बाल संरक्षण संस्थाओं का जिला स्तरीय समिति ने किया निरीक्षण, व्यवस्थाएं संतोषजनक
ग्वालियर, किशोर न्याय अधिनियम के तहत जिले में संचालित बाल संरक्षण संस्थाओं, बाल संप्रेक्षण गृह एवं प्रगति महिला मंडल विशेषज्ञ दत्तक ग्रहण अभिकरण का जिला स्तरीय निरीक्षण समिति द्वारा औचक निरीक्षण किया गया। समिति की अध्यक्ष एवं संयुक्त कलेक्टर श्रीमती जूही गर्ग के नेतृत्व में किए गए निरीक्षण में व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं।
निरीक्षण के दौरान बाल संप्रेक्षण गृह में 12 बालक निवासरत पाए गए। समिति ने बच्चों से सीधे संवाद कर खान-पान, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली। बच्चों ने व्यवस्थाओं पर संतोष जताया। यहां नियमित शिक्षण-प्रशिक्षण एवं मनोवैज्ञानिक परामर्श की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।प्रगति महिला मंडल विशेषज्ञ दत्तक ग्रहण अभिकरण में 6 बच्चे, 4 बालिकाएं एवं 2 बालक पाए गए। इनमें से एक बालिका की अंतरराष्ट्रीय दत्तक ग्रहण प्रक्रिया जारी है, जबकि 2 बालकों को दत्तक ग्रहण के लिए चिन्हित किया गया है।
भीषण गर्मी को देखते हुए समिति ने संस्थाओं को स्वच्छ पेयजल, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, पंखे-कूलर एवं पर्याप्त वेंटिलेशन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही बच्चों को मौसमी फल एवं तरल पदार्थ उपलब्ध कराने तथा समाज के प्रतिष्ठित लोगों के साथ नियमित परामर्श सत्र आयोजित करने के लिए भी कहा गया।निरीक्षण के दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास उपासना राय, किशोर न्याय बोर्ड की सदस्य विनीता जैन तथा बाल कल्याण समिति की सदस्य मनीषा शर्मा उपस्थित रहीं।

