जाबांज आरक्षक के साहस से टला गैंगवार, घासमंडी में बदमाशों के बीच खूनखराबा, समझौते के लिये मिले थे बदमाश
ग्वालियर. घासमंड़ी में सोमवार की रात में बदमाशों के बीच गैंगवार हुआ है। 2 बदमाशों के गुट आपास में एक दूसरे में भिड गये और गोलीबारी शुरू हा गयी है। इस पर पुलिस के एक जाबांज सिंपाही के साहस के सामने बदमाशें के इरादे बौने साबित हो गये। सिपाही बदमाशों के बीच में घुस गया और एक बदमाश से उसकी पिस्टल छींन ली। पिस्टल छीनने पर सिपाही ने डायल 100 में पहुंचा बदमाशों ने सिपाही को घेर लिया और पिस्टल छीनने लगे। लेकिन उससे पहले ही सिपाही कंट्रोल रूम को सूचना दे चुका था। सिपाही ने बदमाशों से संघर्ष किया और पिस्टल नहीं छीनी। इस दौरान पुलिस बल मौके पर पहुंच गया और बदमाश भाग गये। पुलिस कप्तान ने जाबांज सिपाही को 5 हजार रूपये का नगद इनाम दिया है। झगड़े में कुछ लोग घायल है। लेकिन वह कहां गये है। पुलिस को भी नहीं पता है। अभी तक कोई भी फरियादी थाने नहीं पहुंचा है।
यह है पूरा घटनाक्रम
उपनगर ग्वालियर के घासमंडी पुलिस चौकी के पास घासमंडी इलाके में सोमवार की रात अन्नी, रिंकू और उसका भाई दूसरी तरफ से बच्चा यादव व उसके साथी एकत्रित हुए थे। दोनों 3 साल पहले हुए किसी झगड़े में समझौता करने के लिए बैठे थे। पर दोनों पक्षों को एक दूसरे पर भरोसा नहीं था इसलिए वह कट्टे और पिस्टल साथ लाए थे। समझौते के दौरान दोनों पक्षों में मुंहबाद हुआ जो देखते ही देखते झगड़े में बदल गया। दोनों पक्षों ने एक दूसरे से मारपीट शुरू कर दी । इसी बीच गोलियों की आवाज घासमंडी में गूंजने लगी। घासमंडी पुलिस चौकी पर खड़ी DIAL 100 (FRV-40) में पदस्थ आरक्षक सुमित शर्मा व फिरोज खान वहीं थे। सबसे पहले उन्होंने कन्ट्रोल रूम को फसाद व गोलीबारी की खबर दी और उसके बाद झगड़े में पहुंच गए। पुलिस आरक्षक सुमित शर्मा ने अपनी जान की परवाह न करते हुए फायरिंग के बीच घुसकर एक बदमाश से उसकी पिस्टल छीन ली। जिसके बाद बदमाश उससे उलझा, लेकिन सिपाही ने पिस्टल नहीं छोड़ी और DIAL 100 की तरफ दौड़कर पिस्टल अपने कब्जे में ली। यहां उसका साथी फिरोज भी उसकी मदद के लिए खड़ा था। झगड़ा छोड़कर बदमाश सिपाही से पिस्टल छीनने आ गए। सिपाही से उनकी झूमाझटकी हुई, लेकिन सिपाही ने साफ मना कर दिया कि वह पिस्टल नहीं देगा। इसी समय फोर्स की गाड़ियों के सायरन की आवाज से घासमंडी गूंज उठी। सायरन सुनकर बदमाश भाग गए। बदमाशों में कुछ के सिर फूटे हैं, लेकिन वह किस अस्पताल में भर्ती हुए हैं यह पता नहीं चला है। न ही कोई बदमाश शिकायत करने ग्वालियर थाना आया है।
मैंने अपनी ड्यूटी की, उस वक्त वहीं सही था
मैंने अपना फर्ज निभाया है। जब मैं वहां पहुंचा तो झगड़ा हो रहा था और गोलियां चल रही थी। भीड़ में घुसकर एक बदमाश से पिस्टल छींन ली। बदमाश ने झगड़ा किया, लेकिन मुझे पता था कि क्या करना है। पिस्टल लेकर मैं वापिस डायल 100 की ओर लौटा और वहां अपने साथी की मदद से बदमाशों को रोका । इस दौरान पुलिस बल भी पहुंच गया और बदमाश भाग गये। उस वक्त जो सही था, मैंने वहीं किया।
जाबांज सिपाही को एसएसपी का इनाम
सिपाही सुमित और उसके साथी फिरोज की बहादुरी पर एसएसपी अमित सांघी ने फिरोज को शाबासी और आरक्षक सुमित शर्मा को 5 ेहजार रूपये का नगद इनाम दिया है। एसएसपी का कहना है कि पुलिसकर्मी अपनी जान पर खेलकर पिस्टल नहीं छुड़ाता तो वहां गभीर घटना हो सकती थी। उससे अन्य पुलिसकर्मियों को प्रेरणा लेनी चाहिये।

