दिसम्बर तक 7881 रिटायर होंगे अधिकारी और कर्मचारी, नये प्रमोशन रूल्स नहीं बनने तक भर्तियां नहीं होंगी, गड़बड़ायेगा कैडर मैनेजमेंट
भोपाल. सरकारी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के रिटायरमेंट की आयु सीमा बढ़ाने के मामले में राज्य सरकार के सामने कुछ तकनीकी अड़चन आ रही है। इसकी कुछ कारण यह है कि पिछले 6 साल से प्रमोशन की प्रक्रिया रूकी पड़ी है दूसरी ओर पिछले वर्ष से अधिकारियों और कर्मचारियों के रिटायर होने की रफ्तार भी तेजी से बढ़ी है। इस वजह से उच्च पदों पर अधिकारियों को करंट चार्ज देकर काम चलाना पड़ रहा है। इस तरह से राज्य में विभिन्न विभागों में कैडर का मैनेजमेंट गड़बड़ा गया है। जिससे कि कहते हैं जबतक नये प्रमोशन रूल्स नहीं बनेंगे और सही अनुपात में नयी भर्तियां नहीं होंगी तब तक यह अड़चन दूर नहीं होगी। सरकार कर्मचारियों के रिटायरमेंट की आयु सीमा 62 से बढ़ाकर 63 वर्ष करने की तैयारी कर रही है दूसरी ओर 1 लाख नयी भर्ती करने की कवायद भी शुरू हो चुकी है।
दिसम्बर तक 7,881 अधिकारी व कर्मचारी हों जायेंगे रिटायर
इस वर्ष तक साढे 12 हजार अधिकारी -कर्मचारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं। दिसम्बर तक 7 हजार 881 अधिकारी और कर्मचारी सेवानिवृत्त हो जायेंगे। इस तरह से 1 वर्ष में यह आंकड़ा 20 हजार के ऊपर पहुंचने वाला है। जुलाई तक रिटायर होने वालों में उच्च शिक्षा विभाग से 266 प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर्स, स्वास्थ्य विभाग से डॉक्टरर्स समेत 732 प्रथम श्रेणी अधिकारी शामिल है। स्वास्थ्य विभाग के अन्य कैडर के अधिकारियों की संख्या भी 243 है। अन्य विभागों से रिटायर होने वाले 1289 द्वितीय श्रेणी अधिकारी है। इन अधिकारियों में सबसे अधिक संख्या स्कूल शिक्षा विभाग की है। जिसमें 606 अधिकारी रिटायर होंगे। उच्च शिक्षा विभाग के 218 द्वितीय श्रेणी अधिकारी भी शामिल है।
अधिकारियों के अलावा विभिन्न विभागों के 7881 कर्मचारी अगले 3 माह में सेवानिवृत्त होंगे। जिनमें सबसे अधिक 4113 शिक्षा विभाग के कर्मचारी शामिल है। विभाग के 4313 कर्मचारी मार्च तक रिटायर हो जायेंगे। चतुर्थ श्रेणी के लगभग 2577 चतुर्थ श्रेणीकर्मचारी भी रिटायर होंगे।
इस तरह की परेशानी हो रही हैं
ऊर्जा विभाग में बिजली कंपनी ने 3 महीने पहले डिविजनल मैनेजर से लेकर चीफ जनरल मैनेजर तक के पदों पर अधिकारियों को करंट चार्ज देकर उच्च पदों पर पदस्थ किया।
गृह विभाग में भी सब इंस्पेक्टर से लेकर अन्य उच्च पदों पर अपग्रेडेशन करना पड़ा।
स्कूल शिक्षा विभाग सहित कई विभागों में कई पद डाइंग कैडर घोषित कर दिए गए हैं। नया कैडर बनाकर शिक्षकों की भर्ती करनी पड़ रही है।
तहसीलदारों का प्रमोशन डिप्टी कलेक्टर के पदों पर नहीं हो पा रहा है। कई जगह करंट चार्ज दिया गया।
एक्सपर्ट बोले- प्रमोशन के नए नियम बनाने पड़ेंगे, भर्ती करनी होगी
इस परेशानी से निपटने के लिए प्रमोशन के नए नियम बनाने पड़ेंगे। पीईबी, एमपीपीएससी से हर साल भर्ती नहीं हो पा रही है। इस व्यवस्था को ठीक करना पड़ेगा। जब तक यह व्यवस्थित नहीं हो जाता तब तक ऐसी अड़चन आती रहेगी।
एमके वाष्णेय, रिटायर्ड पीएस, GAD
सारे पहलुओं को ध्यान में रखकर खाका तैयार होगा
रिटायर होने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की जानकारी पहले ही इकट्ठी कर ली है। नई भर्तियों को लेकर भी तैयारी की जा रही है। सारे पहलुओं को ध्यान में रखकर नए सिरे से खाका तैयार किया जा रहा है।
रमेशचंद्र शर्मा, चेयरमैन राज्य कर्मचारी कल्याण समिति GAD

