मप्र की 23 हजार ग्राम पंचायतें ठप्प, 70 हजार कर्मचारी हड़ताल पर
भोपाल. मध्य प्रदेश की 23 हजार ग्राम पंचायतों में काम काज ठप्प हो गया। प्रदेश में पंचायत सचिव, रोजगार सहायक और जनपद अधिकारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। करीब 70 हजार ग्रामीण विकास विभाग में कार्यरत कर्मचारी अधिकारी आज से अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल की राह पर आ गए है।
हड़ताल के चलते सभाए बंद
प्रदेश की 23 हजार ग्राम पंचायतें है जिन पर तालाबंदी कर दी गई। करीब 313 जनपद पंचायतों के अधिकारी, पंचायत सचिव, रोजगार सहायक, सामूहिक रूप से मांगों को लेकर हड़ताल की राह पर है। इस हड़ताल के चलते ग्राम पंचायतों में सभाएं नहीं होंगी।
मांग पूरी हो नहीं तो हड़ताल जारी रहेगी
हडताल से पंचायतों में चल रहे विकास कार्य, शासकीय योजनाओं की रफ्तार रूक जाएगी इस दौरान हितग्राहियों के पंचायत संबंधी काम काज नहीं होंगे। अधिकारी-कर्मचारियों के संयुक्त मोर्चे ने सरकार को चेतावनी दी है कि जब तक मांग नहीं मानी जाएगी तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
संयुक्त मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष दिनेश शर्मा ने कहा कि सचिव की वेतन, अनुकंपा नियुक्ति, रोजगार सहायक के संविलियन की मांग प्रमुख है और इन्हें पूरा होना जरूरी है।
ये संगठन कर रहे विरोध
इस विरोध प्रदर्शन में जनपद सीईओ, ग्राम पंचायत सचिव, रोजगार सहायक, मनरेगा डिप्लोमा इंजीनियर एसोसिएशन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास अभियंता संघ, मनरेगा अधिकारी कर्मचारी संघ, जिला जनपद पंचायत कर्मचारी संगठन, विकासखंड समन्वयक संघ, प्रधानमंत्री आवास योजना स्वच्छता मिशन अधिकारी कर्मचारी संघ, राज्य आजीविका मिशन कर्मचारी संघ, पंचायत समन्वयक अधिकारी कर्मचारी संगठन सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी संगठन भी प्रदर्शन के समर्थन में हैं।

