मध्यप्रदेश में महावीर जयंती पर शासकीय अवकाश को लेकर असमंजस की स्थिति, विधायक बोला कि 30 मार्च को हो शासकीय अवकाश
भोपाल. मध्चप्रदेश में महावीर जयती के अवकाश को लेकर सस्पेंस है। भाजपा और कांग्रेस के विधायकों ने सीएम मोहन यादव का पत्र लिखकर 31 मार्च की जगह 30 मार्च को सरकारी अवकाश घोषित करने की मांग की जा रही है। उधर, सरकार के पास कुछ ऐसे सुझाव भी आये है। शासकीय अवकाश को यथावत 31 मार्च को ही रखा जायेगा। अब सरकार विचार-मंथन में जुटी हुई है। मुख्य सचिव ऑफिस ने इस मामले में और सुझाव ले रहा है। पृथ्वीपुर विधायक नितेन्द्र बृजेन्द्रसिंह राठौर ने सीएम को लिखे पत्र में महावीर जयंती के सरकार अवकाश की तिथि में संशोधन करने का आग्रह किया है। विधायक ने मांग की है कि मध्यप्रदे/ा में 31 मार्च की जगह 30 मार्च को शासकीय अवकाश घोषित किया जाये। कांग्रेस विधायक ने पत्र में उल्लेख किया है कि जैन धर्म की धार्मिक परंपराओं और रीति -रिवाजों के मुताबिक, भगवान महावीर स्वामी का जन्म कल्याणक इस वर्ष 30 मार्च को मनाया जायेगा।
राजपत्र में हो संशोधन, हाईकोर्ट का दिया हवाला
विधायक ने बताया है कि मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) के मुताबिक सामान्य प्रशासन विभाग ने वर्तमान में 31 मार्च मंगलवार को शासकीय अवकाश घोषित की है। जिसे जनभावनाओं और धार्मिक मान्यताओं को देखते हुए बदलने की जरूरत है।
पत्र में यह भी तर्क दिया है कि जबलपुर हाईकोर्ट ने भी अपनी अधिसूचना में आंशिक संशोधन करते हुए 30 मार्च को ही अवकाश घोषित किया है। विधायक ने पूर्व में होली के पर्व पर शासन द्वारा किए गए संशोधनों का उदाहरण देते हुए मुख्यमंत्री से इस विषय पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का अनुरोध किया है।
बंडा से भाजपा विधायक ने भी लिखा पत्र
बंडा (सागर) विधायक वीरेंद्र सिंह लम्बरदार ने शासन को पत्र लिखकर आगामी 31 मार्च 2026 के स्थान पर 30 मार्च 2026 को शासकीय अवकाश घोषित करने का आग्रह किया है। विधायक का तर्क है कि जैन धर्म की मान्यताओं और पंचांग के अनुसार भगवान महावीर का जन्म कल्याणक देशभर में 30 मार्च (सोमवार) को मनाया जाएगा। ऐसे में 31 मार्च को सरकारी छुट्टी का कोई औचित्य नहीं रह जाता। पत्र में जनभावनाओं और धार्मिक रीति-रिवाजों का हवाला देते हुए इसे ‘आंशिक संशोधन’ की श्रेणी में रखने की बात कही है।

