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जीवाजी विश्वविद्यालय व फिल्म निर्माण कार्यशाला, मुरार नदी के प्रदूषण पर बनाई डॉक्यूमेंट्री

ग्वालियर। अंतर्राष्ट्रीय पृथ्वी दिवस के अवसर पर जीवाजी विश्वविद्यालय की भूविज्ञान अध्ययनशाला, पत्रकारिता विभाग एवं शासकीय आदर्श विज्ञान महाविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम और फिल्म निर्माण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों में पर्यावरण के प्रति चेतना विकसित करना तथा उन्हें डॉक्यूमेंट्री निर्माण की तकनीकी बारीकियों से अवगत कराना था।
कार्यक्रम की शुरुआत में प्रो. एसएन मोहपात्रा ने पृथ्वी दिवस की पृष्ठभूमि बताते हुए कहा कि पृथ्वी को बचाने के लिए पर्यावरण संरक्षण को केवल विचार तक सीमित न रखकर जीवन में अपनाना आवश्यक है। वहीं विज्ञान महाविद्यालय के भूविज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. सुयश कुमार ने भी पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता पर अपने विचार व्यक्त किए।कार्यशाला में क्यूब फिल्म इंस्टिट्यूट के विशेषज्ञों ने छात्रों को स्टोरी आइडिया तैयार करने, शूटिंग तकनीक और फिल्म एडिटिंग की जानकारी दी। छात्रों को कैमरे के सही उपयोग, लाइटिंग, इनडोर व आउटडोर शूटिंग के व्यावहारिक पहलुओं से भी अवगत कराया गया।
कार्यक्रम के तहत छात्रों को पर्यावरण की वास्तविक स्थिति से रूबरू कराने के लिए मुरार नदी क्षेत्र का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया। सात समूहों में विभाजित छात्रों ने रमउआ बांध से जड़ेरुआ बांध तक नदी के विभिन्न हिस्सों में जाकर प्रदूषण की स्थिति का अवलोकन किया और उसी आधार पर वृत्तचित्र तैयार किए। इस पहल के माध्यम से छात्रों को पर्यावरण पत्रकारिता और डॉक्यूमेंट्री निर्माण का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ। कार्यक्रम के सफल आयोजन पर जीवाजी विश्वविद्यालय के कुलगुरू प्रो.राजकुमार आचार्य ने स्टाफ और छात्रों को बधाई दी।

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