मेट्रो ने बिगाड़ी सुभाषनगर आरओबी की डिजाइन, 35 एक्सपर्ट ने की जांच रिपोर्ट में बताई 5 खामियां
भोपाल. ढाई माह पूर्व शुरू हुए सुभाषनगर आरओबी में कई खामियां देखने को मिली है। मेट्रो प्रोजेक्टर के लिये आरओबी के बदले नये डिजाइन की वजह से दुर्घटना संभावित क्षेत्र बन रहा है। 7 विभागों के 35 एक्सपर्ट को ब्रिज की विजिट के बीच कई खामियां मिली है। दरअसल, हाल ही में पुलिस ट्रेनिंग एण्ड रिसर्च इंस्टीट्यूट (पीटीआरआई) और मैनिट के बीच हुए एमओयू के बाद पहला सेमीनार हुआ है।
स्ुरक्षित यातायात नियोजन विषय पर हुए सेमीनार में पुलिस, स्मार्ट सिटी, ट्रांसपोर्ट, नगरीय प्रशासन, मप्र रूरल रेड डवलपमेंट एसोसियेशन (एमपीआरआरडीए) नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) व पीडब्ल्यूडी के 35 एक्सपर्ट शामिल हुए।
5 दिन चले सेमीनार से पूर्व एक्सपर्ट्स को सुभाषनगर आरओबी की विजिट करवाई गयी और इसके बाद 5 अलग-अलग टीमों में बांटकर उनसे सुझाव लिये गये। मैनिट के आर्किट्रेक्चर एंड प्लानिंग डिपार्टमेंट के असिस्टेंट प्रोफेसर राहुल तिवारी ने बताया कि 7-7 लोगों के पांचों ग्रुप्स को यह टास्क दिये गये थे। सभी ग्रुप्स ने एक-एक कर जूरी मेम्बर्स के सामने प्रेजेंटेशन दिये। जूरी ने मिड टर्म सुझाव में पहले सजेशन को पहला पुरूस्कार दिया।
यह मिली खांमियां
1. ब्रिज से उतरते समय राइट यू टर्न लेना खतरनाक है।
2. पैदल जाने वालों के लिए सिग्नल पर लगी रेड लाइट कभी ग्रीन ही नहीं होती।
3. यहां रोड मार्किंग और ट्रैफिक इंडिकेटर की कमी है।
4. पैदल आने वालों के लिए फुटपाथ और जेब्रा क्रॉसिंग नहीं है। 5ण् रेड लाइट होने पर भी आवाजाही जारी रहती हैए कोई रोकने वाला नहीं।

