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भारत में सामान्य में कम वर्षा के संकेत, अल नीनो की आशंका

नई दिल्ली. देश में मानसून8 को लेकर बड़ा अनुमान जताया जा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के ताजा लांग रेंज फोरकास्ट के अनुसार 2026 का दक्षिण-पश्चिम मानसून सामान्य से थोड़ा कम रह सकता है। अनुमान है कि जून से सितम्बर के बीच देश भर में वर्षा का लांग पीरियड एवरेज (एलपीए) का लीगभग 92प्रतिशत रह सकती है। जिसमें 5 प्रतिशत मॉडल एरर संभव है।
जनवरी से मार्च तक रही बर्फ में कमी
आईएमडी ने यह भी बताया है कि जनवरी-मार्च 2026 के बीच उत्तरी गोलार्थ में बर्फ का स्तर सामान्य से थोड़ा कम रहा है। वैज्ञानिकों के मुताबिक बर्फ और मानसून केबीच उल्टा संबंध होता है। यानी बर्फ मेंकमी का प्रभाव मानसून की तीव्रता पर पड़ सकता है। क्षेत्रीय स्तर पर देखें तो देश के कई हिस्सोंमें सामान्य से कम वर्षा की संभावना है। हालांकि नार्थ-ईस्ट, नॉर्थवेस्ट और दक्षिणी प्राय द्वीपीय भारत के कुछ इलाकों में सामान्य या उससे अधिक वर्षा हो सकती है। आईएमडी ने यह पूर्वानुमान उन्नत मल्टी-मॉडल एन्सेम्बल (एमएमई) और मानसून मिशन क्लाइमेट फोरकास्ट सिस्टम (एमएमसीएफएस) जैसे आधुनिक मॉडल्स के आधार पर तैयार किया है। विभाग नेय यह भी कहा है कि मई 2026 के आखिरी सप्ताह में अपडेटेड फोरकास्ट जारी किया जायेगा। जिससे मानसून की और स्पष्ट तस्वीर सामने आयेगे। कुल मिलाकर इस साल मानसून पूरी तरह से कमजोर नहीं लेकिन सामान्य से थोड़ा नीचे रहने कमे संकेत है। जहां ईआर्र नीनो और आईओडी के बीच संतुलन ही तय करेगा कि देश में वर्षा का वास्तविक पैटर्न कैसा रहेगा।

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