300 करोड़ रूपए की लागत से बनेगी एयरपोर्ट से साडा तक की फोरलेन सड़क
विकास प्राधिकरण का सिटी सेंटर में 6 मजिला आधुनिक भवन बनेगा
ग्वालियर विमानतल से विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण साडा तक 40 मीटर चौड़ी सड़क का निर्माण ग्वालियर विकास प्राधिकरण के माध्यम से किया जायेगा। इसके साथ ही ग्वालियर विकास प्राधिकरण का नया भवन भी सिटी सेंटर में बनाया जायेगा। यह भवन 6 मंजिला होगा। संभागीय आयुक्त दीपक सिंह की अध्यक्षता में ग्वालियर विकास प्राधिकरण एवं विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण की समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया है।
संभागीय आयुक्त कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में ग्वालियर विकास प्राधिकरण और विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण क्षेत्र में विकास की योजनाओं के संबंध में विस्तार से चर्चा हुई और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।
ग्वालियर विकास प्राधिकरण की ओर से एयरपोर्ट से साडा क्षेत्र तक 40 मीटर चौड़ी सड़क निर्माण के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। सड़क के संबंध में बताया गया कि शताब्दीपुरम से पुरानी छावनी तक 8 किलोमीटर सड़क का निर्माण ग्वालियर विकास प्राधिकरण के माध्यम से किया जायेगा। इसके साथ ही पुरानी छावनी से साडा क्षेत्र में सड़क निर्माण के कार्य को भी हाथ में लिया जायेगा। इस सड़क के निर्माण पर लगभग 300 करोड़ रूपए की राशि व्यय होगी। सड़क निर्माण के दौरान 329 हैक्टेयर निजी भूमि विभिन्न ग्रामों की आयेगी। सड़क निर्माण के साथ ही सड़क के दोनों ओर फुटपाथ, सर्विस रोड़ एवं ग्रीन बेल्ट भी विकसित किया जायेगा। इस सड़क के बन जाने से एयरपोर्ट से साडा क्षेत्र में पहुँचने में बहुत सुविधा होगी और क्षेत्र का विकास भी होगा।
बैठक में यह भी निर्देशित किया कि ग्वालियर विकास प्राधिकरण अपने नए भवन के निर्माण की भी योजना तैयार करे। सिटी सेंटर के पंजीयन विभाग के समीप उपलब्ध भूमि पर 6 मंजिला भवन निर्माण की योजना तैयार कर कार्य कराए। इस भवन में बैंक एवं अन्य शासकीय कार्यालयों के लिये भी स्थान निर्मित किया जाए। उन्होंने विकास प्राधिकरण के अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया है कि भू-माफिया अभियान के तहत रिक्त कराई गई भूमि पर आवासीय परियोजनाएँ तैयार करें ताकि आम जनों को सस्ते और अच्छे आवास उपलब्ध हो सकें। इसके लिये प्रधानमंत्री आवास योजना की तर्ज पर ही प्राधिकरण योजनायें तैयार करें। GDA के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने सम्पूर्ण रिकॉर्ड को स्कैनिंग कर रिकॉर्ड का डिजिटाइजेशन करें। इसके साथ ही प्राधिकरण की खुद की सभी सम्पत्तियों का योजनावार रिकॉर्ड रखा जाए।

