दीपावली पर पूजा का पहला मुहूर्त दोपहर 3:30 से
ग्वालियर. आज दीपावली है। अमावस्या तिथि दोपहर 3:30 पर शुरू होगी, इसलिए लक्ष्मी पूजा का पहला मुहूर्त यहीं से शुरू होगा। अगले दिन सुबह 5.25 तक लक्ष्मी पूजन कर सकते हैं। कुल 8 मुहूर्त रहेंगे।
समुद्र मंथन से लक्ष्मी आई
जब देवताओं और दैत्यों ने समुद्र मंथन किया, तो उसमें से 14 रत्न निकले। उन्हीं में से एक थीं देवी लक्ष्मी। मान्यता है कि लक्ष्मी पहले भी मौजूद थीं, लेकिन किसी बात से नाराज होकर वे समुद्र में छिप गईं। करीब 1000 साल बाद वे समुद्र मंथन के जरिए फिर निकलीं। उस दिन कार्तिक मास की अमावस्या थी। देवी लक्ष्मी के प्रकट होने के इस दिन को उत्सव के रूप में मनाया गया। यही कारण है कि कार्तिक अमावस्या पर हम दीपावली का त्योहार लक्ष्मी पूजा करके मनाते हैं।
दीपावली पूजा में आमतौर पर कमल पर बैठी लक्ष्मी जी की तस्वीर की पूजा होती है। देवी लक्ष्मी के रूपों के बारे में अलग-अलग मान्यता है। जानकारों का कहना है कि जिस फोटो में देवी खड़ी हैं, उस रूप की पूजा नहीं करनी चाहिए। साथ ही ये भी कहा जाता हे कि उल्लू पर बैठी लक्ष्मी की पूजा भी नहीं करनी चाहिए।


