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डाटा एंट्री ऑपरेटर की भर्ती रद्द, कलेक्टर, अतिरिक्त कलेक्टर को भरना होगा जुर्माना, 3 माह में नया विज्ञापन जारी करने का आदेश

ग्वालियर. हाईकोर्ट की खंडपीठ ने शिवपुरी में कार्यालय सहायक डाटा एंट्री ऑपरेटर के लिये 2014 में जारी भर्ती विज्ञापन को निरस्त कर दिया है। हाईकोर्ट ने कहा है कि यह भर्ती प्रक्रिया नियमों के विपरीत थी। इसलिये इसके आधार पर की गयी सभी नियुक्तियां भी निरस्त मानी जायेंगी। हाइकोर्ट ने शिवपुरी कलेक्टर को 3 महीने के अन्दर नया विज्ञापन जारी करने का निर्देश दिया है। तत्कालीन कलेक्टर और अतिरिक्त कलेक्टर पर कार्यवाही करने का भी आदेश दिया गया है। हाईकोर्ट ने 1.75 लाख रूपये का जुर्माना लगाया है। जिसमें से 1.50 लाख रूपये याचिकाकर्ता को मुकदमे की लागत के रूप में दिये जायेंगे। 25 हजार रूपये नगरनिगम ग्वालियर के स्वच्छता खाते में जमा होंगे। यह राशि दोषी अधिकारियों से वसूलने की अनुमति शासन को दी गयी है।
क्या है मामला
जस्टिस आनंद सिंह बहावत की एकलपीठ ने यह आदेश योगेश कुमार कुशवाह की याचिका पर दिया। याचिकाकर्ता ने बताया था कि लोक सेवा प्रबंधन विभाग के 14 जुलाई 2011 के सर्कुलर के अनुसार, भर्ती के लिए केवल स्नातक योग्यता और तय प्रक्रिया आवश्यक थी।
हालांकि, जारी किए गए विज्ञापन में 60 प्रतिशत अंकों की एक अतिरिक्त शर्त जोड़ दी गई थी, जो नियमों के खिलाफ थी।कोर्ट ने टिप्पणी की कि अधिकारियों ने बिना सोच-विचार के विज्ञापन जारी किया, जिसके कारण याचिकाकर्ता को लंबी कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ी। अदालत ने स्पष्ट किया कि 2011 के सर्कुलर के अनुसार मेरिट का निर्धारण स्नातक के अंकों के आधार पर होना था, लेकिन यह शर्त मनमाने ढंग से जोड़ी गई।
यह याचिका लगभग 11 वर्षों तक लंबित रही। सहायक डाटा एंट्री ऑपरेटर के कुल 15 पद थे, लेकिन अतिरिक्त शर्त जोड़ने के कारण कई योग्य उम्मीदवार आवेदन नहीं कर सके।

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