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स्यूडो सैटेलाइट्स, निगरानी उपग्रह, ऑपरेशन सिंदूर के बाद बदल रहा भारत का एयरस्पेस, आसमान में 24 7 मंडरायेंगे 52 उपग्रह

भारत 52  निगरानी उपग्रहों की लॉन्चिंग में तेजी लाएगा. (फोटो-Getty image)

नई दिल्ली. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर, सिग्नल जैमिंग और रडार टेक्नॉलाजी की क्या भूमिका थी। यह पूरी दुनिया ने देखा है। भारत ने 22 मिनट तक पाकिस्तान के रक्षा प्रतिष्ठानों का पूरा सिग्नल जाम कर दिया था। इसी 22 मिनट में भारत की वायुसेना ने पाकिस्तान पर कहन बरपाया। इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर की यह लड़ाई अंतरिक्ष में चक्कर लगा रहे भारत के सैन्य उपग्रहों की वजह से संभव हुई है।
यह सैटेलाइट्स की पाकिस्तान और पीओके में स्थित जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिद्दीन जैसे आतंकी संगठनों के ठिकानों की सटीक स्थिति का पता बता रहे थें इसी इंटेलीजेंस इनपुट की मदद से भारत पाकिस्तान और पीओके स्थित बहावलपुर, मुजफ्फराबाद, कोटली औैर सियालकोट जैसे आतंकी शिविरों पर सटीक हमला कर पाया। अब भारत मॉर्डन वॉरफेयर के इस प्रमुख हिस्से को मजबूत करने जा रहा है।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत प्रतिकूल इलाकों की निरंतर निगरानी बढ़ाने के लिये 52 निगरानी उपग्रहजों की लॉचिंग में तेजी लाने जा रहा है। इससे भारत को दक्षिण एरिशया सहित पूरी दुनिया की सैटेलाइट तस्वीरें मिल सकेंगी। जरूरत पड़ने पर भारत इनका उपयोग सैन्य उद्देश्यों के लिये कर सकेगा। भारत ने अंतरिक्ष आधारित निगरानीबए़ाने के लिये पिछले साल अक्टूबर में 26968 करोड़ रूपये का भारी भरकम बजट पास किया है। इन सैटेलाइट नेटवर्को की तैनाती इसी प्रोजेक्ट का हिस्सा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत इसरो 21 उपग्रहों को लांच करेगा। जबकि 3 निजी कंपनियां शेष 31 उपग्रहों का निर्माण करेगी और इसकी लांचिंगभी करेंगी। इसकी लॉचिंग के लिये टाइमलाइन को और भी टाइट कर दिया गया है।

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स्पेस स्टेशन से आयी शुभांशु की नयी तस्वीर, शुभांशु ने किये कैंसर पर एक्सपेरिमेंट

खाने से पैखाने तक का अनोखा सिस्टम; टमाटर-बैंगन और समुद्री भालू क्यों ले गए|मंडे मेगा स्टोरी,Monday Mega Story - Dainik Bhaskarनई दिल्ली. भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की स्पेस से नयी तस्वीर सामने आयी है। स्पेस स्टेशन से ली गयी इस सेल्फी में वह अपने साथी एस्ट्रोनॉट और मिशन स्पेशलिस्ट टिबोर कपु के साथ आईएसएस के कपोला मॉडयूल के भीतर मुस्कुराते हुए दिखाई दे रहे है। शुभांशु की स्पेस मिशन का यह तीसरा दिन है और सभी 4 यात्रियों को एक्सिओम-4 (एएक्स-4) मिशन के तहत 14 दिन के लिये इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन भेजा गया है।
शुभांशु की स्पेस से सेल्फी
स्पेस स्टेशन पर ली गयी यइस सेल्फी में शुभांशु के साथ नजर आये रहे हंगरी के एस्ट्रोनॉट टिबोर कपु को होनोर कार्यक्रम के तहत अंतरिक्ष में भेजा गया है। यह संोवियत संघ के विघटन के बाद हंगरी के पहले अंतरिक्ष यात्री है। जो स्पेस स्टेशन पर गये हैं। वह मिशन स्पेशलिस्ट की भूमिका में वहां मौजूद हैं। जिनका काम सांइंटिफिक रिसर्च और टेक्नीकल चीजों में टीम की मदद करना है। टिबोर का स्पेस में जाना हंगरी के लिये बहुत बड़ी उपलब्धि है।
कैंसर को लेकर रिसर्च
स्पेस स्टेशन पर पेगी व्हिटसन ने लो अर्थ ऑर्बिट यानी लियो में कैंसर की जांच पर काम करना जारी रखा और इमेजिंग नमूने लिये, जिससे माइक्रोग्रैविटी के तहत कैंसर के बर्ताव के बारे में नयी जानकारी मिल सकती है। सैनफोर्ड स्टेम सेल इंस्टीट्यूट की मदद से की गयी है। यह रिसर्च धरती पर कैंसर के इलाज की राह आसान कर सकती है। खासतौर पर एग्रेसिव और मेटा स्टेटिक कैंसर के लिये यह जांच काफी अहम है। इस बीच उन्होंने क्रिएटिविटी पर भी फोकस किया सऊदी अंतरिक्ष एजेंसी की माइक्रोग्रैविटी चैलेंज के लिये स्टूडेंड हार्डवेयर, साइंस एक्सपेरिमेंट और आर्टवर्क की तस्वीरें खींची। अरब क्षेत्र के यंस माइंड्स से 80 हजार से अधिक प्रस्तुतियों के साथ, इस प्रतियोगिता ने कला, कृषि और इंजीनियरिंग में इनोवेशन को बढ़ावा दिया और अंतरिक्ष विज्ञान के लिये जुनून को जागने के मकसद के साथ इसे शुरू किया गया है।
शुभांशु ने एक्सपेरिमेंट किये
इस मिशन पर गये भारत के शुभांशु शुक्ला ने स्पेस माइक्रोएल्गी एक्सपेरिमेंट पर फोकस किया। सैम्पल बैग तैनात किये और एल्गी स्ट्रेन की तस्वीरें ली। यह छोटे जीव स्पेस रिसर्च के भविष्य में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। जो लंबी अवधि के मिशनों के लिये एक टिकाऊ, पोषक तत्वों से भरपूर फूड सोर्स बन सकते हैं।
ग्लोबल आउटरीच में भागीदारी
ग्लोबल आउटरीच के तहत टिबोर को हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ओर्बन से बातचीत का खास मौका मिला. पैगी व्हिटसन और स्लावोश ने अंतरिक्ष यात्रियों को स्पेस रेडिएशन से बचाने के लिए चल रहे प्रयासों के बारे में एक्सिओम स्पेस की मुख्य वैज्ञानिक डॉ. लूसी लो के साथ बातचीत की. कंपनी ने बताया कि अभी और भी बहुत कुछ होने वाला है, टिबोर स्पेस स्टेशन पर अपने अनुभवों को साझा करने के लिए हंगरी के पत्रकारों से लाइव बात करेंगे.
इसके अलावा पैगी और टिबोर मिलकर पहले मिशन अपडेट को रिकॉर्ड करेंगे कि स्पेस स्टेशन पर क्रू मेंबर्स ने किस तरह जीवन को अपनाया है और अभी क्या कोशिशें चल रहे हैं. इस दौरान शुक्रवार को शुभांशु शुक्ला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ खास बातचीत की थी और बातचीत में पीएम मोदी ने शुभांशु से उनके अनुभवों के बारे में पूछा और स्पेस को लेकर देश की महत्वाकांक्षाओं के बारे में उन्हें जानकारी दी.

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खैबर पख्तूनख्वा आत्मघाती हमले में 13 सैनिकों की मौत, 10 सैनिक समेत 29 जख्मी, आत्मघाती ने विस्फोटक से लदी गाडी सैन्य काफिले में घुसाई

इस्लामाबाद. पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा के उत्तरी वजीरिस्तान जिले में शनिवार को एक आत्मघाती हमला हुआ है। इसमें 13 सैनिक मारे गये है। 10 सैनिक और 19 नागरिक जख्मी हुए है। न्यूज एजेंसी के अनुसार एक आत्मघाती हमलावर ने विस्फोटकों से लदी गाड़ी सैन्य काफिले में घुसा दी थी।
खैबर पख्तूनख्वा में तैनात एक पुलिस अधिकारी ने एएफपी का बताया कि धमाका इतना जोरदार था कि 2 घरों की छतें गिर गयी है। जिसमें 6 बच्चे घायल हो गये। हालांकि अभी तक किसी ग्रुप ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। लेकिन यह इलाका तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान का लगातार टारगेट रहा है।
क्या है TTP?
साल 2002 में अमेरिकी सेना ने 9/11 आतंकी हमले का बदला लेने अफगानिस्तान में धावा बोलती है। अफगानिस्तान में अमेरिकी कार्रवाई के डर से कई आतंकी पाकिस्तान के कबाइली इलाके में छिप जाते हैं। इसी दौरान पाकिस्तान की सेना इस्लामाबाद की लाल मस्जिद को एक कट्टरपंथी प्रचारक और आतंकियों के कब्जे से मुक्त कराती है। हालांकि कट्टरपंथी प्रचारक को कभी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI का करीबी माना जाता था, लेकिन इस घटना के बाद स्वात घाटी में पाकिस्तानी आर्मी की खिलाफत होने लगी। इससे कबाइली इलाकों में कई विद्रोही गुट पनपने लगे।
ऐसे में दिसंबर 2007 को बेयतुल्लाह मेहसूद की अगुवाई में 13 गुटों ने एक तहरीक यानी अभियान में शामिल होने का फैसला किया, लिहाजा संगठन का नाम तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान रखा गया। शॉर्ट में इसे TTP या फिर पाकिस्तानी तालिबान भी कहा जाता है। आतंकवाद की फैक्ट्री कहे जाने वाले पाकिस्तान में अब तक जितने भी आतंकी संगठन अस्तित्व में आए हैं, उनमें तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान को सबसे खतरनाक माना जाता है।

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कांटा लगा फेम शेफाली जरीवाला का मुंबई में निधन

मुंबई. अभिनेत्री और मॉडल शेफाली जरीवाला का शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात अचानक निधन हो गया था। रिपोर्ट्स के अनुसार शेफाली को कार्डियक अरेस्ट आया। जिसके बाद उन्हें उनके पति पराग त्यागी ने तत्काल अस्पताल पहुंचाया। हालांकि अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनकी निधन की खबर से मनोरंजन इंडस्ट्री और फैंस क बीच शोक की लहर छा गयी है।
उनका शव रात करीब 12.30 बजे अंधेरी स्थित कपूर अस्पताल लाया गया। जहां पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया है। कूपर अस्पताल की असिस्टेंट मेडीकल ऑफिसर (एएमओ) के अनुसार शव किसी दूसरे अस्पताल से लाया गया है। इसलिये मौत की वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही पता चल पायेगा।
इस दौरान, मुंबई पुलिस देर रात शेफाली के अंधेरी स्थित घर पर जांच के लिये पहुंची, फॉरेंसिक टीम भी मौके पर मौजूद रहीं और ध्ज्ञर की गहन तलाशी ली गयी। हालांकि अभी तक शेफाली की मौत को लेकर आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। लेकिन जिस तरह पुलिस और फॉरेंसिक टीम जांच कर है। उसमें मामला संदेहास्पद माना जा रहा है।
कांटा लगा से मिली थी पहचान
शेफाली जरीवाला ने अपने शानदार अभियन और अपनी खूबसूरती से दर्शकों का दिल जीत लिया था। 2002 में आई आइकॉनिक म्यूजिक वीडियो ‘कांटा लगा’ में उनके डांस ने उन्हें रातों-रात फेमस बना दिया। शेफाली का ग्लैमर्स लूक, कई जगह टैंटू, कमर में बेली बटन, पियर्सिंग और मॉर्डन आउटफिट ने उन्हें कांटा लगा गर्ल के नाम से मशहूर बना दिया। इस म्यूजिक वीडियो के फेमस हो जाने के बाद देश में रीमिक्स म्यूजिक के नये युग की शुरूआत हुई।
शेफाली का ग्वालियर से नाता
कांटा लगा के नाम फेसम शेफाली जरीवाला का ग्वालियर के कारोबारी गुलजार सिंह के बड़े बेटे मीत से शादी हुई तो वर्षो ग्वालियर में रहीं है। इसके बाद मीत और शेफाली के बीच तलाक हो गया। इसके बाद वह दुबई चली गयी थी।
इसके अलावा उन्होंने कई टीवी सीरियल और प्रोजेक्टस में काम किया था, जिसके लिए उनकी खूब तारीफ हुई.बिग बॉस के सीजन 13 में शेफाली कंटेस्टेंट के तौर पर शामिल हुई थीं। वाइल्ड कार्ड एंट्री के जरिए शो में हिस्सा लिया था।  उनके व्यवहार और दूसरों के प्रति प्रेम ने दर्शकों के बीच उन्हें पसंदीदा बना दिया था।  बिग बॉस शो को सुपरस्टार सलमान खान होस्ट करते हैं. इसके अलावा, डांस रियलिटी शो नच बलिए सीजन 5 में भाग लिया था।
भारतीय पॉप कल्चर में शेफाली एक जाना-माना नाम रही हैं।  ‘कांटा लगा’ गाने रिलीज होते ही पूरे देश में सुपरिहट बन गया था और इसके जरिए ग्लैमरस स्टारडम हासिल किया।  2002 में रिलीज़ हुआ ‘कांटा लगा’ गाने, जिसमें शेफाली ज़रीवाला नज़र आई थीं, असल में 1964 में आई फिल्म ‘समझौता’ के मशहूर गाने ‘कांटा लगा’ का रीक्रिएटेड वर्ज़न था।  इस गाने को लता मंगेशकर ने गाया था और संगीत कल्याणजी-आनंदजी ने दी थी. 2002 में रिलीज किया गया रीक्रिएटेड वर्ज़न DJ Doll ने किया था और गीत टी-सीरीज ने रिलीज की थी।

 

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पुरी जगन्नाथ यात्रा की भारी भीड़ में फंसने से 600 श्रद्धालु घायल, मोड़ पर अटका भगवान बलभद्र का रथ

पुरी. ओडिशा के पुरी में महाप्रभु जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की रथयात्रा उत्सव के दौरान भारी भीड़ उमड़ने की वजह 600 से ज्यादा श्रद्धालुओं को चोटों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की वजह अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है।

बेकाबू हाथी 17 हाथियों के ग्रुप में सबसे आगे चल रहा था। शोर सुनकर वह बेकाबू हो गया। - Dainik Bhaskar

इस वजह से रथ यात्रा में काफी देरी हुई है। खासतौर पर भगवान बलभद्र के तलध्वज रथ को खीचने में जिससे अव्यवस्था फैल गयी। रथ यात्रा के रास्ते में पड़ने वाले एक मोड़ पर रथ को खीचने में काफी कठिनाई हुई। जिस वजह से जुलूस की गति धीमी हो गयी। रथ के रूकने से घटनास्थल पर काफी अधिक तादाद में श्रद्धालुओं की भीड़ जमा हो गयी।

हाथी के बेकाबू होने की 4 तस्वीरें

बेकाबू हुआ हाथी रथ यात्रा में शामिल 17 हाथियों के ग्रुप में सबसे आगे चल रहा था। उसके दौड़ लगाते ही लोगों में भगदड़ मच गई।
बेकाबू हुआ हाथी रथ यात्रा में शामिल 17 हाथियों के ग्रुप में सबसे आगे चल रहा था। उसके दौड़ लगाते ही लोगों में भगदड़ मच गई।
भगदड़ के बीच बेकाबू हाथी भीड़ में घुस गया, जिससे लोग भागकर अपनी जान बचाते नजर आए।
भगदड़ के बीच बेकाबू हाथी भीड़ में घुस गया, जिससे लोग भागकर अपनी जान बचाते नजर आए।
बेकाबू हाथी करीब 100 मीटर तक दौड़ता रहा। इस दौरान रथ यात्रा देखने पहुंचे लोग सड़क से एक तरफ खड़े हो गए और अपनी जान बचाई।
बेकाबू हाथी करीब 100 मीटर तक दौड़ता रहा। इस दौरान रथ यात्रा देखने पहुंचे लोग सड़क से एक तरफ खड़े हो गए और अपनी जान बचाई।
महावत ने अन्य हाथियों को सामने खड़ा करके बेकाबू हाथी को काबू किया।
महावत ने अन्य हाथियों को सामने खड़ा करके बेकाबू हाथी को काबू किया।

 

 

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S-400 की बची 2 यूनिट्स की डिलेवरी रूस से कब होगी, आया अपडेट

नई दिल्ली. भारत के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने चीन के किंगदाओ में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) रक्षामंत्रियोें की बैठक के दौरान रूसी रक्षा मंत्री आंद्रेई बेलौसोव के साथ एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक की। यह बैठक क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा के साथ-साथ भारत-रूस रक्षा सहयोग को और मजबूत करने के लिये महत्वपूर्ण थी।
यह बैठक ऐसे वक्त में हुई जब भारत और पाकिस्तान के बीच मई 2025 में हुए सैन्य संघर्ष के बाद क्षेत्रीय सुरक्षा की स्थिति जटिल हो गयी थी। 22 अप्रैल 2025 का जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 नागरिकों की मौत हुई थी। जिसमें एक नेपाली नागरिक भी शामिल था। इस हमले के जवाब में भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में 9 आतंकी ठिकानों पर हवाई हमले किये थे। भारत को अपनी रक्षा क्षमताओं का मजबूत करने की तत्काल आवश्यकता थी। रूस क साथ यह बैठक इसी दिशा में एक अहम कदम था।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस बैठक को “सार्थक और गहन” बताया. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि किंगदाओ में SCO रक्षा मंत्रियों की बैठक के दौरान रूसी रक्षा मंत्री आंद्रेई बेलौसोव से मिलकर खुशी हुई।  हमने भारत-रूस रक्षा संबंधों को और मजबूत करने पर गहन चर्चा की।
S-400 वायु रक्षा प्रणाली की आपूर्ति
भारत ने 2018 में रूस के साथ 5.43 अरब डॉलर का सौदा किया था, जिसमें पांच S-400 ट्रायम्फ वायु रक्षा प्रणालियों की खरीद शामिल थी. यह प्रणाली कई हवाई खतरों, जैसे मिसाइलों, ड्रोनों और लड़ाकू विमानों को लंबी दूरी पर नष्ट करने में सक्षम है। अब तक तीन S-400 इकाइयां भारत को मिल चुकी हैं।  बाकी 2  इकाइयों की डिलीवरी अगले 24 महीनों में होने की उम्मीद है।  इस बैठक में रूसी रक्षा मंत्री ने इन इकाइयों की समय पर डिलीवरी का आश्वासन दिया. यह प्रणाली भारत की रक्षा क्षमता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण है, खासकर जब चीन और पाकिस्तान जैसे पड़ोसी देशों से खतरे बढ़ रहे हैं।
Su-30 MKI लड़ाकू विमानों का अपग्रेड
भारतीय वायु सेना के पास करीब 260 Su-30 MKI लड़ाकू विमान हैं, जो उसकी रीढ़ हैं।  ये विमान ऑपरेशन सिंदूर में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं, जिसमें इन्होंने ब्रह्मोस मिसाइल के हवाई संस्करण का उपयोग करके पाकिस्तानी हवाई ठिकानों पर हमले किए थे।  इस बैठक में इन विमानों को आधुनिक बनाने पर चर्चा हुई. इसमें नई एवियोनिक्स (उड़ान प्रणालियां), उन्नत रडार और 78% स्वदेशी सामग्री शामिल करने की योजना है. यह अपग्रेड भारत की आत्मनिर्भर भारत पहल का हिस्सा है।

 

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जिस आतंकी की तलाश एक साल से सुरक्षाबलों की थी उसे एनकाउंटर में मार गिराया

श्रीनगर. जम्मू कश्मीर के उधमपुर जिले में गुरूवार को सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में जैश-ए-मोहम्मद का एक आतंकी मारा गया। सुरक्षाबल पिछले एक साल से इस आतंकी की तलाश में थे। सेना और पुलिस की संयुक्त टीम ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। 3 अन्य जैश आतंकियों की तलाश अभी भी जारी है। जिनके इलाके में छिपे होने की संभावना है।
ऐसा बताया जा रहा है कि तीनों आतंकी खराब मौसम के बीच बसंतगढ के ऊपरी इलाकों में छिपे हुए है। यह एनकाउंटर आज सुबहज तब शुरू हुई जब सेना और पुलिस की संयुक्त टीम ने खुफिया जानकारी के आधार पर बसंतगढ़ इलाके में तलाशी अभियान शुरू किया। इसके बाद मौके पर अतिरिक्त बल भी भेजे गये ।सुबह 8.30 बजे के आसपास आतंकियों के साथ एनकाउंटर शुरू हुआ जब सेना और पुलिस की संयुक्त टीम ने इलाके में तलाशी अभियान शुरू कियां इस ऑपरेशन को ’’ऑपरेशन बिहाली’’ नाम दिया गया जो अमरनाथ यात्रा से ठीक एक हफ्ते पहले शुरू किया गया।
गुरुवार सुबह शुरू हुआ एनकाउंटर
जम्मू रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IGP) भीमसेन टुटी ने जानकारी दी, “सुबह 8:30 बजे के करीब आतंकियों के साथ मुठभेड़ हुई । मुठभेड़ के समय वहां 4 आतंकियों के छिपे होने की सूचना मिली थी और हम पिछले एक साल से इस ग्रुप पर नजर रखे हुए थे.” उन्होंने यह भी बताया कि कोहरे के बावजूद तलाशी अभियान जारी है और सही स्थिति मौसम साफ होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। अधिकारियों ने बताया कि मारे गए आतंकी सहित सभी पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद संगठन से जुड़े हैं और उन्हें करूर नाला क्षेत्र में सेना की पैरा कमांडो टीम ने घेरा था।
इससे पहले, सेना की व्हाइट नाइट कॉर्प्स ने आज सुबह X (पर एक पोस्ट में लिखा, “विशेष खुफिया सूचना के आधार पर भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बसंतगढ़ के बिहाली क्षेत्र में संयुक्त अभियान शुरू किया है….ऑपरेशन अभी जारी है।”
ऑपरेशन बिहाली
इस ऑपरेशन को “ऑपरेशन बिहाली” नाम दिया गया है और यह सालाना अमरनाथ यात्रा शुरू होने से ठीक एक सप्ताह पहले शुरू किया गया है। इसके अलावा, बुधवार देर रात सांबा जिले के पुरमंडल इलाके में भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना पर तलाशी अभियान चलाया गया, हालांकि वहां कुछ नहीं मिला और ऑपरेशन को शांतिपूर्वक समाप्त कर दिया गया।

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कथावाचक कांड के दांदरपुर में बवाल, अहीर रेजीमेंट के लोगों की पुलिस से झड़प, फायरिंग और पत्थरबाजी हुई

इटावा. उत्तरप्रदेश के इटावा में माहौल तनावपूर्ण हो गया है। यादव कथावाचकों से बदसलूकी के मामले में ’’अहीर रेजीमेंट‘‘ के लोग भारी संख्या में दांदरपुर गांव पहुंचने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो भीड़ ने उनपर पथराव कर दिया। जिसके चलते पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। हालात ऐसे हो गये कि दरोगा को कई राउंड हवाई फायरिंग करना पड़ी। घटना का वीडियो सामने आया है। पत्थरबाजी में पुलिस की गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गयी। घटनास्थल पर भारी पुलिस बल मौजूद है। फिलहाल शांति व्यवस्था कायम है।
हालांकि, इस बीच पुलिस बल कुछ देर के लिये बैकफुट पर आती दिखी। लेकिन सीनियर अधिकारियों ने मोर्चा संभाला तो उपद्रवी पीछे हटे। पुलिस ने दौड़ाकर कई उपद्रवियों को घटनास्थल से ही गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने कार्यवाही के बाद भीड़ तितर-बितर हो गयी। लोग इधर-उधर भागते दिखाई दिये है। मामले में पुलिस अधीक्षक, ग्रामीण, श्रीशचंद्र ने बताया कि कुछ लोगों के द्वारा उपद्रव करने की र्कोिशश की गयी थी। हालांकि तत्काल ही इन सबको नियंत्रण कर लिया गया है। शांति व्यवस्था कायम है। दर्जन भर लोगों को गिरफ्तार किया गया है। कानून के मुताबिक इन पर कार्यवाही की जायेगी। पुलिस ने कोई कार्यवाही नहीं है। गांव के बाहर पुलिस पहले से तैनात थी। तभी सड़क पर कुछ लोग उतर आये। अशांति फैलाने की कोशिश की। जिसके बाद पुलिस ने काबू किया है। कुछ गाडि़यों भी सीज की गयी है। मालूम हो कि दांदरपुर गांव में 21 जून को कथावाचक मुकुट मणि यादव और उनके साथी संत कुमार यादव के साथ दुर्व्यवहार किया गया था।  मारपीट के बाद संत यादव का सिर भी मुड़वा दिया गया था।  आरोप था कि इन्होंने जाति छिपाकर कथा कही और महिला से छेड़खानी की. वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने 23 जून को गांव के चार आरोपी ब्राह्मण युवकों को गिरफ्तार कर लिया।  फिर इसके बाद कथा आयोजक पक्ष ने कथावाचकों पर भी रिपोर्ट दर्ज करा दी।  मामले में अखिलेश यादव ने प्रदेश सरकार को घेरा था।  पीड़ित कथावाचकों को सम्मानित भी किया।

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आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे की रेलिंग तोड़कर बेकाबू बस नीचे गिरी, 2 की मौत 52 घायल

कानपुर. सैफई में बिहार से दिल्ली जा रही बस बेकाबू होकर एक्सप्रेस वे से नीचे गिर गयी। हादसे में 2 की मौत हो गयी। जबकि 50 सवारियां घायल हो गयी। इटावा जिले में बिहार के मधुबनी से दिल्ली जा रही डबल डेकर बस आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर अनियंत्रित होकर नीचे खाई में जा गिरी। हादसे में 50 लोग घायल हो गये। सभी आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय में ले जाया गया। इनमें से 2 सवारियों को मृत घोषित कर दिया। जबकि अन्य लोगों को इलाज किया जा रहा है।
लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे से गिरी बस
डबल डेकर बस अनियंत्रित होकर रेलिंग तोड़कर नीचे जा गिरी। 2 की मौत
बुधवार को बिहार के मधुबनी से दिल्ली के लिये करीब 70 सवारी लेकर डबल डेकर बस निकली थी। गुरूवार की सुबह 4 बजे आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर किमी संख्या नम्बर 103 पर बस बेकाबू होकर खाई में नीचे जा गिरी, घटना हाते ही चीख पुकार मच गयी। सूचना पर यूपी डा की टीम और थाना पुलिस पहुची घटनास्थल पर पहुंच गयी।
2 सवारियों की मौत और 50 घायलों का उपचार जारी
टीम ने रेस्क्यू करके सभी को बाहर निकाल। घटना में घायल 52 लोगों को आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय ले जाया गया। यहां सहीना 20, निवासी बरदाहा गांव थाना जलेसर जिला मोहतारी, नेपाल, मनोज कुमार 59, निवासी रामपुर डीह, दरभंगा, बिहार को मृत घोषित कर दिया गया है अन्य लोगों को उपचार चल रहा है।

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CBSE का बड़ा फैसला-अगले साल से 2 बार होगी 10वीं बोर्ड परीक्षा, पहली बार फरवरी में तो दूसरी बार मई में होगी परीक्षा

नई दिल्ली. केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 10वीं बोर्ड परीखा का आयोजन साल में 2 बार आयोजित किये जाने वाले नियमों को मंजूरी दे दी है। वर्ष 2026से सीबीएसई की तरफ से 10वीं बोर्ड की परीक्षायें सीबीएसई 10वीं बोर्ड परीक्षा साल में 2 बार आयोजित की जायेगी। सीबीएसई एग्जाम कंट्रोलर संयम भारद्वाज ने बताया कि सीबीएसई ने 2 बार परीक्षायें करवाने के मॉडल को मंजूरी दे दी है।
सल में पहली परीक्षा फरवरी और दूसरी परीक्षा मई माह में आयोजित की जायेगी। वहीं फरवरी में होने वाली परीक्षा के नतीजे अप्रैल और मई में होने वाली परीक्षा के नतीजे जून में जारी किये जायेंगे।
आपको बता दें कि 10वीं बोर्ड परीक्षा सीबीएसई 10वीं बोर्ड एग्जाम नई दिल्ली के छात्र को पहली परीक्षा में हिस्सा लेना अनिवार्य होगा। दूसरी बार होने वाली बोर्ड परीक्षा में इच्छा से भाग लिया जा सकता है। दूसरी बार में छात्र अपने अंकों में सुधार करने के लिये हिस्सा ले सकते है। नये नियमों के हिसाब से इंटर्नल असेंसमेंट साल में एक ही बार किया जायेगा।

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