ग्वालियर के रामकृष्ण आश्रम के सचिव से ठगे ढाई करोड़ रूपये, 28 दिन तक डिजीटल अरेस्ट रखा
ग्वालियर. रामकृष्ण मिशन आश्रम के सचिव स्वामी सुप्रदिप्तानंद को सायबर ठगों ने 26 दिनों तक डिजीटल अरेस्ट रखा और ढाई करोड़ रूपये ठग लिये। ठगों ने उन्हें मनी लॉड्रिंग केस में फंसे होने की धमकी देकर वारदात को अंजाम दिया है।
ठग ने स्वयं को नासिक पुलिस का अधिकारी बताकर 29 दिन तक पहले सुप्रदिप्तानंद से संपर्क किया था। ठगी होने के बाद पीडि़त ने साइबर सेल से शिकायत की है। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
17 मार्च को ठग ने पहली बार फोन किया था
सुप्रदिप्तानंद को अज्ञात ठग ने 17 मार्च को मोबाइल नंबर 9730742847 से पहली बार फोन किया था। खुद को नासिक पुलिस का अफसर बताते हुए कहा कि उनके खिलाफ नासिक थाने में मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट में एफआईआर दर्ज है। जब पूछा कि किस मामले में तो कॉल करने वाले ने बताया कि नरेश गोयल को आप जानते हैं। जब उन्होंने इनकार किया तो ठग ने बताया कि नरेश गोयल मनी लॉन्ड्रिंग केस में पकड़ा गया था और उसके पास से जो अकाउंट मिला है, वह उनके नाम पर है।
ठग बोला- खाते से हुआ 20 करोड़ का लेन-देन
इसके बाद फर्जी इंस्पेक्टर ने सुप्रदिप्तानंद को कैनरा बैंक के एक अकाउंट की डिटेल भेजी जो उनके नाम पर था। अकाउंट सुप्रदिप्तानंद के आधार कार्ड से संचालित हो रहा था। इस खाते में करीब बीस करोड़ का ट्रांजैक्शन दिखाया। ठग ने इसकी पीडीएफ और स्टेटमेंट की कॉपी उनके वॉट्सऐप पर भेजी। यह खाता खुद का होने से इनकार करने और इस तरह की गतिविधि में शामिल नहीं होने की बात कहने पर ठग ने मामले की जांच करने की बात की।

