केन-बेतवा आन्दोलन में भूख हड़ताल पर बैठे अमित भटनागर को पुलिस ने जबरन उठाया, 17 दिन से जारी है आन्दोलन

छतरपुर. केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित परिवारों का ‘‘चिता आन्दोलन’’ रविवार तड़के नया मोड़ ले गया है। आन्दोलन का 17वां दिन और जय किसान संगठन के नेता अमित भटनागर के आमरण अनशन का 11 वां दिन है। इस बीच रविवार को भारी पुलिस बल ने आन्दोलन स्थल पर पहुंचकर अमित भटनागर सहित सभी आन्दोलनकारियों को गिरफ्तार कर लिया है।
प्रशासन का कहना है कि अमित भटनागर और उनके कुछ साथियों की तबियत बिगड़ने की वजह से उन्हें समझाइश देकर पुलिस की मदद से बिजवार सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती कराया गया है। जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज हो रहा है।

स्वास्थ्य-वर्षा की वजह से की कार्यवाही-प्रशासन
बिजावर एसडीएम विजय द्विवेदी ने कहा है कि ग्राम कुपील में बराना नदी के पास प्रदर्शन कर रहे आन्दोलनकारियों के स्वास्थ्य और लगातार वर्षा को देखते हुए यह कदम उठाया गया। उन्होंने बताया है कि प्रदर्शन में शामिल पन्ना जिले के अन्य लोगों का भी बस से सुरक्षित उनके जिले के लिये रवाना किया गया है।
इससे पहले प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) द्वारा मामले का संज्ञान लेने के बाद आन्दोलनकारियों में उम्मीद जगी थी। हालांकि आन्दोलनकारी लगातार स्थानीय प्रशासन के रवैये पर सवाल उठा रहे है। आन्दोलनकारी अमित भटनागर ने कहा था कि गिरफ्तारी या दबाव से आंदोलन नहीं थमेगा और आवश्यकता पडी तो जेल से भी आमरण अनशन जारी रखेंगे। फिलहाल अमित भटनागर अस्पताल में भर्ती है। प्रशासन ने उन्हें स्वास्थ्य की वजहों से अस्पताल ले जाने की बात कहीं है। जबकि आन्दोलनकारी इसे आंदोलन को दबाने की कार्यवाही बता रहे है।
आंदोलनकारी दिव्या अहरवार ने आरोप लगाया कि रविवार को अमित भटनागर केन-बेतवा लिंक परियोजना समेत अन्य परियोजनाओं में कथित 400 करोड़ रुपए के भ्रष्टाचार से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक करने वाले थे। इससे पहले ही सुबह करीब 5 बजे भारी पुलिस बल ने आंदोलन स्थल पहुंचकर सभी आंदोलनकारियों को हिरासत में ले लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन को दबाने के लिए प्रशासन ने कार्रवाई की है। साथ ही कहा कि यदि अमित भटनागर या किसी भी आंदोलनकारी को कोई नुकसान होता है, तो इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

