मप्र के इंदौर और भोपाल में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू करने का बड़ा फैसला
भोपाल. मुंबई की तर्ज पर भोपाल और इंदौर में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू की जाएगी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यह ऐलान किया है, हालांकि इस सिस्टम को लेकर पिछले 10 साल से बात चल रही थी। सरकार ने इसे पहले भी लागू करने की घोषणा की थी लेकिन आईएएस लॉबी के विरोध के बाद सरकार को बैकफुट पर आना पड़ा था। वर्तमान में पुलिस अधीक्षक को प्रशासनिक सेटअप में कलेक्टर के मातहत काम करना पड़ता है। आईएएस लॉबी अपने महत्व को बरकरार रखने की हिमायती थी।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू होने से राज्य की कानून व्यवस्था और ज्यादा मजबूत होगी। बता दें कि अपराधों पर नकेल के लिए पुलिस कमिश्नर प्रणाली को बेहतर माना जाता है। ज्यादातर महानगरों मंे यही सिस्टम लागू है। इससे फायदा यह होगा कि पुलिस के पास अपराध नियंत्रण के ज्यादा अधिकार और प्रभावी तंत्र होगा।
यह है पुलिस कमिश्नर सिस्टम
पुलिस कमिश्नर सिस्टम कानून व्यवस्था बेहतर करने के लिए लागू किया जा रहा है। दरअसल अभी कोई भी पुलिस अधिकारी निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र नहीं होते हैं। आपात परिस्थितियों में उन्हें कलेक्टर या संभागायुक्त या प्रदेश सरकार के निर्देशों के अनुसार ही काम करते हैं। इंदौर और भोपाल में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू होने के बाद आपात स्थिति में निर्णय लेने का अधिकारी पुलिस अधिकारियों के पास होंगे। इसलिए इसे बेहतर माना जाता है कि क्योंकि पुलिस कमिश्नर खुद फैसला ले सकते है। इसके पहले पुलिस व्यवस्था कलेक्टर के पास होती है। ऐसे में शहर में लाठीचार्ज, धरना या दंगे के दौरान बल प्रयोग करने के लिए पुलिस इस पर सीधे ही फैसला ले सकेगी।

