लोकायुक्त ने समय पर चार्जशीट दायर नहीं की इसलिए सौरभ को मिली जमानत, ईडी ने रिपोर्ट में लोकायुक्त पुलिस को घेरा
भोपाल. आरटीओ के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा की कथित काली कमाई का मामला अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में खुलासा किया है कि लोकायुक्त पुलिस द्वारा समय पर चार्जशीट दाखिल नहीं करने के कारण आरोपी को डिफॉल्ट जमानत मिल गई।

सौरभ शर्मा को 1 अप्रैल को डिफॉल्ट जमानत मिल गई
ईडी की वार्षिक लीगल रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि भ्रष्टाचार के मामले में कार्रवाई के बावजूद समय पर चार्जशीट दाखिल नहीं किए जाने के कारण सौरभ शर्मा को 1 अप्रैल को डिफॉल्ट जमानत मिल गई। हालांकि, ईडी की सख्त जांच के चलते वह जेल से बाहर नहीं आ सका। बाद में हाईकोर्ट ने भी ईडी की कार्रवाई के खिलाफ दायर उसकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया।
रिपोर्ट के अनुसार, सौरभ शर्मा ने भोपाल स्थित ईडी कार्यालय द्वारा वर्ष 2024 में दर्ज ईसीआईआर के संबंध में बीएनएसएस की धारा 483 तथा पीएमएलए 2002 की धारा 3 और 4 के तहत नियमित जमानत के लिए आवेदन किया था। वह 10 फरवरी 2025 से हिरासत में है। ईडी के इस खुलासे ने न केवल मामले की जांच प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि यह भी संकेत दिया है कि समयबद्ध कार्रवाई में चूक किस तरह आरोपियों को कानूनी राहत दिला सकती है।

