सुप्रीम कोर्ट ने कहा MP सरकार सो रही है क्या, OBC के 13% होल्ड पदों पर 6 साल में क्या किया
भोपाल. मध्य प्रदेश में सरकारी भर्तियों में होल्ड अन्य पिछडा वर्ग ओबीसी के 13 प्रतिशत पदों को अनहोल्ड करने के मामले में 22 सितंबर को अंतिम सुनवाई होगी। ओबीसी महासभा के वकील वरूण ठाकुर ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को सीनियर वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग के चयनित अभ्यर्थियों की तरफ से कोर्ट के सामने पक्ष रखा। कोर्ट ने इस मामले को अति महत्वपूर्ण मानते हुए टॉप ऑफ द बोर्ड में लिस्टेड किया है। 22 सितंबर को इसे पहले नंबर पर सुनवाई के लिए रखा है। ये 13 प्रतिशत होल्ड वाले मामले में सभी याचिकाओं पर अंतिम सुनवाई होगी।

एडवोकेट ठाकुर ने बताया कि याचिका एमपीपीएससी के चयनित अभ्यर्थियों ने लगाई है जिनको नियुक्ति नहीं दी जा रही है। इस मामले में प्रदेश सरकार ने 29 सितंबर 2022 को एक नोटिफिकेशन जारी किया था इसे कोर्ट में चैलेंज किया गया है। सरकार ने कोर्ट में कहा था कि हम भी रिजर्वेशन देना चाहते है। ऐसे में ऑर्डनेंस पर जो स्टे है उसे वेकेंट किया जाए।
इस पर कोर्ट ने कहा- आप सो रहे हैं क्या पिछले छह साल में क्या कर रहे थे। सबसे बड़ी बात ये है कि मप्र सरकार के जो जनप्रतिनिधि कहते हैं कि हम ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए प्रतिबद्ध हैं, उनके वकील सुनवाई में जब पहुंचते हैं, जब ऑर्डर डिक्टेट हो जाता है। फिर ये नेता कहते हैं कि ऑर्डनेंस पर स्टे वेकेंट नहीं होने से प्रशासनिक परेशानियां आ रही हैं।

