आत्महत्या करने युवती रात 10 बजे निकली थी लेकिन एएसपी हितिका वॉसल की सूझबूझ से बची जान
ण्ग्वालियर. महिला पुलिस अधिकारी एएसपी हितिका वासल की समझदारी और सूझबूझ से युवती की आबरू और जान दोनों जाने से बच गयी। पिता के अधिक शराब पीने और बार-बार डांटने से परेशान युवती आत्महत्या करने के लिये घर से निकल आयी थी। आधी रात को युवती को सड़क पर देख कर कुछ लड़के पीछे पड़ गये और इसी दौरान एएसपी हितिका वॉसल वहां से गुजर रही थी। जैसे ही अधिकारी ने गाड़ी रूकवाई तो लड़के भाग गये। युवती से पूछताछ की। पड़ाव थाना में बैठाकर काउंसलिंग की। ज बवह सामान्य हो गयी तो परिजनों को बुलाकर इसे सुपुर्द कर दिया गया और साथ ही परिजन को भी पुलिस ने समझाइश दी है िकवह गो से उसे परेशान न करें।
क्या है पूरा मामला
शनिवार.रविवार दरमियानी रात करीब 1 बजे ।ैच् हितिका वासल पुलिस गश्त चेक करने निकली थीं। वह नदी गेट इलाके में पहुंची ही थींए तो उन्हें एक 20 से 22 साल की युवती बदहवास हालत में दिखाई दी। 4.5 युवक उसका पीछा कर रहे थे। उन्होंने गाड़ी रुकवाई और युवती से पूछताछ कीए लेकिन वह कुछ बोल नहीं रही थी। गाड़ी रुकते ही पीछा कर रहे युवक भाग गए। युवती को गाड़ी में बिठाकर तसल्ली दी। युवती ने घर की परेशानी के कारण घर छोड़ना और जान देने की इच्छा से घर बाहर निकलने की बात बताई।मामले का पता चलते ही उन्होंने युवती की काउंसलिग की। थाना प्रभारी पड़ाव विवेक अष्ठाना को भी मौके पर बुलवाया। युवती पड़ाव के लक्ष्मणपुरा इलाके की रहने वाली है। पिता शराब पीकर मारपीट करते थे। इस पर वह डिप्रेशन में आ गई थी। पुलिस ने परिजन को थाने बुलवाकर समझाइश देने के बाद ही लड़की को परिजन के सुपुर्द किया है।
गंभीर घटना घट सकती थी
युवती रात 9 से 10 के दौरान घर से निकली थी। पहले एक पार्क के बाहर बैठी रही। फिर लगा कि किसी गाड़ी के नीचे आकर आत्महत्या कर ले। इसी धुन में वह चली जा रही थी। तभी लड़के पीछे पड़ गये। यदि महिला पुलिस अधिकारी समय पर नहीं पहुंचती तो वह युवती के साथ गंभीर घटना हो सकती थी। एएसपी हितिका वासल ने बताया कि मैं जब गश्त पर निकली तो युवती आते दिखाई दी। कुछ लड़के पीछा करते दिखाई दिये। आधी रात को युवती को देखकर गाड़ी रोकी । युवती घर से परेशान थी। उसकी काउंसलिंग कर उसे परिजन के सुपुर्द कर दिया गया।

