कूनो की जमीनी हकीकत-174 किमी के सफर में मोहना से लेकर कूनो तक कोई होटल नहीं

ग्वालियर. कूनो नेशनल पार्क तक का सफर कार से कुल 174 किमी का है। सफर की शुरूआत अच्छी होती है, क्योंकि ग्वालियर से 70 किमी दूर मोहना तक बेहतर सड़कें, 4 लेन मार्ग, होटल, ढाबे सब कुछ मिलते हैं। ग्वालियर से भी रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट और बेसिक सभ सुविधायें मौजूद है। लेकिन मोहना से जैसे ही यू टर्न लेकर हम कूनो नेशनल पार्क जाने के लिये बैराड़ मार्ग को पकड़ते हैं वहीं से सफर गड्ढों से भरी सड़कों पर हिचकोले खाते हुए चलना शुरू हो जाता है। मोहना से बैराड़ तक 38 किमी का मार्ग सिकुड़कर टू लेन और कहीं-कहीं पर सिंगल लेन भी हो जाता है। इसके बाद बैराड़ से पोहरी तक कुल 22 किमी सड़क पर कच्चे मार्ग भी मिलते हैं। इस बीच रूकने के लिये कोई भी ढंग का होटल नहीं मिलता है।
स्हारा बनती हैं केवल चाय और पानी की बोतलें रखे हुए गुमटियां, बैराड़ और पोहरी दोनों ही कस्बों में छोटे बाजार हैं जो पर्यटकों को आकर्षित नहीं करते हैं। हालांकि व्यापारी बेहतर भविष्य की उम्मीद से जमीन खरीद रहे हैं।
कूनों के आसपास कोई होटल नहीं, 5 स्टार तो दूर की बात
सवाई माधौपुर में रणथंभोर आने वाले पर्यटकों के लिये 7, 5 स्टार और 3 स्टार लेवल के कई होटल हैं। वही ग्वालियर में 4 होटल थ्री स्टार लेवल के हैं। जबकि कूनो के आसपास 100 किमी के दायरे में एक भी 5 स्टार तो छोडिये, साधारण होटल भी नहीं जहां पर पर्यटक रूक सके। जिससे प्रीमियम पर्यटक वहां ठहर सकें।
जल्द दिखेंगी सुविधाएं
शिवपुरी और श्योपुर में जमीनें चिन्हित कर हस्तांतरण शुरू कर दिया है। ओपन टेंडर निकालकर निजी निवेशकों को होटल, रेस्टोरेंट बनाने के लिए जमीन देंगे। यहां जल्द अच्छी सुविधाएं दिखेंगी।
विवेक श्रोत्रिय, एडिशनल मैनेजिंग डायरेक्टर, टूरिज्म बाेर्ड

