रेलवे स्टेशन परिसर से आरएमएस और पोस्टऑफिस की बिल्डिंग हटने के बाद अब 76 दुकानों को हटाने की तैयारी, दुकानदारों के पास 3 विकल्प
ग्वालियर. रेलवे स्टेशन का 535 करोड़ रूपये की लागत पुर्नविकास कार्य के बीच स्टेशन के सामान्य टिकट कार्यालय को सर्कुलेटिंग एरिया के बाहर नये टिकट घर में शिफ्ट कर दिया गया है। यहीं स्टेशन के बाहर बने पुराने पोस्ट ऑफिस और आरएमएस को गिराने के बाद वहां प्रवेश मार्ग बना दिया गया है। नया पोस्टऑफिस एम्बियंस होटल के पीछे नयी बिल्डिंग में स्थानांतरित कर दिया गया है। रेलवे स्टेशन पर प्रतिदिन लगभग 60 हजार यात्रियों का आना-जाना रहता है। प्लेटफॉर्म नम्बर 1 पर बने वीआईपी रूम का काम भी तेजी से किया जा रहा है। संभवतः एक हफ्ते के बाद शुरू हो जायेगा। स्टेशन के सामने बनी 76 दुकानों को भी दूसरी जगह पर शिफ्ट किया जाना है। इसके लिये दुकानदारों से चर्चा चल रही है। इसे लेकर जल्द ही सहमति होने की संभावना हे। दुकानदारों को जगह मिलते ही इन दुकानों और होटलों को तोड़ दिया जायेगा। इसके बाद स्टेशन मुख्य सड़क मार्ग से स्पष्ट दिखाई देगा। आपको याद दिला दें स्टेशन पुर्नविकास दिसम्बर 2024 तक होना था लेकिन कब होगा यह कहना संभव नहीं है।
रेलवे स्टेशन के सामने की दुकानें एमपी हाउसिंग बोर्ड की है। लम्बे समय से रेलवे स्टेशन का विस्तार करने के साथ-साथ स्टेशन मुख्य सड़क से स्पष्ट नजर आयेगा। इसके लिये इन दुकानों को हटाने का प्रयास चल रहा है। इसके लिये रेलवे प्रशासन और दुकानदारों के बीच कई दौर की बात हो चुकी है। लेकिन आपसी सहमति नहीं बनने की वजह से अभी तक दुकानें व होटल नहीं हट पाई है। शासन के प्रयास से अब यह उम्मीद जागने लगी है कि दुकानदार सहमत हो जाये।
शॉपिंग मॉल बनाया जायेगा आरपीएफ थाने की जगह
जब यह दुकानें हट जायेंगी और स्टेशन का काम पूरा हो जायेगा। इसके बाद रेलवे प्रशासन की योजना है कि पुराने आरपीएफ थाने के पास शॉपिंग माल बनाया जाना प्रस्तावित है। वहीं रेलवे स्टेशन की ऐतिहासिक इमेज लोगों को दिख सके। इसके लिये दुकान टूटने के बाद मुख्य मार्ग को चौड़ा किया जायेगा। इसके लिये स्टेशन बजरिया में मुख्य मार्ग पर बना डिवाइडर हटाया जायेगा।
76 दुकानों के दुकानदारों के लिये 3 विकल्प
रेलवे स्टेशन के सामने की दुकानें हट सकें। इसके लिये प्रशासन ने दुकानदारों को 3 जगह प्रस्तावित की है। यह जगह है रेसकोर्ड रोड के सरकारी बंगालें के पास, दूसरी जगह स्मार्ट सिटी डिपों और तीसरी जगह तानसेन नगर आरओबी के नजदीक। इनमें से किसी एक जगह दुकानदार अपनी सहमति दे देंगे। उसके बाद उन्हें वह जगह आवंटित कर दी जायेगी। हाल ही में सांसद भारतसिंह कुशवाह ने स्टेशन बजरिया के दुकानदारों के साथ अपने बंगले पर बैठक कर चर्चा की थी। बैठक में दुकानदारों ने कहा था कि उक्त तीनों जगह में से उन्हें अगर जगह मिलती है तो वह उस जगह पर जाने के लिये तैयार है। सूत्रों के अनुसार दुकानदार इन तीनों में से किसी एक जगह के लिये सहमत हो सकते हैं। अगर ऐसा हुआ तो दुकानें तोड़ दी जायेंगी। जिसके बाद स्टेशन सड़क से साफ दिखाई देंगी।

