कोविड़-19 क्या फेस्टिव सीजन में भारत में पैर पसार सकता है कोरोना के नये वैरिएंट की दस्तक, सावधानी रखें
नई दिल्ली. कोरोना संकट के बाद यह पहली बार है। जब फेस्टिव सीजन में त्योहार पूरी धूमधाम के साथ मनाये जा रहे हैं। लेकिन महामारी का खतरा फिर से मंडराने लगा है। भारत में कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ने लगे हैं। यहां तक कि महाराष्ट्र और केरल सरकार ने इसे लेकर एडवायजरी भी जारी कर दी है। दिल्ली की बात करें तो राष्ट्रीय राजधानी में सोमवार को कोविड़-19 के 61नये मामले सामने आये जबकि संक्रमण की दर 3.61 प्रतिशत रहीं गयी। संक्रमण से किसी की मौत नहीं हुई है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटे में दिल्ली में 1,689 नमूनों की कोविड-19 जांच की गयी। स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि सोमवार को जारी बुलेटिन के मुताबिक दिल्ली में कोविड-19 के उपचाराधीन मरीजों की संख्या 429 है। दिल्ली में 329 मरीज घर पर ही रहकर अपना इलाज करवा रहे हैं।
भारत में नये वैरियेंट की पहचान
मीडिया रिपोटर््स के अनुसार कोविड-19 के ओमिक्रोन वैरियेंट के नये सब वैरियेंट बीए 5.1.7 की पहचान भारत में हो चुकी है। विशेषज्ञों का कहना है कि नया वैरियेंट अन्य वैरियेंट की तुलना में तेजी से फैल रहा है। एक्सपटर््स के अनुसार लापरवाही बरतना बहुंत महंगा पड़ सकता है।
क्या है नये वैरियेंट के लक्षण
इस वैरियेंट के लक्षण वैसे तो कोविड-19 वैरियेंट की तरह ही हैं। जैसे-गले में खराश, कप, बहती नाक, कफ, लेकिन बदन दर्द इसका मुख्य लक्षण अगर किसी को लम्बे समय से शरीर में दर्द हो रहा है तो उसे कोविड टेस्ट कराने की जरूरत है। हालांकि एक्सपटर््स का यह भी कहना है कि अभी इतना डाटा उपलब्ध नहीं है। इस सब वैरियेंट के सभी लक्षणाों के बारे में बताया जा सके। फेस्टिव सीजन में बाजारों में भीड़भाड़ का माहौल है। इसकी साथ ही सर्दी के मौसम की वजह से भी यह वायरस तेजी से फैल सकता है।
घबराने की नहीं लेकिन सावधानी जरूर रखें
विशेषज्ञ मानते हैं कि नये सब वैरियेंट से इतना घबराने की जरूरत नहीं है। सावधानी बरतने पर इससे बचा जा सकता है। जरूरी है कि भीड़भाड़ वाले इलाके में जाने से लोग बचें। मास्क लगाये, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें और हाथ धोते रहें तो इस वायरस से बचा जा सकता है।

