स्वतंत्रता दिवस 18 राज्यों में फहरेगा ग्वालियर का तिरंगा
ग्वालियर. इस स्वतंत्रता दिवस पर जब देश भर में तिरंगा लहराएगा तो उसमें ग्वालियर के कारीगरों के हुनर की चमक साफ दिखाई देगी। दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले से लेकर देश के 18 अलग-अलग राज्यों और रक्षाबलों के ठिकानों तक इस बार ग्वालियर में निर्मित राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा। देश में सरकारी मानकों के अनुरूप खादी का तिरंगा बनाने का अधिकृत लाइसेंस केवल दो ही स्थानों को प्राप्त है जिसमें पूरे उत्तर भारत में ग्वालियर स्थित मध्य भारत खादी संघ एकमात्र केंद्र है। इस वर्ष 196 हुनरमंद कारीगरों ने दिन-रात परिश्रम करके ये ध्वज तैयार किए है जिन्हें 20 से 25 स्तरों की कडी गुणवत्ता जांच के उतरांत ही आपूर्ति के लिए भेजा गया है।
ग्वालियर का महत्वपूर्ण योगदान
स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्वों पर फहराए जाने वाले आधिकारिक तिरंगों की आपूर्ति में ग्वालियर का महत्वपूर्ण योगदान है। भारत में आईएसआई मार्क वाले प्रामाणिक खादी तिरंगे बनाने का अधिकार महज दो संस्थाओं के पास है पहला कर्नाटक का हुब्बल्ली केंद्र और दूसरा ग्वालियर का मध्य भारत खादी संघ। ग्वालियर में तैयार तिरंगे मध्य प्रदेश के अतिरिक्त दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार, छत्तीसगढ, गुजरात तथा दक्षिण भारत के अनेक राज्यों में भेजे जाते है।
ग्वालियर में तिरंगा तैयार करने में 5 से 6 दिनों समय लगता है
ग्वालियर में एक मानक तिरंगा तैयार करने में 5 से 6 दिनों का समय लगता है। धागा कातने से लेकर कपडे की बुनाई, रंगाई और अंतिम सिलाई तक का समस्त कार्य कारीगर हस्तनिर्मित पद्धतियों से पूरा करते है। कपडा तैयार होने के पश्चात तीनों रंगों के सटीक अनुपात, सिलाई की मजबूती और माप की अत्यंत बारीकी से पडताल की जाती है। लगभग 20 से 25 कडे गुणवत्ता पैमानों पर खारा उतरने के बाद ही ध्वज पर आईएसआई की मुहर लगाई जाती है।
जानकारी के अनुसार संस्था द्वारा कुल 9 से 10 अलग-अलग आकारों में राष्ट्रीय ध्वज तैयार किए जाते है। इनमें सबसे अधिक मांग 2 बाई 3 फीट तथा 6 बाई 4 फीट आकार वाले तिरंगों की होती है। इसके अलावा मंत्रियों, प्रशासनिक अधिकारियों तथा संवैधानिक पदों पर आसीन महानुभावों के वाहनों पर लगाए जाने वाले विशेष छोटे आकार के झंडे भी यहीं निर्मित होते है। कड गुणवत्ता नियमों के कारण उत्पादन में काफी समय लगता है फिर भी यहां के कारीगर राष्ट्रध्वज की गरिमा बनाए रखते हुए आपूर्ति पूरी करने में निरंतर जुटे रहते है।

