मायावती ने राष्ट्रीय स्तर पर उछाला ग्वालियर हाईकोर्ट में आंबेडकर की मूर्ति का मुद्दा
ग्वालियर. हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ में भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा लगाने को लेकर उपजा विवाद अभी थमा नहीं है। इस बीच बसपा सुप्रीमो मायावती ने कमेंट कर इस मुद्दे के नेशनल लेवल पर उछाल दिया। मायावती ने एक्स पर लिखा मध्य प्रदेश हाई कोर्ट खंडपीठ ग्वालियर में अधिवक्ताओं की मांग व उन्हीं के आर्थिक सहयोग से आम्बेडकर की मूर्ति लगाने की अनुमति माननीय कोर्ट द्वारा दी गई। किंतु कुछ जातिवादी सोच से ग्रसित अधिवक्ताओं द्वारा मूर्ति स्थापना का विरोध किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर भडकाऊ वक्तव्यों के बावजूद इन पर कार्रवाई नहीं की गई। बाबा साहेब के विरोधियों को यह समझना होगा कि सदियों से उपेक्षित बहुजन समाज अब अपना सम्मान पाना चाहता है।
एक के बाद एक तीन पोस्ट किए
बहनजी ने इस मुद्दे पर एक के बाद एक तीन पोस्ट किए। लिखा मध्य प्रदेश के माननीय राज्यपाल, माननीय उच्च न्यायालय तथा मा. मुख्यमंत्री जी भी मूर्ति लगाने में आ रही बाधाओं को दूर करके तत्काल उच्च न्यायालय खण्डपीठ ग्वालियर में संविधान निर्माता, भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की मूर्ति को सम्मान पूर्वक स्थापित कराएं, यह अनुरोध।
नहीं मिली रैली निकालने की अनुमति, फिर हुआ हंगामा
इस मुद्दे पर वकील और भीम आर्मी के कार्यकर्ता पिछले दिनों से आमने-सामने हैं। कई बार दोनों के बीच झड़प हो चुकी है। गुरुवार को भी भीम आर्मी के प्रदेशाध्यक्ष अनिल बिसारिया सहित जिले के पदाधिकारी और कार्यकर्ता रैली निकालना चाह रहे थे। प्रशासन ने इसकी अनुमति नहीं दी थी। मानस भवन से फूलबाग स्थित चौपाटी तक यह लोग नारेबाजी करते हुए पैदल चले। इसके बाद यहां काफी पुलिस फोर्स तैनात थी। पूरे रास्ते पर बेरीकेडिंग की गई थी। बेरीकेडिंग के पार जाने का प्रयास भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने किया, लेकिन पुलिस ने यहां अनाउंसमेंट किया। फिर यहां इन्होंने एडीएम को ज्ञापन सौंपा। फिर यह लोग विरोध-प्रदर्शन खत्म कर चले गए।

