बच्चों की भारतीय वैक्सीन को WHO से मिला इमरजेंसी अप्रूवल
नई दिल्ली. बच्चों की भारतीय वैक्सीन कोवोवैक्स को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इमरजेंसी इस्तेमाल के लिए अप्रूवल दे दिया है। अनुमति मिलने पर सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के (एसआईआई) के सीईओ अदार पूनावाला ने खुशी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि इससे कोरोना के खिलाफ जारी लड़ाई को मजबूती मिलेगी। अमेरिकी कंपनी नोवावैक्स के फॉर्मूले पर बनी यह वैक्सीन 12 से 17 साल के बच्चों पर कारगर है। भारत में इसे अदार पूनावाला की कंपनी तैयार कर रही है।
100 करोड़ खुराक का उत्पादन किया जाएगा
नोवावैक्स और भारत की कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने साल में कोरोना वैक्सीन के 200 करोड़ खुराक तैयार करने का करार किया है। अगस्त में यह डील साइन की गई थी। समझौते के मुताबिक कम और मध्यम आय वाले देशों और भारत के लिए कम से कम 100 करोड़ खुराक का उत्पादन किया जाएगा।
दुनिया के 91 देशों में फैल चुका है ओमिक्रॉन
शुक्रवार शाम हेल्थ मिनिस्ट्री के जॉइंट सेक्रेटरी लव अग्रवाल ने बताया कि कोरोना का नया वैरिएंट ओमिक्रॉन दुनिया के 91 देशों में फैल चुका है। भारत के 11 राज्यों में नए वैरिएंट के केस मिले हैं। अग्रवाल ने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक दक्षिण अफ्रीका में ओमिक्रॉन वैरिएंट डेल्टा स्ट्रेन के मुकाबले कहीं ज्यादा तेजी से पांव पसार रहा है। दूसरे शब्दों में कहें तो ओमिक्रॉन डेल्टा वैरिएंट से कहीं ज्यादा खतरनाक साबित हो रहा है। बता दें कि दक्षिण अफ्रीका में ही 24 नवंबर को ओमिक्रॉन वैरिएंट के पहले केस की पहचान की गई थी।

