प्रॉपर्टी व्यापारी से हैवानियत करने वालों पर 10-10 रूपये का इनाम का ऐलान, गैंगस्टर के भाई सहित 4 आरोपी फरार

ग्वालियर. प्रॉपर्टी व्यापारी के साथ बर्बरता करने वाले 4 आरोपियों पर पुलिस ने 10-10 हजार रूपये का इनाम घोषित किया है। घटना के बाद से सभी आरोपी फरार चल रहे है। पुलिस लगातार उनकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दविश दे रही है। आरोपियों ने व्यापारी को बंधक बनाकर न सिर्फ मारपीट की बल्कि मुंह में रिवाल्वर अड़ाकर दहशत फैलाई और जबरन अश्लील कृत्य भी किया है।

इस घटना में शामिल ओमकार उर्फ भूरे सिकरबार, इंद्रपालसिंह तोमर, जितेन्द्र सिकरबार और गौरी यादव के खिलाफ सोमवार को अलग-अलग धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। इनमें से एक आरोपी गैंगवार में मारे गये कुख्यात गैंगस्टर पंकज सिकरबार का भाई है। एसएसपी ने साफ कहा है कि आरोपियों का जल्द गिरफ्तार किया जायेगा। शहर में इस घटना ने कानून -व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिये है। वहीं पुलिस के लिये अब आरोपियों की गिरफ्तारी प्रतिष्ठा का सवाल बन गयी है। घटना 15 अप्रैल की शाम 5.30 -9.30 बजे के बीच हुई थी।
ठेकेदार को लेनदेन की चर्चा करने के लिये बुलाया था
गोला का मंदिर इलाके के निवासी 48 वर्षीय युवक कंस्ट्रक्शन कम्पनी का संचालन करता है। प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त करता है। ऐसा उसने बताया है कि वह 10 साल से ओमकार सिंह उर्फ भूरे सिकरबार को जानता है। ओमकार उसके एक दोस्त पंकज सिकरबार का छोटा भाई है। पंकज गेंगस्टर था और वह 10 जुलाई 2019 को शूटर्स ने उसकी गोली मारकर हत्या कर दी थी। ओमकार सिंह उर्फ भूरे सिकरबार ने 15 अप्रैल को ठेकेदार सोनू राठौर से चल रहे लेन-देन पर चर्चा के लिये बुलाया था। वह ओमकार के पीताम्बरा धर्मकांटा पहुंचा और कुछ ही देर बाद ओमकार सिंह और गौरी यादव आये उसे ऑफिस ले गये।
क्या है मामला
ऑफिस में ओमकार के आधा दर्जन साथी पहले से बैठे थे। अंदर आते ही गुंडों ने गाली-गलौज कर धमकाया कि अब जिंदा नहीं जाएगा। उन्होंने शराब के लिए पैसे मांगे। पैसे नहीं होने पर QR कोड देकर बेटे से 1500 रुपए का पेमेंट कराया।
पीड़ित ठेकेदार का आरोप है कि ओमकार सिकरवार पिस्टल अड़ाकर उसके के साथ गंदा काम कर रहा था और उसका साथी गौरी यादव मोबाइल से वीडियो बना रहा था। इतना ही नहीं आरोपी ने उससे सोनू राठौर के लिए अपशब्द बुलवाए और उसका वीडियो बनाया। इसके बाद दारु पीने ठेकेदार को फोन कर सोनू को बुलवाने का दवाब बनाया था, लेकिन ठेकेदार ने फोन नहीं लगाया था।
ओमकार सिकरवार, इंद्रपाल सिंह तोमर और जितेंद्र सिकरवार ने पिस्टल अड़ाकर चेक बुक मंगाने को कहा था। नहीं मंगाने पर गोली मारने की धमकी दी थी। जिससे डरकर ठेकेदार ने बेटे को कॉल करके चेक बुक मंगवाई थी, चेक बुक आने पर बदमाशों ने उसे 10-10 लाख रुपए के तीन चेक भरवा कर साइन करा लिए थे। इन तीनों चेकों में दो चेक ठेकेदार के अकाउंट के थे और एक चेक उसकी पत्नी के अकाउंट का था।
पीड़ित ठेकेदार ने पुलिस को बताया कि आरोपियों ने बेटे के सामने उसे पीटा, वीडियो बनवाया और बुलवाया कि चेक उसने अपने लेनदेन के पैसे के दिए हैं। करीब तीन घंटे बंधक रखने के बाद रात नौ बजे उसे छोड़ा था। इसके बाद वह थाने पहुंचा था और शिकायत की थी।

