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मेवाती गैंग के 3 बदमाश गिरफ्तार और पुलिस को शकील और आदिल की तलाश

ग्वालियर. एसबीआई के एटीएम काटकर लाखों रूपये लूटने वाले एक बदमा/ा को ग्वालियर पुलिस तो 2 बदमाशों को दिल्ली पुलिस अभी तक पकड़ चुकी है। 2 बदमाश अभी भी फरार है। यह मेवाती गिरोह हैं और बेहद शातिर है। फरार 2 बदमाशों में एक शकील है अभी तक की सभी वारदातों में कटर लेकर वही सबसे आगे था। उसने ही सारे एटीएम काटे थे। अब दोनों फरार बदमाशों की तलाश में एक बार फिर ग्वालियर क्राइम ब्रांच की टीम नूह मेवात व ताबडू हरियाणा पहुंच गयी है। ग्वालियर पुलिस दोनों बदमाशों को दिल्ली पुलिस से पहले पकड़ना चाहती है और इसके साथ ही जो 2 बदमाश दिल्ली पुलिस के पास हैं उनको प्रोटेक्शन वारंट से लाने के लिये भी पुलिस तैयारी कर रही है। उनसे काफी कुछ पूछताछ करना बाकी है।
मेवाती गिरोह के 3 लुटेरों को पुलिस ने दबोचा 2 बाकी
ग्वालियर -मुरैना में 10 जनवरी की रात को एसबीआई के 3 एटीएम काटने वाली गिरोह के 5 सदस्यों की है। ग्वालियर व मुरैना में 5 बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया था। सभी एटीएम काटने वाली घटनायें हरियाणा के नूह मेवात के सुनाना व ताबडू शहर के बदमाशों ने की थी। यह गिरोह दिल्ली, महाराष्ट्र व आगरा में एटीएम लूटने की घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं। इस वारदात में शामिल 2 बदमाशों में सोहराब उर्फ सब्बा, समीर को दिल्ली पुलिस की स्पेशल ब्रांच ने गिरफ्तार किया है। ग्वालियर -चम्बल अंचल में तीनों घटनाओं में यशवीर गुर्जर की मुख्य भूमिका रही है। अब 2 बदमाशों शकील व आदिल की भी ग्वालियर व दिल्ली, मुरैना पुलिस को तलाश है।

SBI के ATM ही होते थे टारगेट
पुलिस के हाथ SBI के ATM काटकर कैश लूटने वाली गैंग के तीन सदस्य लग चुके हैं। दो सदस्य दिल्ली तो एक ग्वालियर पुलिस के हाथ आया है। इन बदमाशों से एक बहुत बड़ा खुलासा हुआ है। बदमाशों ने पुलिस को बताया कि मेवाती गैंग के टारगेट पर सिर्फ SBI के ATM हुआ करते थे। गैंग को पता था कि SBI के ATM में सिंगल कोड मेटल रहता है। उन्हें काटने में 15 से 18 मिनट का समय लगता था, जबकि अन्य प्राइवेट बैंक के ATM मंे डबल कोड मेटल रहती है। इसलिए उन्हें काटने में डेढ़ घंटा से भी ज्यादा लग जाता था। इसलिए यह स्टेट बैंक को ही टागरेट करते थे।
तिहाड़ जेल में दोस्ती फिर सड़कों पर काटने लगे थे ATM
– पूछताछ में पता लगा है कि यसवीर गुर्जर साल 2022 में चोरी के मामले में तिहाड़ जेल में बंद था। वह तीन बार तिहाड़ में सजा काट चुका है। वहीं उसकी पहचान समीर, सब्बा उर्फ सोहराब से हुई थी। वह ATM काटने में एक्सपर्ट थे। तिहाड़ मंे दोनों के बीच अच्छा खासी दोस्ती हो गई थी। इसके बाद ग्वालियर-चंबल अंचल के इलाकों में वारदात की जिम्मेदारी यसवीर को दी गई थी। धौलपुर का होने के कारण यशवीर को ग्वालियर-मुरैना के इलाकों की अच्छी खासी जानकारी थी। ग्वालियर मंे एक व्यापारी के यहां यसवीर ड्राइवर रह चुका था। इसलिए उसे यह भी पता था कि कहां-कहां स्टेट बैंक के ATM हैं।

 

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