सीएम को काले झंडे दिखाने आये लेकिन पुलिस अपने साथ वाहन में बैठाकर ले गयी, सीएम अंबेडकर मूति पर हैं खामोश
ग्वालियर. शनिवार को सीएम डॉ. मोहन यादव के आगमन पर कुछ लोगोंु ने काले झंडे दिखाने का प्रयास किया है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद सभी को फूलबाग प्वॉइंट से एसएसपी ऑफिसए ले जाया गया। काले झंडे दिखाने वाले लोग हाईकोर्ट परिसर में डॉ. अम्बेडकर की प्रतिमा की स्थापना पर सरकार की खामोशी और 13 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण अनहोल्ड नहीं करने पर नाराज थे। काले झंडे दिखाने वालों का नेतृत्व एडवोकेट विश्वजीत रतौनिया कर रहे थे। पुलिस ने सीाी को निगरानी में लिया है। सीएम का भिंड जिले के दंदरौआ में कार्यक्रम है। वह शाम को 6 बजे ग्वालियरा वापिस लौटेंगे। इसके बाद भोपाल के लिये रवाना होंगे।
क्या है मामला
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन सिंह यादव शनिवार को ग्वालियर, भिंड व निवाड़ी के प्रवास हैं। सीएम डॉ. यादव दोपहर 12.45 बजे ग्वालियर पहुंचे थे और एयरपोर्ट से ही वह सीधे हेलिकॉप्टर से ग्वालियर टेकनपुर अंबेडकर धाम पहुंचे। यहां अंबेडकर धाम के लिए चिह्नित जगह और तैयारियों का अवलोकन किया है। इसके बाद वह लगभग दो बजे टेकनपुर से पृथ्वीपुर निवाड़ी के लिए रवाना हुए थे। शाम को पांच बजे सीएम भिंड दंदरौआ धाम पहुंचना है। जब सीएम ग्वालियर आए थे तो कुछ लोगों ने पहले से ही सीएम यादव को काले झंडे दिखाने के लिए तैयारी कर ली थी। सीएम को काले झंडे दिखाने के पीछे भी यही कारण है। सोशल मीडिया पर भी काले झंडे दिखाने का ऐलान किया था। जिस पर पुलिस ने पहले ही घेराबंदी कर फूलबाग चौराहा पर ही इन वकीलों को रोक लिया था। पुलिस अपने वाहन में सभी 10 से 15 लोगों को लेकर एसएसपी धर्मवीर सिंह के पास ले गई। यहां सभी को समझाया है। इस पर पुलिस का कहना है कि हमने किसी को पकड़ा नहीं है बल्कि समझाया है।
अंबेडकर मूर्ति को लेकर खामोश हैं सीएम
इस मामले में काले झंडे दिखाने की तैयारी कर रहे एडवोकेट विश्वजीत रतौनिया का कहना है कि हाईकोर्ट परिसर में अंबेडकर मूर्ति विवाद पर हमलने सीएम मोहन यादव को ज्ञान दिया है। लेकिन उसके बाद भी सरकार अपना रूख स्पष्ट नहीं कर रही है। वह क्या चाहती है और किसके पक्ष में है। सरकार की खामोशी से हम लोग नाराज है। इसलिये हमने काले झंडे दिखाने की तैयारी की थी। लेकिन पुलिस ने हमें पहले ही रोक लिया।

