अफगानिस्तान में भूकंप से 800 लोगों की हुई मौत, 2500 से अधिक घायल कई गांव तबाह
नई दिल्ली. अफगानिस्तान के दक्षिण पूर्वी इलाके में रविवार-सोमवार की मध्य रात्रि का भूकंप के तेज झटके महसूस किये गये। एक सितम्बर 2025 की रात पूर्वी अफगानिस्तान के नंगरहार प्रांत में 6.0 तीव्रता का भूकंप आया है। जिससे 800 लोगों की मौत हो गयी और 2500 से अधिक लोग जख्मी हो गये। जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियासाइंसेज (जीएफजेड) के मुताबिक भूकंपका केन्द्र जलालाबाद शहर से 27 किमी दूर पूर्व में था। इसकी गहराई मात्र 10 किमी थी। भूकंप से कई गांव पूरी तरह से तबाह हो गये।
अफगान के नांगरहार जान स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता नकीबुल्लाह रहीमी ने रॉयटर्स को बताया कि भूकंप के तेज झटकों के चलते कम स कम 9 लोगों की मौत हो गयी जबकि 15 घायल है। सभी घायलों का उपचार के लिये पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। भूकंप के बाद की तस्वीरें भी सामने आयी है। जिनमें साफ दिखाई दे रहा है कि अफगानिसतान में धरती हिलने के बड़ी संख्या में घर मलबे में बदल गये। भूकंप जलालाबाद से 27 किमी दूर पूर्व उत्तरपूर्व मे 19.17.34 यूटीसी (1 सितम्बर को 12.47 पूर्वान्ह आईएसटी) पर 8 किमी की गहराई पर दर्ज किया गया है। इस भूकंप से दिल्ली-एनसीआर के लोगों में दहशत हो गयी ।नोएडा में भी भूकंप महसूस किया गया है। जिसके चलते कई लोग अपने-अपने घरों से बाहर निकल आये है। हालांकि इसमें भारत में किसी भी तरह के जानमाल के नुकसान खबर नहीं है।
भूकंप क्यों और कैसे आता है?
वैज्ञानिक रूप से समझने के लिए हमें पृथ्वी की संरचना को समझना होगा. पृथ्वी टैक्टोनिक प्लेटों पर स्थित है. इसके नीचे तरल पदार्थ लावा है और इस पर टैक्टोनिक प्लेट्स तैरती रहती हैं. कई बार ये प्लेट्स आपस में टकरा जाती हैं. बार-बार टकराने से कई बार प्लेट्स के कोने मुड़ जाते हैं और ज्यादा दबाव पड़ने पर ये प्लेट्स टूटने लगती हैं. ऐसे में नीचे से निकली ऊर्जा बाहर की ओर निकलने का रास्ता खोजती है. जब इससे डिस्टर्बेंस बनता है तो इसके बाद भूकंप आता है.
कैसे मापी जाती है तीव्रता?
भूकंप को रिक्टर स्केल पर मापा जाता है. रिक्टर स्केल भूकंप की तरंगों की तीव्रता मापने का एक गणितीय पैमाना होता है, इसे रिक्टर मैग्नीट्यूड टेस्ट स्केल कहा जाता है. रिक्टर स्केल पर भूकंप को इसके केंद्र यानी एपीसेंटर से 1 से 9 तक के आधार पर मापा जाता है. ये स्केल भूकंप के दौरान धरती के भीतर से निकली ऊर्जा के आधार पर तीव्रता को मापता है.

