Fort पर पर्यटकों की संख्या बढ़ाने के लिये तैयार हो Master Plane, ओपन थियेटर, रेस्त्रां और कैफे और रोप-वे बनाये

ग्वालियर. शहर का इतिहास पुरातत्व स्मारकों से भरा हुआ है जिसमें ग्वालियर किला, गूजरी महल और किले के चारों और जैन मूर्तियां बनी हुई। वैसे तो ग्वालियर का इतिहास लगभग 1700 वर्षो से भी अधिक समय की ऐतिहासिक घटनाओं का गवाह है जिसमें ग्वालियर किला देश-विदेश में एक विशेष पहचान रखता है। यहां तमाम महत्वपूर्ण स्थान होने के बाद भी पर्यटक नहीं आ रहे हैं। इस अनदेखी और बदहाली से इतिहासकार और शहर के लोग काफी दुःखी है।

गार्डन
दुर्ग पर साफ-सफाई की व्यवस्था अच्छी हो। यहां फूलों के पौधों के आकर्षक गार्डन विकसित करें जो पर्यटकों के घूमने व फोटोग्राफी के काम आ सकें।
सुविधाएं
साफ और सुंदर टॉयलेट, पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था के साथ खान-पान के लिए उम्दा रेस्त्रां-कैफे बनें जो पर्यटकों की जरूरतों को पूरा कर सकें।
पार्किंग
किले पर वाहन प्रतिबंधित होने चाहिए। लेकिन एक निर्धारित दूरी पर वाहनों के लिए व्यवस्थित पार्किंग हो, जहां पर्यटक वाहन खड़ा कर किले पर घूम सकें।
एक्सपर्ट गाइड
एक्सपर्ट गाइड हो चाहिए जो ग्वालियर का इतिहास रोचक कहानी के रूप में सुना सकें। अभी बेरोजगार युवक गाइड के रूप में काम कर रहे हैं।
रोप-वे
फूलबाग से किले तक रोप-वे का काम शीघ्रता से पूरा होना चाहिए। इससे पर्यटक किले की ओर जाने वाले रास्तों पर ट्रैफिक जाम में नहीं फसेंगे।
सांस्कृतिक कार्यक्रम
किले पर ओपन एयर थियेटर को व्यवस्थित किया जाए। इसमें ऐसे कार्यक्रम हों जिनमें ग्वालियर अंचल की संस्कृति की झलक दिखाई दे।
मनोरंजन
मनोरंजन के लिए दोनों प्रवेश द्वारों पर घोड़े तथा ऊंट की सवारी सहित बच्चों के मनोरंजन के लिए झूले आदि की व्यवस्था होना जरूरी है।
प्रवेश द्वार से दिखाई दें इतिहास की झलक
ग्वालियर का इतिहास बहुत समृद्ध और पूरे शहर में स्मारक बने हुए हैं। हम सबसे पहले अपने ऐतिहासिक स्मारकों को सुरक्षित रखें ताकि शहर में प्रवेश करने के साथ ही पर्यटक का मानस बने और इसके साथ ही पुराने किलागेट की ओर पर्यटकों के लिये घोड़े व ऊंट की सवारी का इंतजाम हो। बच्चों के मनोरंजन के साधन भी विकसित किये जाये तो निश्चित रूप से पर्यटन विकसित होगा, जिसका फायदा प्रत्येक वर्ग को मिलेगा।
रमाकांत चतुर्वेदी, पुरातत्वविद्
फोर्ट पर वाहनों का आना जाना प्रतिबंधित हों
मैं 3 माह पहले किलिे पर गया था, वहां पर देखा कि चढ़ाई के दौरान वाहनों से काफी धुआं निकलता है। जो जैन धर्म की मूर्तियों के लिये ठीक नहीं है। किले पर वाहनों का जाना प्रतिबंधित कर रोप-वे सुविधा शुरू करें तथा छात्रों में एतिहासिक मोनोमेंट्स के प्रति अधिक रूचि बढ़ाने के प्रयास भी होना चाहिये।
पद्मश्री केके मोहम्मद, सेवानिवृत्त डायरेक्टर, एएसआई
एलिवेटेड रोड़ बनने से बढ़ेगी पर्यटकों की संख्या
शहर में एलिवेटड रोड बनने से एक बार फिर से पर्यटन स्थल उभरकर लोगों के सामने आयेंगे। हमें उरवाई गेट के साथ पुराने किलेगेट के रास्ते को भी पर्यटकों के हिसाब से विकसित किया जाना चाहिये। यहां से ऊपर जाने पर जो इमारतें हैं, उनके दरवाजों से लेकर पत्थरों तक ऐतिहासिक तथ्य बिखरे हैं।
आलोक शर्मा, निदेशक, आईआईटीटीएम

