ग्वालियर में 2000 के करीब डेंगू पॉजीटिव मिल चुके हैं, हाईकोर्ट ने जेएएच अधीक्षक, सीएमएचओ को तलब किया
ग्वालियर. मप्र हाईकोर्ट की ग्वालियर खंड पीठ के न्यायमूर्ति रोहित आर्या और न्यायमूर्ति दीपक कुमार अग्रवाल की युगल पीठ ने ग्वालियर में फैली डेंगू महामारी पर बेहद चिंता जताई, उन्होंने इस पर 12 नवंबर 2021 को जयारोग्य अस्पताल ग्वालियर के अधीक्षक और ग्वालियर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) को अपने-अपने शपथ पत्रों के साथ हाईकोर्ट में हाजिर होने के आदेश दिए है। लगातार बढ़ते डेंगू पर विस्तार से रिपोर्ट मांगी है। ग्वालियर में डेंगू पॉजिटिव की संख्या लगभग 2 हजार के करीब हो गई है जिनमें 18 साल से कम उम्र के बच्चे ज्यादा है, लगातार डेंगू संदिग्ध जेएएच ओपीडी की लाइन में खड़े नजर आ रहे हैं।
मप्र हाई कोर्ट ग्वालियर के अधिवक्ता अवधेश सिंह भदौरिया द्वारा हाईकोर्ट में स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रमुख सचिव सहित नगरीय प्रशासन मंत्रालय के प्रमुख सचिव, कलेक्टर ग्वालियर, कमिश्नर नगर निगम, अधीक्षक जयारोग्य अस्पताल ग्वालियर व मुख्य चिकित्सा अधिकारी ग्वालियर (सीएमएचओ) के खिलाफ एक अवमानना याचिका इस आशय की प्रस्तुत की कि उनके द्वारा हाईकोर्ट के समक्ष सन 2018 में डेंगू महामारी को लेकर एक जनहित याचिका प्रस्तुत की गई थी। इसमें हाई कोर्ट द्वारा 7 अगस्त 2019 को मध्यप्रदेश शासन को डेंगू महामारी की रोकथाम उपचार के लिए 10 दिशा निर्देश जारी किए थे। उनमें से किसी भी दिशा निर्देश का पालन नहीं किया गया है। इसके चलते ग्वालियर शहर सहित मध्य प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में बरसात के मौसम के पश्चात डेंगू बीमारी एक महामारी का रूप लेती जा रही है। हाईकोर्ट के आदेश का पालन ना होने पर डेंगू महामारी की रोकथाम के कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं इसलिए उक्त अधिकारियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाए।

