Uncategorized

जेयू में चल रहे भ्रष्टाचार के विरोध दंडवत करते हुए विश्ववि़ालय पहुंचे, मटका फोड़ कराया मुण्डन

ग्वालियर. जीवाजी विश्वविद्यालय में हो रहे भ्रष्टाचार के खिलाफ पूर्व मानसेवी शिक्षक अरूण शर्मा ने अनोखा प्रदर्शन किया। दोपहर में 39 डिग्री तापमान के बीच तपती धूप में वह दंडवत करते हुए कुलपति निवास से जीवाजी विश्वविद्यालय तक पहुंचे। रास्तें में उन्होंने सड़क पर लेटकर लुढ़कते हुए भी यात्रा की । विश्वविद्यालय पहुंचने के बाद उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से भ्रष्टाचार का मटका फोड़ा और मुण्डन करवाकर विरोध दर्ज कराया। उनके इस अनोखे प्रदर्शन की शहर भर चर्चा हो रही है, इस बारे में अरूण शर्मा का कहना है। जेयू अब भ्रष्टाचार का गढ़ बन चुका है, न तो कुछ कुछ देख रहा है, न ही किसी की सुनवाई हो रही है। इसी वजह से मुझे ऐसा प्रदर्शन करना पड़ रहा है।
इस अनियमितता को लेकर पूर्व मानसेवी शिक्षक डॉ. अरूण शर्मा ने मोर्चा खोल दिया है। गुरूवार को उन्होंने विश्वविद्यालय में व्याप्त घोटालों के खिलाफ अनोखा आन्दोलन शुरू किया। वह सबसे पहले कुलपति निवास पहुंचे। जोकि विश्वविद्यालय के लगभग 400 मीटर की दूरी स्थ्सित है। वहां से वह कड़कड़ाती धूप में सड़क पर दंडवत करते हुए और बीच-बीच में लुढ़कते हुए विश्वविद्यालय परिसर तक पहुंचे। जीवाजी विश्वविद्यालय में मान्यता के नाम पर लगातार घोटाले उजागर हो रहे हैं। इस बार विश्वविद्यालय ने 416 निजी कॉलेजों को संबद्धता दी है, जिनमें कुल 1 लाख 80 हजार छात्र दर्ज हैं। हैरानी की बात यह है कि इन 416 कॉलेजों में सिर्फ 14 में ही प्राचार्य नियुक्त हैं और छात्रों को पढ़ाने के लिए कुल मिलाकर केवल 31 प्रोफेसर हैं।
यह आंकड़े बताते हैं कि भ्रष्टाचार किस हद तक है
पूर्व मानसेवी शिक्षक अरुण शर्मा का कहना है कि यह आंकड़े बताते हैं कि ग्वालियर चंबल अंचल में शिक्षा माफिया का मकड़जाल फैला हुआ है। अंचल में जीवाजी यूनिवर्सिटी से मान्यता प्राप्त 416 कॉलेजों में से अधिकांश फर्जी तरीके से कागजों पर संचालित हो रहे हैं। जीवाजी विश्वविद्यालय के प्रोफेसर्स और अधिकारी मिलीभगत करके इन कॉलेजों को मान्यता दिलाते हैं। कॉलेज संचालक कागजों पर बाहरी राज्यों के छात्रों को कॉलेज में प्रवेश देकर मोटी वसूली तो करते हैं। साथ ही, वहीं फर्जी कागजों के आधार पर सरकारी छात्रवृत्ति भी कॉलेज संचालक हड़प लेते हैं। मान्यता से लेकर छात्रवृत्ति के इस महाघोटाले में प्रशासनिक अफसरों से लेकर जीवाजी विश्वविद्यालय के प्रोफेसरों तक का हिस्सा तय रहता है। छात्र संगठन और पूर्व छात्र कहते हैं कि बीते सालों में घोटालों के खिलाफ लगातार प्रदर्शन हुए हैं। जिसके चलते कार्रवाई हुई है। पूर्व छात्रों का कहना है कि फर्जीवाड़ा के चलते छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ हो रहा है।।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

hacklink satın al coinbar coinbar giriş grandpashabet grandpashabet giriş grandpashabet güncel giriş grandpashabet grandpashabet giriş grandpashabet giriş güncel best online casinos in new zealand jasminbet jasminbet giriş meritking meritking giriş meritking güncel giriş jojobet jojobet giriş jojobet jojobet giriş meritking meritking giriş meritking güncel giriş holiganbet holiganbet giriş holiganbet güncel giriş jasminbet jojobet grandpashabet grandpashabet jojobet casibom holiganbet jojobet marsbahis grandpashabet jojobet casibom betpark alobet alobet giriş alobet güncel giriş betcio betcio giriş betcio güncel giriş perabet perabet giriş perabet güncel giriş grandpashabet grandpashabet giriş grandpashabet güncel giriş matbet matbet giriş matbet güncel giriş holiganbet holiganbet giriş holiganbet güncel giriş meritking meritking giriş meritking güncel giriş