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मेला व्यापारियों की समस्याओं के निराकरण के लिए श्री सिंधिया ने कलेक्टर को पत्र लिखकर किया निर्देशित

ग्वालियर, श्रीमंत माधवराव सिंधिया ग्वालियर व्यापार मेला व्यापारी संघ के अध्यक्ष महेन्द्र भदकारिया, संजय दीक्षित एडवोकेट एवं वरिष्ठ उपाध्यक्ष व प्रवक्ता अनिल पुनियानी ने दिल्ली में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य माधवराव सिंधिया को ज्ञापन देकर उन्हें श्रीमंत माधवराव सिंधिया ग्वालियर व्यापार मेला के आयोजन से जुड़ी अनियमितताओं, मेला प्राधिकरण की उदासीनता एवं वही कृषि उपज मंडी कमेटी की लापरवाही,उदासीनता, धांधली एवं मेला व्यापारियों के प्रति अधिकारियों द्वारा बरते जाने वाले असहयोगात्मक रवैए से अवगत कराते हुए यथोचित कड़ी कार्रवाई के लिए आग्रह किया। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मेला व्यापारी संघ द्वारा प्रस्तुत ज्ञापनपत्र को गंभीरता से लेते हुए पुरजोर ढंग से आश्वस्त किया कि ग्वालियर व्यापार मेला में विगत कई दशकों से अपनी दुकानें, शोरूम, झूले, पंडाल लगाने वाले दुकानदारों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जाएगी एवं इन सभी समस्याओं, शिकायतों का संज्ञान लेते हुए मेला व्यापारियों को अपने व्यापार-व्यवसाय के लिए मेला परिसर में व्यवधानरहित सहयोगी वातावरण सुलभ कराने के लिए हरसंभव कदम उठाए जाएंगे।
केंद्रीय मंत्री श्री सिंधिया ने मेला व्यापारी संघ की समस्याओं को सुनने के तत्काल बाद ही कलेक्टर, ग्वालियर को पत्र लिखकर निर्देशित किया है कि 115 वर्ष पुराने ऐतिहासिक धरोहर श्रीमंत माधवराव सिंधिया ग्वालियर व्यापार मेला परिसर में कोरोना काल में तात्कालिक तौर पर परिसर में लगाई गई सब्जी मंडी के कारण क्षतिग्रस्त हुई दुकानों, सड़कों, पानी व सीवर लाइनों को दुरुस्त करने के लिए तत्काल मरम्मत कराई जाए। ज्ञापनपत्र के दौरान मेला व्यापारी संघ के अध्यक्ष महेन्द्र भदकारिया, संजय दीक्षित एडवोकेट व वरिष्ठ उपाध्यक्ष व प्रवक्ता अनिल पुनियानी से सभी विषयों पर चर्चा करते हुए श्री सिंधिया ने कहा कि वे यही चाहते हैं कि ऐतिहासिक ग्वालियर व्यापार मेला की शान व गौरव में और अधिक वृद्धि हो एवं देशभर से व्यापारीबन्धु व सैलानी मेला में आते रहें।
श्रीमंत माधवराव सिंधिया ग्वालियर व्यापार मेला व्यापारी संघ के सचिव महेश मुदगल, उमेश उप्पल, अरुण केन, रामबाबू कटारे,आदित्य बल्लभ त्रिपाठी, ऋषि कुमार कटारे विधिक सलाहकार, राजेन्द्र भदौरिया, कल्ली पंडित, हरिकांत समाधिया,नवीन माहेश्वरी, पीताम्बर,लोकवानी, अनुज गुर्जर, सुरेश हिरयानी, सतीश अग्रवाल,ललित अग्रवाल,गोविंद गुप्ता, बब्बन सेंगर, चंदन सिंह बैस,महेंद्र बैस, विजय कवजु,मनोज अग्रवाल सहित मेला व्यापारी संघ के समस्त पदाधिकारियों, सदस्यों व मेला व्यापारियों ने मेला व्यापारियों की समस्याओं को गंभीरता से लेकर जिला प्रशासन को कार्रवाई के लिए निर्देशित करने पर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रति हार्दिक आभार व धन्यवाद व्यक्त किया है।

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सराफा कारोबारी के 20 लाख के सोने के जेवरात के साथ बदमाषों को किया गिरफ्तार

ग्वालियर. हॉलमार्क लगवाने के लिये निकला युवक हॉलमार्क लगवाने पहुंचा ही नहीं बल्कि एक्टिवा बुलाई और मौके से गायब हो गया। मुख्य आरोपी एक्टिवा लेकर निकला तो पुलिस चेकिंग में पकड़ा गया। इस घटना में 4 आरोपी थे जिसमें 6 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गये आरोपियों से 70 प्रतिशत ज्वेलरी की बरामदगी हो गयी और 20 प्रतिशत शेष अभी एक आरोपी फरार हैं। जिसको पकड़ने के लिये पुलिस पार्टी रवाना कर दी गयी है।
पुलिस अधीक्षक अमित सांघी सूचना प्राप्त हुई कि सराफा कारोबारी के सोने के जेवरात लेकर भाग जाने वाले बदमाशों को रिठोरा तिराहा मालनपुर पर देखा गया है। थाना कोतवाली पुलिस तथा क्राईम ब्रांच ग्वालियर की संयुक्त टीम बनाकर उक्त आरोपियों को गिरफ्तार करने हेतु भेजा गया। बताये स्थान रिठोरा तिराहा मालनपुर पर पहुंचकर घेराबंदी की गई। पुलिस टीम की घेराबंदी को देख कर दो संदिग्ध व्यक्तियों ने वहां से भागने का प्रयास किया, जिनको पुलिस टीम द्वारा घेराबंदी कर पकड़ लिया गया। पकड़े गये बदमाषों से पूछताछ करने पर उन्होने अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर सोने के जेवरात को लेकर भाग जाना स्वीकार किया।दोनों बदमाषों की निषादेही पर उनके तीसरे फरार साथी को ग्वालियर शहर से गिरफ्तार कर पकडे़ गये तीनों बदमाशों के कब्जे से पुलिस टीम द्वारा ले जायेे गये जेवरात में से 08 जोड़ी मंगलसूत्र मय काले मोती के, 05 जेंट़स अंगूठी, 19 जोड़ी सोने की बाली, 05 जोड़ी झाले, 01 सोने की चैन कुल वजनी 275 ग्राम, 01 एप्पल का मोबाइल एवं 10 हजार रूपये नगद बरामद किया गया। है।
ज्ञात हो 10 अक्टूबर को फरियादी सराफा कारोबारी द्वारा थाना कोतवाली आकर लिखित रिपोर्ट की थी। उन्होने अपने दुकान में काम करने वाले कर्मचारी को 08 सोने की चैन, 08 मंगलसूत्र, 30 लेडिज अंगूठी, 11 जेंट्स अंगूठी, 05 जोड़ी कान के झाले, 21 जोड़ी कान की बाली कुल वजन 490 ग्रामकीमती 20 लाख रूपये के हॉलमार्क लगवाने हेतु आमोला सेंटर भेजा था। काफी समय तक मेरे कर्मचारी के वापस न आने पर मेरे द्वार आमोला सेंटर पर फोन लगाकर अपने कर्मचारी के संबंध में जानकारी की गई तो ज्ञात हुआ कि वह जेवरात लेकर वहां पहुंचा ही नहीं, इस पर से मेरे द्वारा कर्मचारी से घर पर भी पता कराया तो वह घर पर नहीं मिला। जिससे मुझे पूर्ण विश्वास हो गया कि वह मेरे जेवर लेकर भाग गया है।
बरामद ज्वेलरी
08 जोड़ी मंगलसूत्र मय काले मोती के, 05 जेंट़स अंगूठी, 19 जोड़ी सोने की बाली, 05 जोड़ी झाले, 01 सोने की चैन कुल वजनी 275 ग्राम, 01 एप्पल का मोबाइल एवं 10 हजार रूपये नगद।
क्राइम ब्रांच की टीम ने बदमाशों को पकड़ने के लिये हैडकान्स्टेबल अर्चना कंसाना, एसआई नितिन छिल्लर और आरक्षक प्रदीप यादव, कपिल पाठक ने कड़ी मेहनत करके बदमाशों को दबोचने में कामयाबी मिली।

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ग्वालियर में रात को हुई वर्षा, अचानक बादल छाये तेज हवा के साथ हुई रिमझिम वर्षा

ग्वालियर. मप्र में पोस्ट मानसून एक्टिव हो गया है। रविवार की रात ग्वालियर,े भोपाल, इन्दौर में तेज वर्षा के साथ-साथ ग्वालियर में रिमझिम वर्षा हुई है। शाम को ग्वालियर में अचानक बादल छा गये। तेज हवा चलने लगी। जिससे मौसम एक दम बदल गया। रात होते ही रिमझिम कहीं-कहीं तेज वर्षा शुरू हो गयी। पूरे शहर में रूक-रूक वर्षा हुई है मौसम विभाग की माने तो गरज चमक के साथ अगले 24 घंटे में वर्षा की संभावना है। वर्षा के कारण कुछ इलाकों में बिजली भी गुल रही, लेकिन जल्द फॉल्ट को सुलझा लिया गया।
ग्वालियर‘-चम्बल संभाग में रविवार की दोपहर के बाद अचानक मौसम बदलने लगा। सुबह से तेज धूप थी। इस वजह से दिन में अधिकतम तापमान भी 35.8 डिग्री सैल्सियस तक पहुंच गया था। जबकि रात के न्यूनतम तापमान भी 23.1 डिग्री सैल्सियस दर्ज किया गया है। लेकिन उसके बाद अचानक पोस्ट मानसून एक्टिविटी तेज हुई। पहले बूंदाबादी हुई फिर शाम के समय तेज हवा चली। लगभग 3 से 4 किमी की रफ्तार से चली हवा के बाद रात को अचानक वर्षा शुरू हो गयी। वर्षा से मौसम सुहाना हो गया। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान ग्वालियर-चम्बल संभाग के शहरों में कहीं-कहीं गरज -चमक के साथ वर्षा होने की संभावना जताई थी। श्योपुर सहित 13 जिलों में भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया है।

यहां भारी बारिश का अलर्ट
अंचल के श्योपुरकलां, शिवपुरी, गुना जिलों में कहीं-कहीं तेज पानी गिरने की संभावना मौसम विभाग ने जताई है। इसके साथ ही ग्वालियर में गरज चमक के साथ बूंदाबांदी की संभावना है।

इस कारण हो रही है बारिश
मौसम वैज्ञानिक वेद प्रकाश सिंह ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम के कारण यह बारिश हो रही है। 24 घंटों में प्रदेश के कई इलाकों में बारिश हुई। बादल होने के कारण ही रात का पारा सामान्य से ऊपर चढ़ गया है। यह स्थिति अगले दो-तीन दिन तक रहेगी।

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ताइवान को चीन से बढ़ते खतरे की चिंता, अमेरिका से कहा जल्द दें डिलेवरी एफ-16 फायटर जेट्स

ताइपे. चीन की ताइवान के ऊपर दादागिरी किसी से छिपी नहीं है। पिछले कुछ वर्षो से चीन लगातार ताइवान को धमका रहा है। चीन ने ताइवान की सीमा में अपने फायटर जेट भी भेज चुका है। हालांकि ताइवान भी इसका मुंहतोड़ जवाब देता आया है। अब मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार चीन से बढ़ते खतरे के बीच ताइवान ने अमेरिका से एफ-16 फायटर जेट की डिलीवरी में तेजी लाने का आग्रह किया है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो बाइडेन प्रशासन से ताइवान के अधिकारियों ने अमेरिकी निर्मित एफ-16 की डिलीवरी में तेजी लाने के लिये कहा है। आपको बता दें कि 22 फायटर जेट्स की बिक्री को 2019 में मंजूरी दे दी गयी थी। आमतौर पर ऐसी डिलेवरी में 10 वर्ष का समय लगता है। लेकिन ताइवान को उम्मीद है कि आग्रह करने से डिलेवरी के समय में तेजी आयेगी।
चीन ने पिछले दिनों ताइवान में भेजे दो फायटर जेट्स
एक से पांच अक्टूबर के बीच लगभग चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के 150 सैन्य विमानों ने ताइवान के वायुक्षेत्र में घुसपैठ की थी। ताइवान के स्थानीय अखबार के अनुसार यह बीजिंग की ओर से पिछले कुछ दिनों में ताइवान की सबसे बड़ी घुसपैठ थी। चीन ने अपनी सेना का तेजी से आधुनिकीकरण किया है। ड्रैगन दावा करता है कि ताइवान उसका ही अंग है और ताइवान इसे नहीं मानता और वह लोकतंत्र में विश्वास रखता है। ताइपे ने अमेरिका समेत लोकतंत्रों के साथ रणनीतिक संबंध बढ़ाकर चीनी आक्रामकता का मुकाबला किया है। जिसका बीजिंग ने बार-बार विरोध किया है चीन ने यह भी धमकी दी है कि ताइवान की स्वतंत्रता का अर्थ युद्ध है।
अपनी आजादी और लोकतंत्र के लिये लड़ते रहेंगे-ताइवान
चीन की तरफ से ताइवान की सीमा में लड़ाकू विमान भेजे जाने के बाद वहां की राष्ट्रपति ने शी जिनपिंग से आग्रह किया था कि वह इस तरह की कार्यवाही पर रोक लगायें। इसके बाद भी चीन की कार्यवाही न रूकने पर ताइवान ने भी साफ कर दिया है कि वह अपनी आजादी और लोकतंत्र की रक्षा के लिये वह पीछे नहीं हटेंगे। उधर, चीन ताइवान को अपना हिस्सा बताता है। उसने यहां तक कह दिया है कि अगर हथियारों के दम पर ताइवान पर कब्जा करना पड़ा तो उसके लिये भी तैयार है।

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वर्षो से कब्जा था और हटाने में महज 20 मिनट लगे, अभी जेल में बंद है बल्ली कमरिया

ग्वालियर. बुधवार की दोपहर जिला प्रशासन और मदालखत दस्ता ने पुरानी छावनी गंगा मालनपुर में भू माफिया बल्ली कमरिया के अवैध मकान को जमीदोज कर दिया है। इस जमीन पर वर्षो से उसका कब्जा था। जिला प्रशासन को उसे हटाने में महज 20 मिनट लगे। जेसीबी का पंजा चला और अवैध मकान को ढहा दिया गया है। मकान मालिक बल्ली कमरिया पर आरोप है कि उसने सरकारी जमीन पर कब्जा कर मकान बनाया है और वह जेल में हैं। कुल मुक्त कराई गयी भूमि 3 हजार स्क्वायर फीट हैं। जिस पर बने मकान की कीमत 75 लाख रूपये बताई जा रही है।

जबकि बल्ली के परिजन का आरोप है कि जिला प्रशासन के अधिकारी, तहसीलदार व पटवारी मिलकर तालाब की सरकारी जमीन पर प्लाट कटवा रहे हैं। जिसकी शिकायत करने पर उन्हें टारगेट किया जा रहा है। बल्ली उर्फ बलराज कमरिया पर ग्वालियर के विभिन्न थानों में 12 अपराध दज्र है एवं उच्च न्यायालय में भी अतिक्रमण के संबंध में याचिका दायर की गयी थी आज की कार्यवाही पुलिस, राजस्व एवं नगरनिगम द्वारा की गयी, भूमि एवं मकान की कीमत अनुमानित 75 लाख रूपये बतायी गयी है।

क्या है पूरा मामला

जिला प्रशासन की टीम ने पुरानी छावनी गंगा मालनपुर इलाके में बने एक मकान को जमींदोज कर दिया। आरोप है कि यह मकान भू माफिया व बदमाश बल्ली कमरिया ने इसे सरकारी जमीन पर बनाया था। 3 हजार स्क्वायर फीट में बने इस मकान की कीमत करीब 75 लाख रुपये थी। बल्ली कमरिया पर 12 अपराधिक मामले दर्ज हैं और अभी एक गिरफ्तारी वारंट में पकड़े जाने के बाद वह जेल में बंद है। गांव गंगा मालनपुर के शासकीय सर्वे क्रमांक 751 की भूमि रास्ते के लिए है। बल्ली ने उसी पर कब्जा कर यह मकान तान दिया था। इस अतिक्रमण के संबंध में न्यायालय में भी मामला चल रहा है। बुधवार दोपहर को SDM प्रदीप तोमर के नेतृत्व में तहसीलदार, पटवारी व मदाखलत के अमला गंगामालनपुर पहुंचा। यहां हंगामे के आसार देखते हुए पहले से ही काफी संख्या में पुलिस फोर्स मौजूद था। पुलिस की गांव में उपस्थिति को देखते हुए गांव के लोगों को आभास हो गया था आज कुछ न कुछ होने वाला है। दोपहर में जिला प्रशासन की टीम पहुंची और बल्ली के परिजन को तत्काल घर खाली करने की चेतावनी दी। गांव के लोग और बल्ली के परिजन ने हंगामा मचाने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस फोर्स को देखकर मंसूबे में कामयाब नहीं हो सके।

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सम्राट मिहिर भोज के संबंध में 4 अक्टूबर तक साक्ष्य व प्रमाण प्रस्तुत किये जा सकेंगे

ग्वालियर शहर के चिरवाई नाके पर स्थापित सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा के संबंध में उच्च न्यायालय खण्डपीठ ग्वालियर के आदेश के पालन में संभाग आयुक्त आशीष सक्सेना की अध्यक्षता में एक जाँच कमेटी गठित की गई है।

कोई भी व्यक्ति, समाज या समुदाय यदि सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा के संबंध में कोई साक्ष्य, प्रमाण या ऐतिहासिक दस्तावेज प्रस्तुत करना चाहता हो तो वह कलेक्ट्रेट के कक्ष क्रमांक-209 स्थित अनुविभागीय दंडाधिकारी लश्कर अनिल बनबारिया के कार्यालय में 4 अक्टूबर 2021 को सायंकाल 5 बजे तक यह जानकारी प्रस्तुत कर सकता है। साथ ही वाट्सएप नंबर 94251-12874 और ई-मेल आईडी- sdm.lashakar.gwl@gmail.com पर भी यह जानकारी भेजी जा सकती है।

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इनकम टैक्स का छापा-सोनू सूद 5500 रूपये लेकर मुंबई पहुंचे थे आज 130 करोड़ रूपये की संपत्ति के हैं मालिक

मुंबई. इनकमटैक्स विभाग (आईटी) की टीम बुधवार को अचानक फिल्म अभिनेता सोनू सूद के मुंबई कार्यालय पहुंच गयी। जांच के बाद इसके कारण जो भी सामने आये, लेकिन अब देशभर के लोगों को उनकी नेटवर्थ के बारे में जानने को लेकर उत्सुकता बढ़ गयी है। क्या आप जानते हैं कि सोनू सिर्फ 5500 रूपये लेकर मुंबई आये थे। आज 48 वर्ष का यह मसीला लगभग 130 करोड़ की संपत्ति का मालिक बन गया है।
सोून एक फिल्म के 2 करोड़ रूपये चार्ज करते हैं
एक रिपोर्ट के अनुसार सितम्बर 2021 में सोनू सूद की कुल सम्पत्ति 130 करोड़़ रूपये (17 मिलियन डॉलर) हे। सोनू अभी पत्नी और बच्चों के साथ मुंबई में रहते हैं। उन्हें हिन्दी, तेलगू, तमिल, कन्नड़ और पंजाबी फिल्मों में काम के लिये जाना जाता है। ब्राण्ड एण्डोर्समेंट उनकी इनकम का मेन सोर्स है। वह हर फिल्म के लिये करीब 2 करोड़ फीस चार्ज करते हैं। उनका अपना एक प्रॉडक्शन हाउस है, जिसका नाम शक्ति सागर प्रॉडक्शन है। यह उनके पिता के नाम पर है। सोनू अभी तक लगभग 70 फिल्मों में काम कर चुके हैं। ब्राण्ड एंडोर्समेंट और फिल्मों से वह हर माह लगभग एक करोड़ रूपये कमाते हैं यानी साल में कुल 12 करोड़ रूपये ।

घर और कारों का कलेक्शन
सोनू अपने परिवार के साथ अंधेरी के लोखंडवाला में 2600 स्क्वायर फुट के 4BHK अपार्टमेंट में रहते हैं। इसके अलावा उनके पास मुंबई में 2 और फ्लैट हैं। उनके गृहनगर मोगा में भी उनका एक बंगला है। उनका जुहू में एक होटल है। इसे उन्होंने लॉकडाउन के दौरान आइसोलेशन सेंटर बनाने के लिए खोल दिया था। इसके अलावा सोनू के कार कलेक्शन में 66 लाख की मर्सिडीज बेंज एमएल क्लास 350 सीडीआई, 80 लाख की ऑडी क्यू7 और 2 करोड़ की कीमत वाली पोर्श पनामा भी शामिल है।

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पेट्रोलियम प्रॉडक्ट्स को जीएसटी के दायर में आ सकते हैं

नई दिल्ली. गुरूवार को लखनऊ में जीएसटी काउंसिल की बैठक है। कयास लगाये जा रहे हैं। कि इस बैठक में पेट्रोलियम प्रॉडक्ट्स को जीएसटी (गुड्स एण्ड सर्विस टैक्स) के दायरे में लाये जाने पर विचार किया जा सकता है। कोरोना महामारी के बाद जीएसटी काउंसिल की यहली फिजीकल बैठक है। जीएसटी काउंसिल की इस 45वीं बैठक ककी अध्यक्षता वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण करेंगी। जून में केरल हाईकोर्ट ने काउंसिल से आग्रह किया था कि वह पेट्रोलियम प्रॉडक्ट का जीएसटी के दायरे में लाने पर विचार करें । हाईकोर्ट के आग्रह के बाद जीएसटी मंत्री समूह ने एक प्रस्ताव तैयार किया हैं। यदि मंत्री समूह में सहमति बनती है तो इस प्रस्ताव को जीएसटी काउंसिल को सौंपा जायेगा और फिर काउंसिल इस पर फैसला लेगी।
अभी पेट्रोल डीजल की कीमतें कैसे तय होती है, जीएसटी के दायरे में आने से केन्द्र, राज्य और जनता पर क्या असर होगा। पेट्रोलियम प्रॉडक्ट जीएसटी के दायरे में आते हैं तो किस तरह की व्यवस्था अपनाई जा सकती है और इस फैसले को लागू करने में अड़चने क्या हैं।

अभी कैसे तय होती हैं पेट्रोल-डीजल की कीमतें
जून 2010 तक सरकार पेट्रोल की कीमत निर्धारित करती थी और हर 15 दिन में इसे बदला जाता था, लेकिन 26 जून 2010 के बाद सरकार ने पेट्रोल को कीमतों का निर्धारण ऑइल कंपनियों के ऊपर छोड़ दिया।  इसी तरह अक्टूबर 2014 तक डीजल की कीमत भी सरकार निर्धारित करती थी, लेकिन 19 अक्टूबर 2014 से सरकार ने ये काम भी ऑइल कंपनियों को सौंप दिया।  यानी कि पेट्रोलियम प्रोडक्ट की कीमत निर्धारित करने में सरकार का कोई नियंत्रण नहीं है। ये काम ऑइल मार्केटिंग कंपनियां करती हैं। ऑइल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय मार्केट में कच्चे तेल की कीमत, एक्सचेंज रेट, टैक्स, पेट्रोल-डीजल के ट्रांसपोर्टेशन का खर्च और बाकी कई चीजों को ध्यान में रखते हुए रोजाना पेट्रोल-डीजल की कीमत निर्धारित करती हैं।

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दिल्ली से मुंबई एक्सप्रेस-वे पर इलेक्ट्रिक वाहनों के लिये बनेगी फोरलेन, 5 राज्यों से निकलेगा, 50 किमी पर होगा चार्जिंग पॉइंट

नई दिल्ली. दिल्ली से मुंबई के बीच 1350 किमी लम्बा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे बनाया जा रहा है। 1 लाख करोड़ रूपये की लागत से बन रहे इस एक्सप्रेस-वे पर 350 किमी तक काम हो चुका है। अभी 8 लेन बनाये जा रहे हैं। इनके अलावा 4 लेन और बढ़ाये जायेंगे। 2 जाने के और 2 आने के, यह चारों लेन सिर्फ इलेक्ट्रिक वाहनों के लिये होंगे। यह देश का पहला एक्सप्रेस-वे होगा। जिस पर डेडिकेटेड इलेक्ट्रिक वाहनों के लिये फोरलेन होगी।

डिवाइडर पर पौधे रोपे जा रहे हैं। पूरे एक्सप्रेस को हरा-भरा बनाने का काम जारी है।

प्रदूषण भी कम होगा
ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे के बनकर तैयार हो जाने से केवल समय ही नहीं बचेगा बल्कि प्रदूषण भी कम होगा। एक्सप्रेस-वे के किनारे नई औद्योगिक टाउनशिप और स्मार्टसिटी बनाने का भी प्रस्ताव हैं। इसका सर्वे जारी है। पूरे रूट पर 92 स्थानों पर इंटरवल स्पॉट डवलप किये जायेंगे।
प्रतिदिन 1 लाख वाहन चलते
केन्द्रीय सड़क और परिवहन मंत्री नितिन गड़करी ने बताया कि एक्सप्रेस-वे का काम जनवरी 2023 तक पूरा हो जायेगा। हालांकि कोविड़ के चलते काम में देरी हुई थी। मुंबई से दिल्ली तक यात्रा महज 13 घंटे में पूरी जायेगी, जबकि अभी 25 घंटे लगते हैं। एक्सप्रेस -वे बनने से दिल्ली- मुंबई के बीच की दूरी 150 किमी कम हो जायेगी। दिल्ली से मुंबई को जोड़ने वाले एनएच-8 पर अभी वाहनों को अत्याधिक दबाव है। इस पर प्रतिदिन 1 लाख वाहन चलते हैं। यह वाहन एक्सप्रेस-वे पर शिफ्ट होंगे।

ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे की खासियतें
एक्सप्रेस-वे से हर साल 32 करोड़ लीटर ईंधन बचेगा।
सुरक्षा के लिए सड़क के दोनों ओर 1.5 मीटर ऊंची दीवार बनेगी।
टोल प्लाजा हाईवे के बजाए स्लिप लेन में बनेंगे, ताकि जिस शहर में जाएंगे, उतना ही टोल लगे।
हर 2.5 किलोमीटर के बाद पशुओं के लिए ओवर पास बनाए जाएंगे।
हर 500 मीटर पर एक अंडर पास होगा।
हर 50 किलोमीटर पर दोनों ओर फेसिलिटी सेंटर होंगे। वहां रेस्तरां, फूड कोर्ट, सुविधा स्टोर, ईंधन स्टेशन, ईवी चार्जिंग पॉइंट और शौचालय आदि होंगे।
एक्सप्रेस-वे पर गाड़ियों के लिए 120 किमी/घंटे की स्पीड तय होगी।
ग्रीनफिल्ड एक्सप्रेस-वे पर लाइटें सोलर पावर से चलेंगी।

दिल्ली से दौसा का रास्ता दिसंबर तक पूरा होगा
गुरुग्राम से जयपुर रिंग रोड तक एक्सप्रेस-वे नेशनल हाईवे 8 के सामानंतर तैयार किया जाएगा। यहां से अलवर (हरियाणा) होते हुए आदिवासी क्षेत्र झबुआ-रतलाम-वड़ोदरा तक जाएगा। इसमें दिल्ली से दौसा (280 किलोमीटर) का काम इस साल दिसंबर तक पूरा हो जाएगा। वहीं, मध्य प्रदेश के झबुआ-रतलाम सेक्शन पर एक्सप्रेस-वे का काम जारी है। बड़ौदा-मुंबई सेक्शन का 90% काम पूरा किया जा चुका है।

2018 में शुरू हुआ ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट
ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट 2018 में शुरू हुआ। 9 मार्च, 2019 को इसकी आधारशिला रखी गई। 2023 तक इसे पूरा कर लिया जाएगा। इंडोनेशिया की 1167 किलोमीर लंबी ट्रांस जावा रोड 2019 में दो दशकों के बाद बनकर तैयार हुई। वहीं, करीब 217 किलोमीटर का जापान का सिंटोमा एक्सप्रेसवे जापान में 2000 में बनकर तैयार हुआ, जिसे बनने में करीब एक दशक का समय लगा।

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56 मिलिट्री ट्रांसपोर्ट प्लेनों की खरीद को मिली मंजूरी, चाइना-पाकिस्तान से मुकाबले की तैयारी

नई दिल्ली. चीन और पाकिस्तान से बढ़ते खतरों को देखते हुए मोदी सरकार लगातार देश की सुरक्षा को मजबूत करने में लगी हैं। सरकार ने बुधवार को भारतीय वायुसेना के लिये 56 नये परिवहन विमानों की खरीद को मंजूरी दे दी गयी है।
सीसीएस ने बुधवार को दी मंजूरी
रिपोर्ट्स के अनुसार पीएम नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में बुधवार को कैबिनेट की सिक्योरिटी कमेटी की बुधवार को अहम बैठक हुई है। इस बैठक में भारतीय वायुसेना के लिये 56सी-295 एमडब्ल्यू ट्रांसपोर्ट विमानों की खरीद को मंजूरी दे दी है। यह विमान स्पेन से खरीदे जायेंगे।
40 विमानों को भारत में ही तैयार होंगे
सूत्रों के अनुसार इन 56 में से 16 ट्रांसपोर्ट प्लेन स्पेन में तैयार होकर 48 माह में भारत आयेंगे। जबकि बाकी बचे 40 प्लेन भारत में ही तैयार किये जायेंगे। इसके लिये स्पेन की कंपनी और टाटा का गठबंधन हुआ है। वह दोनों मिलकर अगले 10 वर्षो में इन जहाजों का निर्माण करेगी।