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विकास में बड़े आयाम के रूप में जुड़ने जा रहे विकास कार्यों को जल्द पूर्ण मासिक फ्लोचार्ट तैयार करें- ज्योतिरादित्य सिंधिया

ग्वालियर ग्वालियर शहर के सुनियोजित विकास के लिये कटिबद्ध है। दोनों सरकारों के साझा सहयोग से ग्वालियर को विकसित एवं औद्योगिक रूप से समृद्ध शहर बनायेंगे। यह बात केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कही। सोमवार को कलेक्ट्रेट के सभागार में जिले के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट की अध्यक्षता में आयोजित हुई बैठक में ग्वालियर शहर के विकास कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर के विकास में बड़े आयाम के रूप में जुड़ने जा रहे विकास कार्यों को सरकार की मंशा के अनुरूप जल्द से जल्द पूर्ण करने के लिये मासिक फ्लोचार्ट तैयार करें। प्रत्येक प्रोजेक्ट के हर कार्य के पूर्ण करने की समय-सीमा निर्धारित हो। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
नवम्बर तक पूरा होगा एलीवेटेड रोड का प्रथम चरण 
ट्रिपल आईटीएम के समीप से महारानी लक्ष्मीबाई समाधि तक लगभग 450 करोड़ रुपए की लागत से निर्माणाधीन लगभग 10 किमी लम्बे एलीवेटेड रोड के प्रथम चरण का काम नवम्बर माह तक पूरा हो जायेगा। प्रथम चरण के फाउण्डेशन में 229 पिलर बनाए जाने थे, इनमें से 214 बनकर तैयार हो गए हैं। साथ ही 1140 गर्डर में से 990 गर्डर लग चुके हैं। शेष पिलर के निर्माण की बाधा भी अप्रैल माह तक दूर हो जायेंगी। महारानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा फूलबाग से गिरवाई चौकी तक 13 किलोमीटर लम्बाई में लगभग 926 करोड़ रुपए की लागत से द्वितीय चरण की एलीवेटेड रोड बनाई जा रही है। द्वितीय चरण के निर्माण में किसी प्रकार की तकनीकी बाधा नहीं है। द्वितीय चरण का काम दिसम्बर 2027 तक पूर्ण होगा।
जून तक पूर्ण होगी मल्टी लेवल पार्किंग, महाराज बाड़ा को नो व्हीकल जोन बनाएं 
महाराज बाड़ा पर निर्माणाधीन मल्टीलेवल पार्किंग की समीक्षा के दौरान कहा कि पार्किंग का काम पूर्ण होने के बाद महाराज बाड़ा क्षेत्र को नो व्हीकल जोन बनाने के प्रयास किए जाएं। सराफा सहित महाराज बाड़ा क्षेत्र के व्यवसाइयों व दुकानदारों के वाहन मल्टी लेवल पार्किंग में खड़े करने के लिये शुल्क तय कर मासिक व वार्षिक पास भी जारी किए जाएं। मल्टी लेवल पार्किंग का काम 30 जून तक पूर्ण हो जायेगा। पार्किंग के प्रथम तल पर मिट्टी का भराव पूर्ण होने के बाद निचले तल में भरे हुए पानी की निकासी कराई जायेगी। साथ ही जल भराव का कारण बन रहे स्त्रोत को भी स्थायी रूप से बंद करने की पुख्ता व्यवस्था की जायेगी।
31 अक्टूबर तक रेलवे स्टेशन का काम पूरा करने के निर्देश 
रेलवे स्टेशन के विकास एवं सौंदर्यीकरण का कार्य 31 अक्टूबर तक पूरा करने पर जोर दिया। उन्होंने रेलवे के अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्टेशन के दोनों ओर की पार्किंग का काम भी तेजी से पूर्ण किया जाए। साथ ही रेलवे स्टेशन पर आने-जाने वाले यात्रियों की सुविधा का भी ध्यान रखें।
अम्बेडकर धाम को जीवंत बनाएं
जौरासी में निर्माणाधीन अम्बेडकर धाम को जीवंत बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जीवाजी विश्वविद्यालय से एमओयू कर यहां पर बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर पर केन्द्रित डिप्लोमा पाठ्यक्रम शुरू करें। बाबा साहब के जीवन से जुड़े पाँचों धाम पर केन्द्रित एक – एक कक्ष का निर्माण भी किया जाए। ऑडिटोरियम व बाबा साहब की प्रतिमा भी यहां पर लगाई जाए। अम्बेडकर धाम का काम तय समय-सीमा से दो माह पहले अर्थात जुलाई 2027 में पूर्ण करने की कार्ययोजना बनाई गई है।
बैठक में बताया गया कि शहर की 294 सड़कों को ग्रीन, यलो व रेड जोन में विभक्त कर सड़कों की मरम्मत का कार्य कराया जा रहा है। शहर की 109 गारंटी पीरियड की सड़कों में से 53 सड़कें खराब थीं। इनमें से 30 सड़कें ठीक हो चुकी हैं। इसी तरह 77 सड़कें पूर्णत: क्षतिग्रस्त थीं, इनमें से 34 का काम पूरा हो चुका है और 20 का कार्य चल रहा है।  7 सड़कों की मरम्मत के लिये कार्यादेश जारी हो चुके हैं। शेष सड़कों की मरम्मत व निर्माण संबंधी कार्रवाई प्रचलन में है।
बैठक के अन्य मुख्य बिंदु
शहर के 61 से 66 वार्ड की बस्तियों में पेयजल नेटवर्क के लिये 354 करोड़ रुपए मिले, 500 करोड़ रुपए और प्राप्त करने के लिये शासन स्तर पर होंगे प्रयास।
प्राप्त धनराशि से इन वार्डों में चरणबद्ध ढंग से बस्तियों में पेयजल नेटवर्क से संबंधित सभी कार्य कराए जायेंगे।
ऊर्जा मंत्री ने शहर की सीवर समस्या के स्थायी समाधान पर बल दिया। केन्द्रीय मंत्री श्री सिंधिया ने कहा कि जिला प्रशासन व नगर निगम के साथ बैठकर स्थायी कार्ययोजना तैयार करें।
शहर की दीर्घकालिक पेयजल व्यवस्था के लिये निर्माणाधीन चंबल प्रोजेक्ट के तहत क्वारी, आसन व सांक नदी पर पेयजल लाइन के पुलों का काम अंतिम चरण में। देवरी संपवेल का काम भी लगभग पूर्ण। पाइपलाइन सहित अन्य कार्य जारी।
आईएसबीटी पर बसों का संचालन जल्द से जल्द शुरू करने पर प्रभारी मंत्री ने बल दिया। उन्होंने कहा कि बसों का संचालन शुरू करने से पहले आईएसबीटी से जुड़े सभी समूहों से की राय लें। इसके बाद आईएसबीटी से बसों का संचालन करने की तिथि निर्धारित की जाए।
ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे के निर्माण में मध्यप्रदेश के हिस्से में कोई बाधा नहीं। उत्तरप्रदेश व राजस्थान में आ रही तकनीकी बाधाओं को दूर करने के लिये केन्द्रीय मंत्री श्री सिंधिया दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों से करेंगे चर्चा ।

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