5 दिन पहले पीएससी ने सहायक प्राध्यापक परीक्षा की स्थगित
इंदौर. मप्र लोकसेवा आयोग ने 3 मार्च को होने वाली सहायक प्राध्यापक भर्ती और ग्रंथपाल व क्रीड़ा अधिकारी परीक्षा-2022 स्थगित कर दी है। अभ्यर्थी जब प्रवेश पत्र जारी होने का इंतजार कर रहे थे, उस समय पीएससी ने परीक्षा स्थगन की सूचना जारी कर चौंका दिया। एक बार फिर पीएससी पर मनमानी और नियमों में छेड़छाड़ का आरोप लगा है। दरअसल, शासन ने पूर्व में अतिथि विद्वान के रूप में कार्य करने वाले कालेज शिक्षकों को भर्ती में अनुभव का लाभ देने की घोषणा की थी। अनुभव के अंक और आयु सीमा में छूट मिलना थी। पीएससी ने इसका पालन नहीं किया। अभ्यर्थियों के आवेदनों और आपत्ति के बाद भी परीक्षा करवाने पर अड़ा रहा। इसके बाद अभ्यर्थी हाई कोर्ट पहुंच गए। नतीजा अब पीएससी को कदम पीछे खींचते हुए परीक्षा स्थगित करने की घोषणा करना पड़ रही है।
अनुभव का लाभ नहीं दिया को तो पहुंचे कोर्ट
सहायक प्राध्यापक भर्ती और ग्रंथपाल व क्रीड़ा अधिकारी परीक्षा के लिए विज्ञापन जारी किया था। शासन के निर्देश के बावजूद आयोग ने कालेज में पदस्थ अतिथि विद्वानों को अनुभव का लाभ नहीं दिया गया। बार-बार अतिथि विद्वानों ने इसे लेकर ज्ञापन भी दिया, मगर आयोग ने नियमों में कोई बदलाव नहीं किया। इसे लेकर नाराज उम्मीदवारों ने पंजीयन नहीं करवाया। आवेदन की प्रक्रिया खत्म होने के बाद ज्यादातर उम्मीदवार आयोग के इस मनमाने फैसले को लेकर न्यायालय में पहुंच गए।

