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जल संसाधन विभाग के कार्यालय के सामान की कुर्की, टेबिल-कुर्सी, कम्प्यूटर और पंखे तक ले गये अधिकारी

गुना. जल संसाधन विभाग की सिंचाई कॉलोनी में स्थित ऑफिस का सामान कोर्ट के फैसले के पालन में कुर्क कर लिया गया है। एक किसान के खेत में बिना मुआवजा दिये नहर डालने और अदालत के आदेश के बाद भी मुआवजा नहीं देने की वजह से अदालत ने सामान की कुर्की के आदेश दिये थे। न्यायालय की टीम दफ्तर से कूलर, कम्प्यूटर और पंखे सब उतार कर ले गयी। अदालती आदेशों की अनदेखी करना जल संसाधन विभाग को आज भारी पड़ गया। ग्राम रेंझाई में 2 दशक पुराने एक मामले में जब विभाग ने कोर्ट के आदेश के बावजूद किसान परिवार को मुआवजा की राशि नहीं चुकाई तो न्यायालय ने कड़ा रूख अपनाते हुए विभाग के कार्यालय की ही कुर्की के आदेश जारी कर दिये। बुधवार को गुना जिला न्यायालय की टीम ने जल संसाधन विभाग के ऑफिस पहुंचकर वहां से टेबिल, कुर्सी, कम्प्यूटर और पंखे जप्त कर लिये हैं।
रातों-रात खेत में डाली थी अवैध नहर
मामले कीर जड़ें करीब 20 वर्ष पुरानी है। रेंझाई निवासी पीयूष रघंवंशी ने बताया है कि गांव में तालाब निर्माण के बीच जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने उनके खेत से रातों-रात एक अवैध नहर का निर्माण कर दिया था। दस्तावेजें में यह नहर किसी और के खेत से निकालनी थी। लेकिन विभाग ने फरियादी के खेत को बर्बाद कर दिया। इस बीच 10-12 वर्ष विभाग के चक्कर लगाये। कोई सुनवाई नहीं हुई तो इस अन्याय के खिलाफ अर्जुन सिंह रघुवंशी ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। लगभग 10-12 साल लम्बी कानूनी लड़ाई केबाद न्यायालय ने किसान के पक्ष में फैसला सुनाया और विभाग पर जुर्माना लगाया।
जप्त हो गया दफ्तर का सामान
दरअसल, प्रथम अतिरिक्त न्यायाधीश (कनिष्ठ खंड) आयुषी मित्तल के न्यायालय द्वारा जारी 1,00,475/- रुपए (ब्याज सहित) की वसूली के लिए जिला नाजिर राजेश शर्मा के नेतृत्व में टीम केंट रोड स्थित जल संसाधन विभाग के कार्यालय पहुंची। कोर्ट के वारंट की तामीली करते हुए टीम ने दफ्तर से कंप्यूटर सेट, फर्नीचर, कुर्सियां और पंखे जप्त करना शुरू कर दिया। जिला कोर्ट के नाजिर राजेश शर्मा ने बताया कि विभाग ने बार-बार समय लेने के बाद भी राशि जमा नहीं की थी, इसलिए अब यह सामान जप्त कर न्यायालय में जमा कराया जाएगा, जिसकी बाद में नीलामी कर पीडि़त को राशि दी जाएगी।
2022 में कुर्की का आदेश जारी हुआ था
स मामले में कोर्ट के नाजिर राजेश शर्मा ने बताया कि कई दिनों से मामला विचाराधीन था। बार-बार वारंट जारी हुए थे। विभाग द्वारा न्यायालय से समय भी लिया गया था। उसके बाद भी राशि जमा नहीं की गई थी तो आज कुर्की की कार्रवाई की जा रही है। कुर्की का आदेश 2022 में जारी हुए थे। अभी हम सामान लेकर न्यायालय में ले जाकर जमा करेंगे। वहां से नीलामी होगी। यह केस अर्जुन सिंह रघुवंशी निवासी रेंझाई ने जल संसाधन विभाग पर लगाया था।

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