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मप्र में तबादलों को लेकर परेशान कर्मचारी, अंतिम तिथि 31 जुलाई, 24 हजार आवेदन लंबित, नियम के फेर में मंत्रियों के दफ्तर व मंत्रालय में अटकी सूचियां

भोपाल. मध्यप्रदेश में तबादलों से प्रतिबंध हटाने की समय सीमा खत्म होने मे अब सिर्फ 6 दिन बाकी है लेकिन तबादला सूची अब तक जारी नहीं हो सकी है इससे अधिकारियों-कर्मचारी परेशान है। बताया जा रहा है कि सभी विभागों में करीब 24 हजार तबादला आवेदन लंबित है इसकी वजह तबादला नीति में शामिल दो नियम है जिसके चलते तबादला सूचियां मंत्रियों के यहां अटकी है। कई मंत्री सूची अनुमोदित कर मंत्रालय भेज चुके है लेकिन विभाग के अपर मुख्य सचिव और मुख्य सचिवों ने जांच के नाम पर अब तक आदेश जारी नहीं किए है।
मप्र में तबादले 1 जुलाई से 31 जुलाई के बीच किए जाने के निर्देश सीएम शिवराज सिंह ने दिए थे जिसके आधार पर सामान्य प्रशासन विभाग ने नीति जारी की थी जिसमें कहा था कि तबादलों की अंतिम तारीख 31 जुलाई के बाद एक भी तबादला आदेश जारी नहीं किया जाएगा लेकिन 25 दिन बीत जाने के बाद उच्च शिक्षा, जल संसाधन, वाणिज्यिक कर और पंचायत एवं ग्रामीण विभाग ने एक-एक सूची जारी की है।
मंत्रालय जानकारों ने बताया कि तबादला सूचियां जारी नहीं हो पाने की दो वजह है। तबादला नीति में साफ कहा गया कि तबादला आदेश जारी करते समय यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी आदेश को न्यायालय में चुनौती ना दी जा सके यदि ऐसा होता है तो इसके लिए संबंधित विभाग के अपर मुख्य सचिव अथवा प्रमुख सचिव जिम्मेदार होंगे इसके साथ ही विभाग प्रमुखों को यह निर्देश भी दिए गए है कि वे तबादला सूची अपने ऑफिशियल ई-मेल से जारी करेंगे।
इस दो नियमों के चलते अपर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव मंत्रियों सवे अनुमोदित तबादला सूचियों को बारीकी से परीक्षण कर रहे है जिसके चलते आदेश जारी होने में विलंब हो रहा है। मंत्रालय के एक अधिकारी ने दावा किया है कि सभी विभागों में 24 हजार से ज्यादा तबादला आवेदन लंबित है। कई मंत्रियों के यहां सूची अभी तक फाइनल नहीं हो पाई है हालांकि अधिकतर मंत्रियों ने सूची अनुमादित कर विभाग के अपर मुख्य सचिव या फिर प्रमुख सचिव को भेज दी है बावजूद इसके आदेश जारी नहीं हो पाए है।

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नकली तेल का कारोबार पकड़ा, राजहंस, अमृत और नीलकमल समेत कई ब्रांड के पैकेट में भर रहे थे नेपाल का मंगाया तेल, छापे में 9.50 लाख रुपए का सोयाबीन का ऑयल जब्त, 16 सैंपल लिए

इंदौर. इंदौर में खाने के तेल में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। दो दिन के अंदर दो जगह छापे में तेल का नकली कारोबार पकड़ा गया है। नेपाल से खुला तेल मंगाकर अलग-अलग कंपनियों के ब्रांड में तेल भरा जा रहा था। इसमें सूर्या कोकोनट ऑयल, हैलो रिफाइंड सनफ्लावर ऑयल, सिद्ध बाबा रिफाइंड, राजहंस, अमृत और नीलकमल समेत कई कंपनियों के ब्रांड के नाम पर पैकिंग कर रहे थे। खाद्य विभाग ने शनिवार को छापे मौके से 16 सैंपल जांच के लिए भेजा है। शुक्रवार को भी 11 सैंपल भेजे गए थे।

एडीएम अभय बेड़ेकर को शनिवार को सूचना मिली थी कि पांचाल कम्पाउंड, लसूडिया मोरी स्थित वीएचडी डिस्ट्रीब्यूटर्स पर नेपाल से इम्पोर्ट खाद्य तेल भारी मात्रा में रखा गया है। टीम ने वहां निरीक्षण किया। टीम को मौके पर नेपाल से इम्पोर्ट किया गया खाद्य तेल मिला। इसके साथ ही विभिन्न ब्राण्डों के नाम से खाद्य तेल और घी भी मिला। टीम ने अलग-अलग ब्राण्ड के 16 सैंपल टेस्टिंग के लिए लैब भेजे हैं। इनकी रिपोर्ट मिलने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। वैसे यहां पर टीम को फूड सेफ्टी एण्ड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया का लाइसेंस मिला जो 28 जून 2021 को रिन्यू किया गया है और उसकी वैलेडिटी 28 अगस्त 2023 तक है। इस लाइसेंस की जांच की जा रही है।

इन 16 ब्रांडों के लिए सैंपल, 9.50 लाख रु. का तेल जब्त
खाद्य विभाग की टीम ने कंपनी पार्टनर विक्रम देसाई व पराग देसाई से पूछताछ की है। इसके साथ ही तेल के 16 ब्रांडों के सैंपल लिए हैं। ये ब्रांड राजहंस सोयाबीन ऑयल, अमृत सोयाबीन ऑय, सिद्ध बाबा सोयाबीन ऑयल, अमृत सोयाबीन ऑयल, राजहंस सोयाबीन आयल पैक टू लूज, अमृत सोयाबीन ऑयल पैक टू लूस, कमानी पाम कर्नेल ऑयल पैक टू लूस, कमानी फूडलाइट पाम सुपरोलीन ऑयलपैक टू लूज, तिरुपति ग्राउण्डनट ऑयल पाउच पैक, नीलकमल सनफ्लावर ऑयल, सनफ्लावर ब्रांड वनस्पति, तिरुपति ग्राउंडनट ऑयल, तिरुपति कपासिया तेल व जैमिनी वनस्पति हैं। ये ब्राण्ड आधा लीटर से लेकर 15 लीटर तक में उपलब्ध थे। इस तरह कुल 16 सैंपल टेस्ट लेकर 7200 लीटर सिद्ध बाबा सोयाबीन ऑयल जब्त किया गया है। इसकी कीमत 9.50 लाख रु. है। इन पैक तेलों के लेवल पर इम्पोर्टर का पूरा पता भी नहीं पाया गया।

 

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डीआईजी कार्यालय युवती ने किया आत्मदाह का प्रयास, डीएसपी ने पहुंचाया थाने

इन्दौर. डीआईजी कार्यालय इन्दौर दोपहर नाबालिग लड़की ने आत्मदाह करने की कोशिश की थी, लेकि समय रहते पुलिस कर्मियों ने उन्हेंबचा लिया लड़कियों का आरोप था। इलाके में रहने वाले कुछ बदमाश लगातार उन्हें परेशान कर रहे हैं और 2 माह से वह पलासिया थाने के जा रही है। लेकिन थाने में उसकीकोई सुनवाई नहीं हुई वहीं, बदमाश उसे कई बार रेप कर उसका वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी दे रहे हैं। थाने पर सुनवाई नहीं होने की वजह से नाबालिग लड़की शुक्रवार की दोपहर डीआईजी कार्यालय पहुंची थी और आत्मदाह करने की कोशिश कर रही थी।
घटना की खबर मिलने के बाद पुलिस हैडक्वार्टर डीएसपी अजय बाजपेई ने पीडि़त युवती की पूरी बात सुनकर पलासिया थाने फोन लगाकर संबंधित आरोपियों पर कार्यवाही करने की बात कहीं है। वहीं, युवती ने अपने आवेदन में जो बात लिखी थी वह एक भयावाह स्थिति का बयान करती है।
महिला सुरक्षा पर सवाल
जहां प्रदेश के मुख्य एक और बेटियों पर हो रहे अत्याचार के लिए हमेशा समीक्षा बैठक में आला अधिकारियों को यह निर्देश देते हैं। कि महिला संबंधित शिकायतों का निराकरण तुरंत किया जाए। वही नाबालिक को अपने ऊपर हुए अत्याचार के लिए आत्महत्या का सहारा लेना पड़ रहा है। इस तरह की घटना पुलिस पर कई तरह के सवालिया निशान खड़े करती है।
मामले की जानकारी लगने के बाद आला अधिकारी ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की बात तो कही है। लेकिन पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान उठते हैं। कि क्या आम व्यक्ति की सुनवाई थानों पर नहीं हो रही है और यदि हर व्यक्ति को वरिष्ठ अधिकारियों के सामने आत्महत्या करने जैसा संगीनजुर्म करना पड़े तो फिर पुलिस विभाग क्या कर रहा है।

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उच्च न्यायालय खण्डपीठ ग्वालियर के अधिवक्तागण हेतु योग प्रशिक्षण शिविर सम्पन्न

ग्वालियर वर्तमान परिस्थितियों में पूरे देश में फैली वैश्विक महामारी कोविड-19 से बचाव हेतु शरीर को तंदुरूस्त बनाए रखने एवं प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाए जाने की आवश्यकता है, जिस हेतु उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति ग्वालियर के तत्वावधान में प्रथम चरण में 10 से 19 मई तक उच्च न्यायालय खण्डपीठ के अधिवक्तागण हेतु योगा प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन ऑनलाइन जूम एप के माध्यम से किया गया।
उक्त कार्यक्रम का समापन आज 19 मई को हुआ। समापन अवसर पर योग गुरू श्रीकांत मिश्रा द्वारा कोविड से बचाव के लिये आवश्यक योगासन, प्राणायाम का प्रशिक्षण दिया गया तथा अधिवक्तागण द्वारा पूछे गए प्रश्नों का विस्तृत रूप से निराकरण किया गया। योग प्रशिक्षण कार्यक्रम में मध्यप्रदेश राज्य अधिवक्ता परिषद के सदस्य, वरिष्ठ अधिवक्तागण, शासकीय अधिवक्तागण एवं अधिवक्तागण ने उपस्थित रहकर योगासन एवं प्राणायाम का प्रशिक्षण प्राप्त किया।
इसी अनुक्रम में द्वितीय चरण में दिनांक 20 से 29 मई तक प्रात: 8 से 9 बजे तक उच्च न्यायालय खण्डपीठ ग्वालियर के अधिकारी-कर्मचारीगण हेतु योग प्रशिक्षण शिविर का आयोजन ऑनलाइन जूम एप के माध्यम से किया जा रहा है, जिसका शुभारंभ न्यायमूर्ति शील नागू, प्रशासनिक न्यायाधिपति, उच्च न्यायालय खण्डपीठ ग्वालियर द्वारा किया जायेगा।

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निर्वाचन आयोग का बड़ा ऐलान, मार्च में होगी निकाय चुनाव की तारीखों की घोषणा

भोपाल. मध्य प्रदेश में होने वाले नगरीय निकाय और पंचायत चुनावों की सरगर्मियां तेज हो गई है। राज्य निर्वाचन आयोग ने राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के सदस्यों के साथ बैठक आयोजित की थी। बैठक में राज्य निर्वाचन आयुक्त बसंत प्रताप सिंह ने निर्वाचन प्रक्रियों की जानकारी देते हुए बताया कि हाईकोर्ट के निर्देशानुसार मार्च महीने में निकाय या पंचायत में से किसी एक चुनाव की तारीखों की घोषणा कर दी जाएगी।
इससे पहले बैठक में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने कहा कि पहले त्रिस्तरीय पंचायतों के निर्वाचन करवाए जाए। प्रतिनिधियों का कहना था कि पंचायत निर्वाचन अभी नहीं करवाये गये तो बरसात के मौसम में पंचायत निर्वाचन कराना संभव नहीं होगा क्योंकि एमपी बोर्ड की परीक्षाएं 30 अप्रैल से 18 मई तक और सीबीएससी की बोर्ड परीक्षाएं 4 मई से 12 जून तक निर्धारित है इसलिए पहले पंचायत चुनाव होंने चाहिए।
चुनाव की तैयारियां पूरी
बता दें कि चुनाव आयोग की तरफ से नगरीय निकाय चुनाव और पंचायत चुनाव के लिए फाइनल वोटर लिस्ट भी जारी हो चुकी है जबकि राजनीतिक दल भी चुनावों की तैयारियों में जुटे हुए है जबकि अब मुख्य चुनाव आयुक्त बसंत प्रताप सिंह ने भी मार्च में ही चुनावों की तारीखों का ऐलान करने की घोषणा कर दी है। बताया जा रहा है कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव तीन चरणों और नगरीय निकाय चुनाव दो चरणों में आयोजित कराएं जाएंगे।

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मध्यप्रदेश की सौर ऊर्जा से दौड़ रही है दिल्ली की मेट्रो ट्रेन

ग्वालियर – नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री हरदीप सिंह डंग ने कहा कि प्रदेश में पिछले 9 सालों में नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन में दस गुना वृद्धि हुई है। प्रदेश में वर्ष 2012 में नवकरणीय ऊर्जा की क्षमता 491 मेगावॉट थी जो वर्ष 2020 में बढ़कर 5042 मेगावॉट हो गई है। इसमें पवन ऊर्जा की 2444 मेगावॉट, सौर ऊर्जा की 2380, बायोमास की 119 और लघु जल विद्युत परियोजना से 99 मेगावॉट बिजली शामिल है। श्री डंग ने कहा प्रदेश के लिये गौरव की बात है कि देश की सबसे बड़ी रीवा जिले की अल्ट्रा मेगा सौर परियोजना की बिजली से दिल्ली की मेट्रो रेल दौड़ रही है।
उल्लेखनीय है कि यूएनईपी की एक रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि यदि वर्तमान गति से परम्परागत ऊर्जा स्त्रोतों का उपयोग किया जाता रहा तो संभव है 2050 तक ग्रीनहाऊस गैसों का उत्सर्जन दुगना हो जायेगा। ऐसे मे नवकरणीय ऊर्जा पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य के लिये बेहतर विकल्प के रूप में सामने आयी है। नवकरणीय ऊर्जा प्राकृतिक अक्षय ऊर्जा स्त्रोत जैसे सूर्य, पवन, जल, बायोमास आदि से उत्पन्न की जाती है। विश्व में लगातार बढ़ रही जनसंख्या के कारण ईंधन की लागत बढ़ने के साथ परम्परागत ईंधन भण्डारों में भी निरन्तर कमी होती जा रही है। नवकरणीय ऊर्जा ऐसे में कोयला, तेल और प्राकृतिक गैस जैसे पारम्पारिक ऊर्जा स्त्रोत निर्भरता कम करने में सक्षम हैं।

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लाल किले पर धार्मिक झण्डा जुगराज ने फहराया था, टीवी पर देखकर गांव वालों ने पहचाना

नई दिल्ली. नये कृषि कानून के विरोध में किसान आन्दोलन के नाम पर 26 जनवरी को दिल्ली में जो हिंसा हुई उससे पूरा देश शर्मशार हैं। इस दिन लाल किले पर धार्मिक झण्डा लगा दिया गया। इसका आरोप 22 वर्ष के जुगराज सिंह पर हैं। वह पंजाब के तरनतारन जिले वां तारांिसह गांव का निवासी है। वह मजदूरी करता है। उसके परिवार पर 5 लाख का कर्ज है।
26 जनवरी की रात 10 बजे ही पुलिस जुगराज के घर पहुंच गयी थी। पूछताछ में जुगराज ंिह के पिता बलदेव सिंह ने सिर्फ यह बताया था कि उनका बेटा किसान आन्दोलन में शामिल होने दिल्ली गया है और इसके बाद से जुगराज के पिता बलदेव सिंह, मां भगवंत कौर और एक बहन अण्डरग्राउण्ड हो गये हैं। जुगराज के परिवार में माता-पिता, दादा-दादी और 3 बहनें है। 2 बहनों की शादी हो चुकी है। गांव वां तारासिंह पाकिस्तान के बॉर्डर से सटा हुआ है। यहां बॉर्डर पर तार फेंसिंग से सटी दो एकड़ जमीन पर जुगराज का परिवार खेती करता है।
कौन है जुगराज
22 वर्ष के जुगराज सिंह पर हैं। वह पंजाब के तरनतारन जिले वां तारांिसह गांव का निवासी है। वह मजदूरी करता है। उसके परिवार पर 5 लाख का कर्ज है। मैट्रिक पास जुगराज ढाई वर्ष पूर्व चेन्नई की एक प्रायवेट कंपनी मंें काम करने के लिये गया था। लेकिन 5 माह बाद ही लौट आया था। अब मजदूरी करता है। ऐसा बताया जा रहा है कि गांव से 24 जनवरी को कुछ लोगों को लेकर 2 ट्रैक्टर ट्रॉलियां दिल्ली के लिये रवाना हुई थी, जुगराज भी इनके साथ गया था।
दादी ने पोते किया बचाव
जुगराज के घर अभी दादा महलसिंह और दादी गुरचरण कौर है। दादी ने बताया कि गांव में 6 गुरूद्वारे हैं। जुगराज इन गुरूद्वारों में निशान साहिब पर चोला चढ़ाने की ेवा करता था। वह अपने पोते के बचाव में कहती है कि साथियों के उकसाने पर जोश में आकर जुगराज ने लाल किले पर झण्डा फहरा दिया होगा।
गांववालों ने टीवी पर देख कर पहचाना
गांव के साधासिंह, प्रेमसिंह, गुरसेवक सिंह और महिन्दर सिंह ने बताया कि कुछ शरारती लोगों ने यह गलत हरकत की है। परिवार और गांववालों ने जुगराज के किसी भी खालिस्तानी मूवमेंट के साथ संबंध होने की बात से मना किया है। उनका कहना है कि उन्हें टीवी देखकर ही इस घटना का पता चला, दूसरी ओर एक पुलिस अधिकारी का कहना है कि जांच की जा रही है कि मामला खालिस्तान आन्दोलन से तो नहींे जुड़ा हुआ है।

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दो मंडल अध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर भाजपा कार्यालय के बाहर हंगामा, बैठक में प्रदेश महामंत्री के सामने की गयी गाली गलौज

ग्वालियर. मंगलवार की बीजेपी की बैठक में प्रदेश महामंत्री भगवानदास सबनानी के सामने कार्यकर्त्ताओं में जमकर गालीगलौज हुई है। घटना मंगलवार की शाम मुखर्जी भवन के भाजपा मुख्यालय की है। हाल ही में भगतसिंह मण्डल, रामकृष्ण मंडल के अध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर काफी हंगामा हुआ है जो बैठक में भी फूट पड़ा। इससे पहले नियुक्ति का विरोध करने वालों ने सांसद ग्वालियर के घर का भी घेराव किया गया था।
क्या है पूरा मामला
भगत सिंह मंडल में हरिओम झाए रामकृष्ण मंडल में उमेश भदौरिया की नियुक्ति को लेकर विरोध करने वाले पक्ष का कहना है कि जिन्होंने संगठन के प्रदेश संगठन मंत्री को अपशब्द कहे और उनके खिलाफ अमर्यादित भाषा का उपयोग किया। जिलाध्यक्ष कमल माखीजानी की नियुक्ति का विरोध कर खुलेआम गली गलोज कीए उनको ही पार्टी में पद से नवाजा गया है। इससे पार्टी में गलत परंपरा बनेगी। पहले सांसद विवेक शेजवलकर का घर का घेराव किया गया । इसके बाद शाम भाजपा कार्यालय में बैठक के दौरान विरोध करने वालों का गुस्सा फूट पड़ा। विरोध करने वालों में भाजपा नेता राजू समाधियाए मनमोहन तिवारीए श्यामानंद शुक्लाए गिर्राज कंषानाए संजयए मनीष तोमरए अनिल त्रिपाठीए अजय गुप्ताए नवीन गुर्जर व राघवेन्द्र शर्मा व अन्य कार्यकर्ता हैं।

मण्डल अध्यक्ष नरेन्द्रसिंह तोमर समर्थक बनाये गये
ऐसा बताया गया है कि शहीद भगतसिंह मण्डल के अध्यक्ष पद पर हरिओम झा व रामकृष्ण मंडल के अध्यक्ष उमेश भदौरिया दोनों की नियुक्ति प्रदेश के हस्तक्षेप के बाद सीधे की गयी हैं। यह केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्रसिंह तोमर के गुट के माने जाते हैं। इसलिये पहले यह जिलाध्यक्ष की नियुक्ति का भी विरोध कर रहे थे और अब इनकी नियुक्ति का विरोध किया जा रहा हैं।

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रघुपति राघव राजा राम, मोदी सरकार को सन्मति दे भगवान- मितेन्द्र दर्शन सिंह

ग्वालियर. फूलबाग उद्यान स्थित गांधी प्रतिमा के सामने भारतीय युवा कॉंग्रेस के राष्ट्रीय सचिव मितेन्द्र सिंह के नेतृत्व मैं मोदी सरकार द्वारा लाए गए कृषि के काले कानून का विरोध प्रदर्शन करते हुए गांधी की विचारधारा के अनुसार मोदी सरकार को सद्बुद्धि के लिए भजन कीर्तन का आयोजन किया गया।
इस मौके पर मितेन्द्र दर्शन सिंह ने कहा रघुपति राघव राजा राम,  मोदी सरकार को सन्मति दे भगवान। जिस से आज होने वाली सरकार और किसानों के बीच होने वाली बातचीत से पूर्व सरकार को सधबुद्धि आए । सरकार कृषि के 3 काले कानून वापस ले व न्यूनतम समर्थन मूल्य की लिखित गारंटी दे ताकि इस कड़कड़ाती ठंड में धरने पर बेठे हुए देश के अन्नदाता अपने घर की तरफ वापसी कर सकें।
इस अवसर पर कॉंग्रेस के जिलाध्यक्ष डॉ देवेन्द्र शर्मा,  ग्रामीण अध्यक्ष अशोक सिंह,  पूर्व मंत्री बालेंदु शुक्ल,  महाराज सिंह पटेल, वीर सिंह तोमर,  पप्पन यादव,  लतीफ़ खान मल्लू,  हेवरण कंसाना,  रुचि गुप्ता समेत सेकड़ों की संख्या मैं कॉंग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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मध्यप्रदेश में बिजली चोरों की खैर नही तीनों बिजली कंपनी को 3 थाने खोलने के लिये लिखा पत्र

भोपाल. मप्र में बिजली चोरी पर अंकुश लगाने को लेकर अब बिजली कंपनियों के पास स्वयं ही पुलिस होगी। इसके लिये हर जिले में अलग से थाने खोले जायेंगे। मप्र शासन ने तीनोंकंपनियों से क्षेत्रों से इन थानों की स्थापना के संबंध में परीक्षण कर थाने के लिये उपयोग होने वाली जमीन का आंकलन करने के लिये कह दिया है। मप्र शासन ऊर्जा विभाग ने इस संबंध में तीनों कंपनियों मध्य, पूर्व और पश्चिम क्षेत्र की विद्युत कंपनी को पत्र लिखा हैं।
बिजली कंपनी अभी तक स्थानीय पुलिस पर निर्भर थी
बिजली चोरी के मामलों विद्युत वितरण कंपनियों को स्थानीय पुलिस की दद लेना पड़ती है। इसके लिये लगातार पत्र भी जारी करने होते हैं। पत्र देने के बाद भी कई बार पुलिस उपलब्ध नहीं हो पाती और साथ ही खेतों में केवल चोरी के मामले भी सामने आते रहते हैं। इस वजह से बिजली कंपनियों द्वारा बिजली थाने बनाये जाने की मांग की जा रही थी। कई बार बिजली कर्मचारियों पर हमले तक हो जाते हैं।

इस तरह होगा स्टाफ

बिजली थाने बनने पर हर थाने में 2 उप निरीक्षक, 4 सहायक उप निरीक्षक, 8 प्रधान आरक्षक, 16 आरक्षक का स्टाफ रखे जाने की संभावना है। इनमें 14 पुरुष और दो महिला आरक्षक शामिल होंगे। इसके अतिरिक्त 30 जवानों को थाना कार्यालय में कार्य करने के लिए पदस्थ किया जाएगा। इसी तरह उप निरीक्षक सहायक श्रेणी- 2 का एक पद, सहायक उप निरीक्षक डेटा ऑपरेटर का एक पद और सहायक उप निरीक्षक सहायक श्रेणी- 3 का भी एक पद रहेगा। यह आबकारी टीम की तरह काम करेगी। अंतर सिर्फ इतना होगा कि आबकारी की टीम शराब के लिए और बिजली कंपनी की पुलिस बिजली चोरों पर कार्रवाई करेगी।