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हैरिटेज को कायम रखते बनेगी गाइडलाइन और मैनेजमेंट प्लान, 27 जुलाई को आयेगी सर्वे टीम

ग्वालियर. शहर के पुराने गली मोहल्लों में बाकी रहे एतिहासिक घर, बाड़ा, बैजाताल, स्वर्णरेखा नदी के तरह और भी हैरिटेज महत्व के जगहों का सर्वे यूनेस्को की टीम करेगी। यह प्रक्रिया 27 जुलाई से प्रारंभ होकर अगले नवम्बर तक चलेगी और इसके बाद हिस्टोरिक लैण्डस्केप स्कीम का ड्राफ्ट तैयार होगा। इसके लिये मंगलवार को यूनेस्को की हिस्टोरिक अर्बन लैण्डस्केप स्कीम का वर्चुअल शुभारंभ सीएम व पर्यटन मंत्री उषा ठाकुर ने किया। कार्यक्रम में चौहान ने कहा है कि धार्मिक और ऐतिहासिक पर्यटन को यूनेस्को के प्रयास बढ़ावा मिलेगा। ग्वालियर और ओरछा का चयन हिस्टोरिक अर्बन लैण्डस्केप डवलपमेंट के लिये किया गया है। इसससे मप्र में पर्यटन के क्षेत्र में विकास होगा और रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे।
इस तरह आगे बढे़गा काम
4 सदस्यीय एक्सपर्ट की टीम 27.28 को ग्वालियर आएगी। लोगों की राय के आधार पर सर्वे सितंबर तक चलेगा। इसके बाद थ्रीडी इमेजिंग का काम होगा।
डाटा कलेक्शन के बाद अक्टूबर.नवंबर में प्रजेंटेशन तैयार होगा। दिसंबर तक पहला ड्राफ्ट तैयार हो जाएगा।
दिसंबर अंत तक फीडबैक टीम फिर शहर में आएगी।
यूनेस्को मई तक गाइड लाइन तैयार कर लेगा। इसकी कुछ सिफारिशें मैनेजमेंट प्लान बनाते वक्त साझा की जाएंगी।
ग्वालियर के एतिहासिक स्थानों का सर्वे करेगी
यूनेस्को हैरिटेज को काम रखते हुए गाइडलाईन तैयार करने का काम मई 2022 तक पूरा करने लेने पर चर्चा हुई है। इसके साथ ही मैनेजमेंट प्लान भी बनेगा कि शहर में कैसे क्या होगा? यूनेस्को की टीम 27-28 जुलाई को ग्वालियर के एतिहासिक स्थानों का सर्वे करेगी और इसके बाद यह सिलसिला प्रारंभ हो जायेगा।
आशीष सक्सेना, संभागायुक्त
अमल की तैयारी
गाइडलाइन और मैनेजमेंट प्लान मिलने के बाद हम उस पर अमल की तैयारी करेंगे। अभी जो शहर यूनेस्को की हिस्टोरिक अर्बन लैण्डस्केप स्कीम में शामिल हैं वहां के अनुभव भी शेयर करेंगे। फंडिग के लिये विभागीय योजनाओं से मदद लेंगे।
कौशलेन्द्र विक्रमसिंह, कलेक्टर

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