ग्वालियर के सपूत ने लन्दन लहराया परचम, 7वीं के छात्र ने कॉमनवेल्थ में समुदाय विषय पर लिखा निंबंध, जीता पुरस्कार

ग्वालियर. कर्णव रस्तोगी ने क्वीन एलिजाबेथ कॉमनवेल्थ निबंध प्रतियोगिता लन्दन में लेखन के जादू से पुरूस्कार जीतकर देश का नाम रोशन किया हे। कर्णव ग्वालियर में ज्यारोग्य चिकित्सालय के कार्डियक विभाग के एचओडी डॉ. पुनीत रस्तोगी के भतीजे हैं। वह मुम्बई कमे आरएन पोद्दार स्कूल में 7वीं क्लास का छात्र हैं। जुलाई 2021 में रॉयल कॉमनवेल्थ सोसायटी लन्दन ने प्रतियोगिता आयोजित की थी। इसमें कर्णव ने भाग लिया था। कर्णव रस्तोगी ने इस माह कहानी लेखन और कविताओं के लिये लन्दर का रॉयल कॉमनवेल्थ सोसायटी का कविता में गोल्ड अवॉर्ड जीता है। रॉयल कॉमनवेल्थ सोसायटी लन्दन ने जुलाई में क्वीन एलिजावेथ कॉमनवेल्थ निबंध स्पर्धा का आयोजन किया गया था।
प्रतियोगिता का विषय कॉमनवेल्थ में समुदाय था
गौरतलब है कि यह प्रतियोगिता 1883 में स्थापित स्कूलों के लिये दुनिया की सबसे पुरानी अंतर्राष्ट्रीय लेखन प्रतियोगिता है। इसमें दुनिया कई देशों से हजारों छात्रों ने भाग लिया था। वर्ष 2021 के लिये प्रतियोगिता का विषय कॉमनवेल्थ में समुदाय था। जो कि कोविड पर आधारित था। क्यों कि जुलाई 2021 में यह स्पर्धा हुई थी। तब लन्दन भारत समेत दुनिया कोविड़ से लड़ रही थी। भारत से अविस्मरणीय यादें शीर्षक वाली सबसे कम उम्र के लेखक कर्णव रस्तोगी की कविता को गोल्ड अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। पुरूस्कार की घोषणा हाल ही में की गयी है। कर्णव की इस कामयाबी पर दोस्तों और परिवार ने उसके बेहतर भविष्य की लिये शुभकामनायें दी है।
पहले भी यह कामयाबी मिल चुकी है
पिछले महीने उन्हें आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस पर एक किताब लिखने के लिये दुनिया के सबसे कम उम्र क ेलेखक के खिताब से सम्मानित किया गया था। उनकी नई किताब का शीर्षक कार्तिक, मिक्सी एण्ड यूरोप क्रियटिंग एडवेंचर विद आर्टिफिशियल इंटेलीजेंसी अमेजन-1 बेस्ट सेलर है। वह 6 वर्ष की आयु से लेखन कर रहे हैं। वह अभी तक 3 पेपरबैक किताबें और 2 इकॉमिक्स लिख चुके हैं। उन्होंने कोरोना, प्रकृति, बाघ पर कई पुरूस्कार विजेता कविताओं की रचना की है। राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रकाशित हुई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *