गुप्तेश्वर पहाड़ी से वनविभाग के जमीन को अतिक्रमण कराया मुक्त, 25 मकान तोड़े
ग्वालियर. एंटी माफिया एक्शन के तहत जिला प्रशासन, नगरनिगम और पुलिस ने गुप्तेश्वर पहाड़ी पर अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की है। वन विभाग की जमीन पर कुछ वर्षो में बने 25 अवैध मकानों को तोड़कर जमींदोज कर दिया गया है। अतिक्रमण से मुक्त कराई गयी जमीन की कीमत करीब 5 करोड़ रूपये बताई गयी है। अब जांच की जा रही है यह कि माफिया ने इन लोगों को मकान बनाने के लिये बेची थी।
क्या है पूरा मामला
शहर के गोल पहाड़िया स्थित गुप्तेश्वर पहाड़ी के आस पास वन विभाग की जमीन है। यहां पर लोगों ने अतिक्रमण कर अवैध मकान बना लिए थे। वन विभाग ने कई बार अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी कर बेजा कब्जा हटाने की हिदायत दी थी, लेकिन उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया। शुक्रवार को वन विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंची और JCB की सहायता से लगभग 25 अवैध मकान जमींदोज कर दिए गए। कार्रवाई का नेतृत्व SDM प्रदीप तोमर कर रहे थे। SDM के अनुसार गुप्तेश्वर पहाड़ी पर सड़क से सटी बेशकीमती जमीन पर स्थानीय लोगों ने कब्जे कर अपने मकान और झोपड़ियां बना लीं थीं। जिन्हें एंटी माफिया अभियान के तहत जमींदोज कर दिया गया है। अतिक्रमण से मुक्त कराई गई सरकारी जमीन की कीमत लगभग 5 करोड़ रुपए है। वहीं इस दौरान टीम को अतिक्रमणकर्ताओं के हल्के विरोध का भी सामना करना पड़ा। पर बड़ी संख्या में मौजूद पुलिस बल के चलते तुड़ाई कार्य में बाधा पैदा नहीं कर सके। SDM प्रदीप तोमर ने बताया है कुछ लोगों ने नोटरी बनवाकर मकान बनाए थे। ऐसे में पता लगाया जा रहा है
जिला प्रशासन बोला कि
एसडीएम ग्वालियर प्रदीप तोमर ने बताया कि पहाड़ी पर बने हुए 25 मकानों को जमींदोज कर अतिक्रमण मुक्त कराया गया है। शहर के गुप्तेश्वर मंदिर और वन विभाग की जमीन पर लोगों ने अवैध अतिक्रमण कर मकान बना लिये थे। जिनको वनविभाग और जिला प्रशासन की संयुक्त कार्यवाही की गयी है। कार्यवाही के दौरान अतिक्रमण मुक्त भूमि की कीमत 5 करोड़ से ज्यादा बताई गयी है।
वनविभाग ने बताया कि
वनविभाग के एसडीओ मनोज कटारिया ने बताया कि वन विभाग की जमीन पर काफी पुराना कब्जा था। 2011 से नोटिस दिये जा रहे थे। इस बार आखिरी बार नोटिस दिया गया और उसके बाद अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही गयी है।

