़क निर्माण और उसकी गुणवत्ता को लेकर प्रश्न उठे थे।
जांच के निर्देश दिये थे हाईकोर्ट ने
सड़क की जर्जर हालत के मामले में हाईकोर्ट ने ग्वालियर की सड़कों की स्थिति और गुणवत्ता को लेकर सख्त रूख अपनाया है। अदालत ने नगर निगम और पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों की जवाब देही तय करने के साथ ही शहर की सड़कों की गुणवत्ता जांचने के निर्देश दिये। इसके बाद नगरनिगम और पीडब्ल्यूडी की संयुक्त टीम ने सड़कों की जांच शुरू की। पूरी प्रक्रिया हाईकोर्ट की निगरानी में की जा रही है।
8 सितंबर को अगली सुनवाई
अगली सुनवाई 8 सितंबर को होनी है। सैंपलिंग के बाद तैयार होने वाली जांच रिपोर्ट अदालत में पेश की जाएगी। रविवार सुबह हुई बारिश के चलते शहर के बहोड़ापुर स्थित सागरताल रोड होमगार्ड ऑफिस के सामने फिर धंसी सड़क, सड़क धसकने से हुआ बड़ा गड्ढा, सड़क धसकने से हुए सड़क पर हुए गड्ढे में स्कॉर्पियो कार फंसी जिस ट्रेन की मदद से बाहर निकल गया। घटना आधे घंटे पहले की बताई जा रही है। बता दें कि एक तरफ यह सड़क धसने का मामला सामने आया है वहीं दूसरी ओर हाई lकोर्ट द्वारा बनाई गई विशेष जांच कमीशन की टीम आज सिंधिया महल रोड,चेतकपुरी, एजी ऑफिस, वसंत बिहार और फूलबाग की सड़क के सैंपल लेने के लिए सड़क पर उतरी है। शहर की सड़कों की गुणवत्ता जचने के लिए हाई कोर्ट द्वारा यह हाई कमिशन की टीम बनाई गई थी इस कमीशन टीम में 3 सदस्य हैं जिसके अध्यक्ष गौरव समाधिया हैं और उनके साथ 2 मेंबर पवन सिसोदिया और हिमांशु शर्मा है।

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पान मसाला पर टैक्स चोरी रोकने अब डीजीजीआइ ने जांच-पड़ताल शुरू कर दी

ग्वालियर. प्रदेश में पान मसाला और गुटखा उद्योग में जारी अरबों रुपये के टैक्स अपवंचन के खिलाफ अब केंद्रीय खुफिया एजेंसी डीजीजीआई ने सीधे मोर्चा संभल लिया है। राज्य जीएसटी और केंद्रीय जीएसटी विभाग की सुस्ती के बीच डीजीजीआई की टीमों ने सीधे निर्माण यूनिटों पर छापे मारना शुरू कर दिया है। इसी कडी में डीजीजीआई जबलपुर की क्षेत्रीय इकाई ने ग्वालियर स्थित गोपी पान मासला से जुडी निर्माण यूनिट पर औचक कार्रवाई करते हुए मशीनों की उत्पादन क्षमता और बिक्री से जुडे दस्तावेज जब्त किए है।
600 करोड की चोरी हर माह की जा रही
जानकारों के अनुसार ग्वालियर सहित पूरे मध्य प्रदेश में पान मसाला बनाने वाली 15 से अधिक बडी यूनिटें सक्रिय है। इन यूनिटों का संयुक्त मासिक उत्पादन करीब 2000 करोड रुपये है। 1 फरवरी 2026 से पान मसाला व गुटखा पर जीएसटी की दर 28 से बढाकर 40 प्रतिशत कर दी गई है। इस हिसाब से हर महीने सरकार के खाते में करीब 800 करोड रुपये टैक्स जमा होना चाहिए लेकिन चौंकानी वाली बात यह है कि इसका महज 25 प्रतिशत ही टैक्स के रूप में दिखाया जा रहा है जबकि शेष 75 प्रतिशत यानी करीब 600 करोड रुपये प्रतिमाह की कर चोरी धडल्ले से की जा रही है।
टैक्स चोरी के इस बडे सिंडिकेट में सबसे बडा जरिया ई-वे बिल का दुरूपयोग है। नियमों के तहत हर चक्कर का अलग ई-वे बिल जनरेट होना चाहिए, लेकिन जांच में सामने आया है कि पान मसाला परिवहन करने वाले वाहन एक ही ई-वे बिल का बार-बार इस्तेमाल कर एक के बजाय पांच-पांच चक्कर लगा रहे है। इससे कागजों पर माल कम और बाजार में सप्लाई पांच गुना ज्यादा हो रही है।