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IRGC ने एफ-35 मार गिराया, वीडियो भी जारी किया

तेल अवीव. मिडिल-ईस्ट में जारी युद्ध के बीच इजराइल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड से जुडे प्रोसेसिंग प्लांट पर हमला इजराइल ने अकेले ही किया था। इसमें अमेरिका शामिल नहीं था। नेतन्याहू ने गुरूवार की देर रात पत्रकारों से चर्चा कर बताया है कि अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इजराइल से ऐसे हमलों को फिलहाल रोकने के लिये कहा है। इजराइल इस पर अमल कर रहा है। नेतन्याहू ने कहा है कि ट्रम्प ने हमसे भविष्य में ऐसे हमले रोकने के लिये कहा है हम फिलहाल रूके हुए हैं।
युद्ध के बीच ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉप्स (आईआरजीसी) ने कहा है कि उसने अमेरिकी एफ-35 फायटर जेट पर हमला कर उसे नुकसान पहुंचाया है। आईआरजीसी ने इस हमले का वीडियो भी जारी किया है। जिसमें जेट को निशाना बनाते हुए दिखाया गया है। हालांकि इस वीडियो की पुष्टि नहीं हो पायी है। एफ-35 दुनिया के सबसे एडवांस फायटर जेट में गिना जाता है। इसकी कीमत 100 मिलियन डॉलर से ज्यादा होती है।

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युद्ध जारी है ईरान ने यूएई और कुवैत में अमेरिकी ठिकानों को फिर से किया टारगेट

Iran new attacks

नई दिल्ली. ईरान ने शनिवार को युद्ध के 49वें दौर में ऑपरेशन टू प्रॉमिस-4 शुरू किया है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने भारी मिसाइलों और ड्रोन से संयुक्त अरब अमीरात (UAE), बहरीन और कुवैत में 3 अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर अटैक किया है। इससे पहले दिन में 47वें और 48वें दौेर में ईरान ने इजरायली ठिकानों और क्षेत्र के अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला किया हे। ईरान का कहना है कि यह जवाबी हमले अमेरिका-इजरायल के लगातार हमलों के खिलाफ है।
खार्ग द्वीप पर अमेरिका का हमला-90 से अधिक सैन्य ठिकाने तबाह
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया है कि अमेरिकी सेना ने ईरान के खार्ग द्वीप पर बड़े पैमाने पर हमले किये हैं। द्वीप पर 90 से अधिक सैन्य ठिकानों को सफलतापूर्वक निशाना बनाया गया है। इनमें नेवल माइन स्टोरेज, मिसाइल बंकर और कई अन्य सैन्य सुविधायें पूरी तरह नष्ट हो गयी है। लेकिन तेल संबंधित इंफ्रास्ट्रक्चर को जानबूझ कर बचाया गया। ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी ने बताया है कि खार्ग द्वीप पर स्थिति अब नियंत्रण में है। हमले के तुरंत बाद द्वीप की एयर डिफेंस सिस्टम फिर शुरू कर दी गयी। हमलावर अपने मकसद में असफल रहे।
इजरायल ने 2 सीनियर ईरानी अधिकारियों को मार गिराया
इजरायली डिफेंस फोर्स (IDF) ने बताया है कि तेहरान पर हवाई हमले में खातम अल-अनबिया इमरजेंसी कमांड के 2 वरिष्ठ अधिकारी अब्दोल्लाह जलाली-नासब और अमीर शरीअत मारे गये। इजरायल ने पिछले 24 घंटों में ईरान के पश्चिमी और मध्यभाग में 200 से अधिक इंफ्रास्ट्रक्चर साइटों पर हमले किये। इनमें दर्जनों बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चर (कुछ तो लोडेड और फायर करने के लिये तैयार थे)। एयर डिफेंस सिस्टम, लांच पैड और हथियार स्टोरेज सुविधायें शामिल थी। इजराइल का कहना है कि यह हमले ईरान की मिसाइल क्षमता को कमजोर करने के लिये किये गये है।
युद्ध का पूरा ताजा अपडेट और स्थिति
इस युद्ध में अब ईरान लगातार जवाबी हमले कर रहा है। जबकि अमेरिका और इजरायल सैन्य ठिकानों पर फोकस्ड स्ट्राइक्स जारी रखे हुए है।  खार्ग द्वीप पर अमेरिकी हमले के बावजूद ईरान ने कहा कि उसकी एयर डिफेंस फिर सक्रिय हो गई है। दोनों तरफ से सैकड़ों मिसाइल और ड्रोन इस्तेमाल हो रहे है।  सऊदी अरब और UAE जैसे खाड़ी देश भी अब सीधे प्रभावित हो रहे है।  स्थिति अभी भी तनावपूर्ण है और दोनों पक्ष आगे के हमलों की तैयारी में लगे है।  तेल कीमतें बढ़ रही हैं और क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ गई है।

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तालिबान ने पाकिस्तान के नाम जारी किया डेथ वारंट, करांची, इस्लामाबाद और क्वेटा को दहलाने की धमकी

नई दिल्ली. अफगानिस्तान पर पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक के बाद दोनों देशों के बीच तनाव अब आर-पार की जंग में तब्दील होता हुआ दिखाई दे रहा है। पाकिस्तान द्वारा की गयी एयरस्ट्राइक के बाद अब तालिबान के एक सीनियर अधिकारी ने पाकिस्तान के प्रमुख शहरों पर हमले की धमकी दी है। यह चेतावनी कथित तोर पर अफगानिस्तान में पाकिस्तानी हवाई हमलों के बाद सामने आयी है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अफगानिस्तान के बल्ख प्रांत के तालिबान गवर्नर के प्रवक्ता हाजी जाहिद ने बताया है कि यदि पाकिस्तान की तरफ से ऐसे हमले जारी रहते हैं तो पाकिसतान के बड़े शहरों को निशाना बनाया जा सकता है। उन्होंने विशेष रूप से इस्लामाबाद, करांची और क्वेटा का उल्लेख किया है। यह बयान ऐसे वक्त में आया है जब अफगानिस्तान में तालिबान प्रशासन ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तान की सेना ने अफगानिस्तान के कई इलाकों में हवाई हमले किये है। इन हमलों में राजधानी काबुल और कंधार समेत कुछ अन्य इलाकों को भी निशाना बनाये जाने की खबरें आ रही है।

 

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युद्ध के बीच अमेरिका का रीफ्यूलिंग प्लेन क्रैश, प्लेन में 5 क्रू मेम्बर थे सवार

नई दिल्ली. अमेरिकी सेना का एक रिफ्यूलिंग विमान इराक में क्रैश हो गया, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इसकी ने बताया है कि ईरान में जारी जंग के दौरान उनका केसी-135 रिफ्यूलिंग विमान क्रैश हो गया है। इस विमान में 5 क्रू मेम्बर सवार थे।
सेना ने बयान में कहा है कि कुल 2 विमान थे। जिसमें एक विमान की सुरक्षित लैंडिंग हुई जबकि दूसरा विमान क्रैश हो गया। सेना ने कहा है कि यह हादसा ना तो दुश्मन की गोलीबारी से हुआ और न ही फ्रेंडली फायर की वजह से। फिलहाल रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। जांच की जा रही है। बयान में कहा गया है कि घटना ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के दौरान फ्रेंडली हवाई इलाके में हुई है। बचाच अभियान जारी है। यह ऑपरेशन ईरान को निशाना बनाने वाली अमेरिकी सैन्य कार्यवाही का पार्ट है।
आपको बता दें कि अमेरिका का यह केसी-135 विमान लम्बी दूरी के अभियानों के दौरान लड़ाकू विमानों और अन्य सैन्य विमानों में हवा में ही फ्यूल भरने के लिये उपयोग किया जाता था। हाल के दिनो ंमें अमेरिका ने इजरायल के साथ मिलकर ईरान के खिलाफ मध्यपूर्व में बड़ी संख्या में अपने विमान तैनात किये है। यह ऑपरेशन 28 फरवरी को उस वक्त शुरू हुआ। जब अमेरिकी और इजरायली बलों ने ईरानी ठिकानों पर हमले किये थे। इसके बाद यह जंग एक व्यापक क्षेत्री सैन्य ऑपरेशन में तब्दील हो गयी।
विमान दुर्घटना ऐसे वक्त हुई है जब इस संघर्ष में हताहतों की संख्या लगातार बढ़ रही है। हमलों की शुरूआत के बाद से अभी तक 7 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो चुकी है। ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल युद्ध में लगभग 150 अमेरिकी सैनिक घायल भी हुए है।

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भारत आने में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से कितने दिन लगते हैं ड्रोन और मिसाइलों से इन्हें कौन बचायेगा

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तेल के जहाजों और टैंकरों को ईरानी नौसेना सुरक्षा मुहैया कराती है. (Photo: Getty)

नई दिल्ली. भारत के लिये तेल और गैस का बड़ा हिस्सा अभी पारस की खाड़ी (पर्सियन गल्फ) से लाया जाता है। यह सब जहा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के संकरे समुद्र के रास्ते से निकलते है। अगर कोई तेल टैंकर या भारतीय जहा इस स्ट्रेट से निकलते हुए गुजरात के कांडला बंदरगाह या मुंबई पहुंचना चाहे तो कितना समय लगेगा? कितनी दूरी है? और सबसे आवश्यक है मिसाइल -ड्रोन हमलों के बीच यह जहाज सुरक्षित कैसे आयेंगे।

Strait of Hormuz India oil tanker route
कितनी दूरी और कितना समय लगेगा
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बाहर निकलने के बाद गुजरात के कांडला बन्दरगाह तक करीब -करीब 1000किमी की दूरी है। मुंबई तक यह दूरी लगभग 1450-1560 किमी तक है। तेल टैंकर आमतोर पर 24-31 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से चलते है। औसत गति 27.78 किमी प्रतिघंटा माने तो कांडला पहुंचने में करीब 37 घंटे यानी डेढ़ दिन लगेंगे। मुंबई पहुंचने में लगभग 53 घंटे दिन यानी 2 दिन से अधिक ज्यादा वक्त लग सकता है। दरअसल, में मौसम, लोड और रूट के हिसाब से यह समय 2-3 दिन तक हो सकता है। यह जहाज बहुत भारी होते हैं। इसलिये तेज नहीं चलते, लेकिन लगातार चलते रहते हैं।

Strait of Hormuz India oil tanker route
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों का यातायात कौन कंट्रोल करता है
यह स्ट्रेट ईरान और ओमान के बीच है। इसका सबसे संकरा हिस्सा सिर्फ 21-33 किमी चौड़ा है। यातायात को अंर्तराष्ट्रीय समुद्री कानून और इंटरनेशनल मेरीटाइम ऑर्गनाईजेशन के ट्रैफिक सेपरेशन स्कीम के तहत काबू किया जाता है। लेकिन असल में ईरान की नौसेना और इस्लामिक रिलॉवशनरी गार्ड कॉर्प (आईआरजीसी) इस इलाके पर मजबूत पकड़ रखती है। ओमान दक्षिणी हिस्से को देखता है। अमेरिका की फिफ्थ फलीट भी यहां सुरक्षा के लिये तैनात रहती है। सामान्य दिनों में हर दिन 80-130 जहाज गुजरते हैं। लेकिन तनाव के समय ईरान इसे ब्लॉकक र सकता है।

Strait of Hormuz India oil tanker route
भारतीय जहाजों को कौन सुरक्षित ले जायेगा
भारत सरकार और भारतीय नौसेना इस वक्त बहुत सतर्क है। 28-36 भारतीय झंडे वाले जहाज (जिनमें तेल और एलएनजी टैंकर शामिल) अभी फारस की खाड़ी में फंसे हुए है। सरकार ने कहा है कि भारतीय नोसेना युद्धपोत भेजकर इन जहाजों को एस्कॉर्ट दे सकती है।
पहले भी ऑपरेशन संकल्प के तहत नौसेना ने भारतीय जहाजों की सुरक्षा की थी। अभ्भी भी उच्चस्तर पर चर्चा चल रही है कि नौसेना के जहाज टैंकरों के साथ चलेंगे। उन्हें स्ट्रेट से बाहर निकालेंगे। 778 भारतीय नाविकों की सुरक्षा के लिये 24 घंटे कंट्रोल रूम काम कर रहा है।
भारत ऊर्जा का सुरक्षा का रास्ता
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज भारत के जीवन रेखा है। यहां से तेल न आया तो पेट्रोल के दाम बढ़ेंगे। अर्थव्यवस्था प्रभावित होगी। सरकार, नौसेना और शिपिंग कम्पनियां मिलकर काम कर रही है। आम नागरिकों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। जहाजों को सुरक्षा के पूरे इंतजाम हो रहे हैै। अगर स्थिति और बिगड़ी तो वैकल्पिक रूट जैसे चाबहार बन्दरगाह का उपयोग बढ़ाया जा सकता है। लेकिन फिलहाल नौसेना का एस्कॉर्ट सबसे बड़ास भरोसा है।
मिसाइल और ड्रोन हमलों से बचते हुए भारत कैसे पहुंचेंगे?
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में खतरा मिसाइल, ड्रोन और छोटी नावों से है. ईरान ने चेतावनी दी है कि दुश्मन देशों के जहाज पर हमला होगा. बचने के मुख्य तरीके ये हैं…
नौसेना का एस्कॉर्ट: भारतीय नौसेना या अमेरिकी युद्धपोत आगे-पीछे चलेंगे, ड्रोन और मिसाइल को मार गिराएंगे.
ओमान की तरफ रूट: जहाज जितना हो सके ओमान के पानी में रहकर चलेंगे जहां ईरानी खतरा कम है.
न्यूट्रल सिग्नल: कुछ जहाज अपना मालिक देश (जैसे चीन या तुर्की) दिखाकर गुजर गए. लेकिन भारतीय जहाजों के लिए नौसेना एस्कॉर्ट सबसे सुरक्षित है.
तेज निगरानी: रडार और हवाई कवर से हमलों का पता लगाकर जवाब दिया जाता है.

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सीरिया-इराक से लेकर सऊदी -यूएई -कतर तक कितनी गयी जानें

नई दिल्ली. अमेरिका और ईरानके बीच सीधा युद्ध 6 दिन में पहुंच रहा है। शुरूआत में हुए संयुक्त हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनई की मौत की खबर के बाद हालात और ज्यादा खराब हो गयी है।इसकेबाद दोनों पक्षों के बीच मिसाइल और ड्रोन हमले तेज होगये है। ईरान ने जवाबी कार्यवाही करते हुए इजरायल के शहरों जैसे तेल अवीव और यरूशलम को निशाना बनाया है। उसने कतर, बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात जैसे खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों और कुछ नागरिक ठिकानों पर भी हमले किये है। इससे पूरा इलाका तनाव में है।
यह संघर्ष अब सिर्फ मध्यपूर्व तक सीमित नहीं है। ऐसी खबर है कि श्रीलंका के पास हिन्द महासागर में एक अमेरिकी पनडुब्बी ने ईरान के एक युद्धपोत को डुबो दिया है। इससे यह साफ हो गया है कि युद्ध का प्रभाव दूर-दूर तक फैल रहा है।
बहरीन में मिसाइल को रोकने की कार्रवाई के बाद सलमान इंडस्ट्रियल सिटी में आग लग गई, जिसमें एक शख्स की मौत हो गई. यह जानकारी बहरीन के गृह मंत्रालय ने दी ।
कुवैत में ईरानी हमलों में तीन लोगों की जान गई है। इनमें दो कुवैती सैनिक शामिल है। यह जानकारी कुवैत के स्वास्थ्य और विदेश मंत्रालय ने दी है।
ओमान के तट के पास मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाले उत्पाद टैंकर एमकेडी व्योम पर एक प्रोजेक्टाइल गिरने से एक शख्स की मौत हो गई है।
संयुक्त अरब अमीरात के रक्षा मंत्रालय ने तीन लोगों के मारे जाने की पुष्टि की है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार कुवैत में एक सैन्य सुविधा पर हमले में छह अमेरिकी सैनिक मारे गए है।
सीरिया के दक्षिणी शहर स्वेइदा में एक इमारत पर ईरानी मिसाइल गिरने से 4  लोगों की मौत हुई, यह जानकारी सरकारी समाचार एजेंसी साना ने दी है।
इराक के स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक वहां कम से कम 13 लोगों की मौत हुई है। इनमें 11 मिलिशिया सदस्य, एक सेना का जवान और एक आम नागरिक शामिल है।
इन आंकड़ों से साफ है कि यह संघर्ष सिर्फ दो देशों तक सीमित नहीं रह गया है।  खाड़ी देशों और आसपास के इलाकों में भी इसका असर साफ दिखाई दे रहा है।  बढ़ती मौतों और हमलों ने पूरे क्षेत्र में अस्थिरता और डर का माहौल बना दिया है।
ईरान ने सबसे ज्यादा नुकसान होने की बात कही है. ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, अब तक 1230 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें 175 स्कूली छात्राएं और स्कूल स्टाफ भी शामिल हैं, जिनकी मौत युद्ध के पहले दिन दक्षिणी शहर मिनाब के एक प्राथमिक स्कूल पर मिसाइल हमले में हुई. यह जानकारी ईरान की मानवीय संस्था ईरानी रेड क्रेसेंट सोसाइटी ने दी है. यह साफ नहीं है कि कुल मृतकों में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के सैनिक भी शामिल हैं या नहीं है।
इजरायल में अब तक 10 नागरिकों की मौत की पुष्टि की गई है. इनमें से नौ लोगों की मौत 1 मार्च को यरूशलम के पास बीट शेमेश में ईरानी मिसाइल हमले में हुई. यह जानकारी इजरायल की एंबुलेंस सेवा मागेन डेविड एडोम ने दी है. इजरायली रक्षा बलों ने अब तक किसी सैन्य हताहत की पुष्टि नहीं की है।
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक इजरायली हमलों में वहां 77 लोग मारे गए है।

 

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इजराइल-अमेरिका हमले में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई मारे गये, खामेनेई के बेटी-दमाद और पौती की भी मौत

नई दिल्ली. ट्रम्प और इजराइल के दावे के बाद अब ईरान की सेना, सरकारी न्यूज एजेंसी और मुख्य समाचार चैनल प्रेस टीवी ने आधिकारिक तौर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की पुष्टि कर दी है। जिस वक्त यह हमला किया गया, उसी समय खामेनेई अपने कार्यालय में मौजूद थे। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड क्रॉर्प्स (आईआरजीसी) ने अपने बयान में इमाम खामेनेई की शहादत पर शोक व्यक्त करते हुए। उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है। संगठन ने उनकी मौत को सम्मानित शहादत बताते हुए कहा है कि उनका रास्ता जारी रहेगा। बयान में अमेरिका और जायोनी शासन को जिम्मेदार ठहराते हुए कड़ी कार्यवाही और बदले की चेतावनी दी गयी है। जनता से राष्ट्रीय एकता और मजबूती दिखाने की अपील की गयी है।
इससे पहले प्रेस टीवी ने लिखा है कि इस्लामिक क्रांति के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई अमेरिका और इजरायल द्वारा कियेगये संयुक्त हवाई हमलों में मारे गये है। खामेनेई की मौत के बाद ईरान में 40 दिन के सार्वजनिक शोक की घोषणा की गयी है।
खामेनेई की बेटी-दामाद, पोता और बहू की मौत
ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी फार्स ने कन्फर्म किया है कि ईरान के सुप्रीम लीडर के परिवार के कई सदस्य मारे गए हैं। इनमें उनकी बेटी, दामाद, पोता और बहू शामिल हैं।

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ईरान-इजरायल के बीच जारी है महाजंग, दोनों देशों में कितने भारतीय रहते है

नई दिल्ली. ईरान पर अमेरिका और इजरायल द्वारा किये गये हमलों के बाद अचानक बेहद तनावपूर्ण हो गये है। सबसे पहले इजरायल के रक्षामंत्री इजरायल कर्ज ने घोषणा की थी। ईरान पर सतर्कता बरतते हुए पहला हमला किया गया है। इसके कुछ ही समय बाद स्थिति और गंभीर हो गयी है। जबकि अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया -प्लेटफार्म ट्रुथ सोशल पर 8 मिनट का वीडियो जारी कर पुष्टि की कि इस ऑपरेशन में अमेरिका भी शामिल है।
इजरायल ने सुरक्षा स्थिति को देखते हुए पूरे देश में विशेष और स्थाई आपातकाल लागू कर दिया है। मिसाइल हमलों की आशंका और तेज होती झड़पों के बीच विदेशों में रहने वाले प्रवासियों, खासकर ईरान में बसे भारतीयों की चिंता स्वाभाविक रूप से बढ़ गयी है। ऐसे समय में यह जानना बेहद आवश्यक हे। कि इन दोनों देशों भारतीयों की कितनी आबादी रहती है।
कितने भारतीय है ईरान में
विदेश मंत्रालय के रिकॉड के मुताबिक ईरान में इस वक्त कुल 10,785 भारतीय प्रवासी मौजूद है। इनमें 10,320 एनआरआई और 445 भारतीय मूल के लोग (पीआईओ) शामिल है। भारी तादाद में भारतीय छात्र भी ईरान में पढ़ाई कर रहे है। इसके अलावा कई भारतीय इंजीनियरिंग, शिक्षा, ऊर्जा और व्यापार से जुड़े क्षेत्रों में कार्यरत है। भारतीय समुदाय प्रमुख रूप से तेहरान और जाहेदान जैसेबड़े शहरों में रहता है।
इजरायल में कितने भारतीय रहते हैं
वहीं इजरायल में में करीब 18,000 भारतीय नागरिक रहते हैं. इनमें ज्यादातर लोग बुजुर्गों की देखभाल करने का काम करते है। इसके अलावा कुछ लोग हीरे के व्यापार में है।  कुछ आईटी की नौकरी करते हैं और कुछ छात्र वहां पढ़ाई कर रहे हैं.पिछले वर्ष ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के दौरान भारत ने ऑपरेशन सिंधु (जून 2025) के तहत ईरान में रह रहे भारतीयों को सुरक्षित वापस लाने का अभियान चलाया था. जंग के कारण मौजूदा सुरक्षा स्थिति को देखते हुए भारतीय दूतावास ने नागरिकों से अत्यधिक सतर्क रहने की अपील की है. दूतावास ने कहा है कि भारतीय हर समय चौकन्ने रहें और इजरायल के अधिकारियों तथा ‘होम फ्रंट कमांड’ द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का कड़ाई से पालन करें. इनके अपडेटेड निर्देश oref.org.il/eng पर उपलब्ध हैंएडवाइजरी में यह भी कहा गया है कि भारतीय नागरिक तय शेल्टर के पास रहें और अपने इलाके के सबसे नजदीकी सुरक्षित स्थानों की जानकारी हर समय अपने पास रखें है।
इजरायल के अंदर सभी गैर-जरूरी यात्राओं से बचें
एडवाइजरी में भारतियों को अगली सूचना तक इज़राइल के अंदर सभी गैर-ज़रूरी यात्राओं से बचने की सलाह दी गई है। नागरिकों को लोकल न्यूज, आधिकारिक घोषणाओं और इमरजेंसी अलर्ट पर नियमित नजर रखने को कहा गया है. किसी भी आपात स्थिति में भारतीय नागरिक 24×7 हेल्पलाइन के जरिए तेल अवीव स्थित भारतीय दूतावास से संपर्क कर सकते है।

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इजरायल-अमेरिका का ईरान भीषण हमला और तेहरान में कई विस्फोट, आसमान में धुएं का दिखाई दे रहा गुबार

नई दिल्ली. इजराइल-अमेरिका ने ईरान के खिलाफ ‘‘प्रिवेंटीव अटैक’’ यानी एहतियाती सैना कार्यवाही शुरू करने का ऐलान किया है। इजरायल के रक्षामंत्री ने शनिवार की सुबह इस ऑपरेशन की पुष्टि की है। इसके साथ ही इजरायली सेना ने पूरे देश में ‘‘प्रोएक्टिव अलर्ट’’ जारी करते हुए सायरन बजाये गये। ताकि संभावित ईरानी मिसाइल हमलो से पूर्व लोग सुरक्षित ठिकानों पर पहुंच सकें। केन्द्र सरकार ने नागरिकों को अलर्ट रहने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने के लिये कहा है।
इस दौरान ईरान की राजधानी तेहरान में कई जोरदार धमाकों की खबर सामने आयी है। स्थानीय मीडिया और चश्मदीदों के अनुसार शहर के मध्य हिस्से मेंकम से कम 3 विस्फोट सुने गये। जिसकेबाद 2 और धमाकों की खबर मिली। ईरान की सरकारी मीडिया के मुताबिक, उत्तरी तेहरान के सैय्यद खानदान इलाके में भी धमाकों की आशंका जताई गयी है। हालांकि ईरानी अधिकारियों ने अीाी तक हमले की आधिकारिक पुष्टि या नुकसान के बारे में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी है।

वहीं अल जजीरा ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया कि यह अमेरिका और इजराइल का जॉइंट मिलिट्री एक्शन है। इसके तहत ईरानी सुप्रीम लीडर खामेनेई के दफ्तर के पास हमला किया गया। हमले के बाद खामेनेई को सुरक्षित जगह शिफ्ट कर दिया गया है।इजराइल ने ईरान के खिलाफ अपने नए अभियान का नाम ‘लियोनस् रोर’ (शेर की दहाड़) रखा है। यह नाम इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने तय किया है। बताया गया है कि सेना ने पहले इस हमले के लिए दूसरा नाम रखा था।यह हमला ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु हथियारों को लेकर चल रही बातचीत के बीच हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान पर हमले की धमकी दी थी। शुक्रवार को अमेरिका ने अपने नागरिकों से तुरंत इजरायल छोड़ने के लिए कहा था।

हमले की तस्वीरें…

इजराइल ने शनिवार को ईरान के कई शहरों पर हमला कर दिया।
इजराइल ने शनिवार को ईरान के कई शहरों पर हमला कर दिया।
हमले के बाद ईरान की राजधानी तेहरान में आसमान में धुएं का गुबार उठता नजर आया।
हमले के बाद ईरान की राजधानी तेहरान में आसमान में धुएं का गुबार उठता नजर आया।
तेहरान में रिहायशी इलाके के पास नजर आता धुंआ।
तेहरान में रिहायशी इलाके के पास नजर आता धुंआ।
ईरान में तेहरान समेत कई शहरों में धमाके सुने गए हैं और हवाई हमलों के सायरन बज रहे हैं।
ईरान में तेहरान समेत कई शहरों में धमाके सुने गए हैं और हवाई हमलों के सायरन बज रहे हैं।
हमले के बाद ईरान ने सभी उड़ानें रोक दी हैं और एयरस्पेस पूरी तरह खाली करा लिया गया है।
हमले के बाद ईरान ने सभी उड़ानें रोक दी हैं और एयरस्पेस पूरी तरह खाली करा लिया गया है।
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प्लेन क्रैश-हाइवे पर बिखरे नोट उठाने में जुटे लोग तो दूसरी तरफ लाशें पड़ी थी, 15 की मौत, 30 घायल

यह बोलिवियन एयर फोर्स का एक हरक्यूलिस एयरक्राफ्ट था, जो सेंट्रल बैंक से दूसरे शहरों में नए बैंकनोट ले जा रहा था। - Dainik Bhaskar

ऑल्टो. बोलिविया के एल आल्टो शहर में शनिवार की सुबह (भारतीय समयानुसार) वायुसेना का हरक्यूलिस विमान क्रैश हो गया है। प्लेन क्रैश में 15 लोगों की मौत हो गयी है। जबकि 30 से अधिक लोग घायल हो गये है। विमान देश के सेंट्रल बैंक के नये नोट लेकर जा रहा था। न्यूज एजेंसी के अनुसार खराब मौसम के बीच विमान लैंडिंग के बाद रनवे से फिसलकर पास की व्यस्त सड़क पर जा गिरा। जिस सड़क पर गिरा, वहां खड़ी 10-15 गाडि़यां भी इसके चपेट में आ गये और क्षतिग्रस्त हो गयी है।
एयरक्राफ्ट का मलवा
टूटी हुई कारें और लाशें सड़क पर बिखरी दिखाई दी। सड़क पर बैंक के नोट भी बिखरे नजरआये। जिन्हें उठाने के लिये लोग घटनास्थल पर जुट गये। घटना के बाद एयरपोर्ट अस्थाई रूप से बन्द कर दिया गया है।

हादसे की तस्वीरें…

बोलिविया में शनिवार सुबह नोटों से भरा वायुसेना का एक विमान क्रैश हो गया।
खराब मौसम के कारण प्लेन रनवे से फिसल कर पास के सड़क पर जा गिरा।
खराब मौसम के कारण प्लेन रनवे से फिसल कर पास के सड़क पर जा गिरा।
प्लेन के सड़क पर गिरने से वहां खड़ी 10 से 15 गाड़ियां इसकी चपेट में आ गईं।
प्लेन के सड़क पर गिरने से वहां खड़ी 10 से 15 गाड़ियां इसकी चपेट में आ गईं।
हादसे के बाद सड़क पर नोट और विमान का मलबा बिखर गया।
हादसे के बाद सड़क पर नोट और विमान का मलबा बिखर गया।
सड़क पर आस-पास मौजूद लोग बिखरे नोट उठाने के लिए मौके पर जमा हो गए।
सड़क पर आस-पास मौजूद लोग बिखरे नोट उठाने के लिए मौके पर जमा हो गए।
लोगों को हटाने के लिए पुलिस को पानी की बौछार और आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा।
लोगों को हटाने के लिए पुलिस को पानी की बौछार और आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा।

दो टुकड़ों में बंटा प्लेन

सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में हादसे के बाद अफरातफरी का माहौल दिखा। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए स्थानीय अधिकारियों को पानी की बौछार और आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा। हालांकि, इन वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।हादसे के बाद एल आल्टो इंटरनेशनल एयरपोर्ट को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया। राष्ट्रीय एयरलाइन ने बयान जारी कर बताया कि दुर्घटनाग्रस्त प्लेन उसके बेड़े का हिस्सा नहीं था, यह वायुसेना का विमान था। स्थानीय मीडिया में प्रसारित फुटेज में विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त दिखा। हादसे के बाद प्लेन दो टुकड़ों में बंट गया।बोलिविया का सेंट्रल बैंक आज इस घटना पर प्रेस ब्रीफिंग करने वाला है। हादसे के कारणों की आधिकारिक जांच शुरू कर दी गई है। घायलों का इलाज स्थानीय अस्पतालों में जारी है। प्रशासन ने मृतकों की पहचान और नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है।

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