अष्ठ महालक्ष्मी मंदिर की स्थापना दिवस पर तीन दिवसीय हवन यज्ञ, 7 मार्च को 1100 कन्याभोज 12 बजे से भंडारा-सुरेश चतुर्वेदी

ग्वालियर. जौरासी मंदिर स्थित परिसर में विराजमान अष्ठ महालक्ष्मी की स्थापना दिवस का एक वर्ष पूर्ण होने पर से बुलाये गये 11 ब्राहम्णों की टीम के द्वारा तीन दिवसीय हवन यज्ञ में बगुलामुखी, श्रीस्त्रोत महालक्ष्मी और कनकधारा के 36 हजार मंत्रों का सुबह 10 से शाम 5.30 बजे पाठ किया जा रहा है। यह हवन यज्ञ 4 से 7 मार्च तक किया जायेगा। यह हवन यज्ञ में ट्रस्ट के अध्यक्ष सुरेश चतुर्वेदी और सचिव प्रेमसिंह भदोरिया की उपस्थिति में चल रहा है।
6 मार्च की रात्रि में 8 बजे महालक्ष्मी के मंत्रों के साथ हवन यज्ञ किया जायेगा। आपको बता दें के देवी मां हवन यज्ञ का रात में ही संपन्न कराया जाता है। 7 मार्च शुक्रवार की सुबह 11 बजे से भंडारा आयोजित किया इस में लगभग 1100 कन्याओं को भोजन किया गया है। यह जानकारी जौरासी हनुमान मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष सुरेश चतुर्वेदी ने दी है।
ऐसी मान्यता है
जौरासी मंदिर में परिसर में अष्ठ महालक्ष्मी की स्थापना को लेकर ऐसी मान्यता है कि ग्वालियर-चम्बल क्षेत्र में भगवान शनिदेव व सूर्य भगवन के भव्य मंदिर है। इसलिये संतुलन व शांति के लिये महालक्ष्मी का मंदिर होना आवश्यक है। क्षेत्रवासियों की यह अभिलाषा अब पूरी हो गयी है। जौरासी हनुमान मंदिर परिसर में नवनिर्मित भव्य मंदिर में आदि लक्ष्मी यानी कि महालक्ष्मी जी के साथ लक्ष्मी जी के 8 रूप अर्थात धन लक्ष्मी धान्य लक्ष्मी, गज लक्ष्मी, सन्तान लक्ष्मी, वीर लक्ष्मी, भाग्य लक्ष्मी, विजय लक्ष्मी, और दिव्या लक्ष्मी की प्रतिमाओं की स्थापना की गयी है।
14 करोड़ रूपये की लागत हुआ निर्माण
जौरासी हनुमान मंदिर परिसर में अष्ठ महालक्ष्मी मंदिर का निर्माण श्री हनुमान जी मंदिर जौरासी न्यास द्वारा लगभग 14 करोड़ रूपये की लागत से कराया गया है। देश के सुप्रसिद्ध जौरासी हनुमान मंदिर पर आये चढ़ावे की राशि से अष्ट महालक्ष्मी मंदिर का निर्माण कराया गया है। ग्वालियर क्षेत्र के निवासी लम्बे समय से अष्ठ महालक्ष्मी मंदिर की स्थापना की प्रतीक्षा करे रहे थे।

